भारतीय सेना गणतंत्र दिवस परेड में राइफल लटकाए रोबोट कुत्तों को दिखाएगी। 100 MULES हाल ही में शामिल, आर्मी डे पर भी धूम मचाई। ये सैनिकों की जान बचाएंगे। पूरी डिटेल्स जानें।
भविष्य का युद्ध देखिए! सेना के MULES रोबोट कुत्ते 26 जनवरी को करेंगे कमाल
भारतीय सेना के रोबोट कुत्ते: गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा भविष्य का युद्ध
आजकल सेना में नई-नई तकनीकें आ रही हैं, जो देखकर हर कोई दंग रह जाता है। 26 जनवरी 2026 को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना कुछ ऐसा लेकर आएगी, जो सबको चौंका देगा। जी हां, राइफल लटकाए रोबोट कुत्ते परेड में मार्च करेंगे। ये कोई साइंस फिक्शन फिल्म का सीन नहीं, बल्कि हकीकत है। हाल ही में आर्मी डे परेड की रिहर्सल में इन्हें देखा गया। ये रोबोट डॉग्स, जिन्हें MULES (मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट) कहा जाता है, सैनिकों के नए साथी बन चुके हैं।
इन रोबोट कुत्तों की खासियत क्या है? ये चार पैरों वाले रोबोट हैं, जो पहाड़ी इलाकों, जंगलों और खतरनाक जगहों पर आसानी से चल सकते हैं। इनके ऊपर राइफल फिट की जा सकती है, जो दुश्मन पर नजर रखने और हमला करने में मदद करती है। सेना ने हाल ही में 100 ऐसे रोबोट शामिल किए हैं। ये सैनिकों की जान बचाते हैं, क्योंकि ये सबसे पहले आगे जाते हैं। खतरे का पता चलते ही अलर्ट करते हैं। बैटरी लाइफ 4-6 घंटे, स्पीड 5-10 किमी प्रतिघंटा। वजन 25-30 किलो, 20 किलो तक का सामान ढो सकते हैं।
गणतंत्र दिवस 2026 का थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का है। लेकिन परेड में टेक्नोलॉजी का जलवा छा जाएगा। आर्मी डे 15 जनवरी को जयपुर में हुई परेड में भी ये रोबोट कुत्ते चोरी कर ले गए। वहां ऑपरेशन सिंदूर दिखाया गया, जहां रोबोट्स ने दुश्मन कैंप पर नजर रखी। रिहर्सल वीडियो वायरल हो गए। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे, ‘भविष्य का युद्ध यहीं है।’ DRDO ने इन्हें विकसित किया। ये स्वदेशी हैं, आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक।
रोबोट कुत्तों का इतिहास थोड़ा रोचक है। दुनिया में अमेरिका की सेना ने सबसे पहले इस्तेमाल किया। Boston Dynamics के Spot रोबोट फेमस हैं। लेकिन भारत ने अपना वर्जन बना लिया। MULES खासतौर पर भारतीय इलाकों के लिए डिजाइन। LoC, LAC पर उपयोगी। बर्फीले पहाड़ों पर चलते हैं, नदियां पार करते हैं। कैमरा, सेंसर, थर्मल इमेजिंग से लैस। दुश्मन ड्रोन को डिटेक्ट कर सकते हैं। सेना के जवान कहते हैं, ‘ये थकते नहीं, शिकायत नहीं करते।’
आइए जानें इनके फायदे विस्तार से। पहला, सर्विलांस। रोबोट आगे भेजो, लाइव फीड मिले। सैनिक पीछे रहें। दूसरा, लॉजिस्टिक्स। गोला-बारूद, दवाई, खाना पहुंचाओ बिना रिस्क। तीसरा, रेस्क्यू। मलबे में फंसे सैनिक को ढूंढो। चौथा, कॉम्बैट। राइफल से गोली चला सकते हैं रिमोट कंट्रोल से। अमेरिका में ऐसे टेस्ट हो चुके। भारत में भी ट्रायल सफल।
लेकिन चुनौतियां भी हैं। बैटरी लाइफ कम। खराब मौसम में परफॉर्मेंस गिरती। दुश्मन हैक कर सकता। सेना इन पर काम कर रही। अगले साल 200 और शामिल होंगे। DRDO के साथ प्राइवेट कंपनियां बना रही।
रोबोट कुत्तों की तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स
| फीचर | विवरण |
|---|---|
| नाम | MULES (Multi-Utility Legged Equipment) |
| संख्या शामिल | 100 (2024-25) |
| वजन | 25-30 किग्रा |
| पेलोड कैपेसिटी | 20 किग्रा |
| स्पीड | 5-10 किमी/घंटा |
| बैटरी | 4-6 घंटे |
| सेंसर | थर्मल, नाइट विजन, AI कैमरा |
| हथियार | राइफल माउंट (INSAS/AR) |
इनका इस्तेमाल कहां-कहां हो रहा? गलवान जैसी झड़पों में उपयोगी। पहाड़ी पोस्ट पर सप्लाई। नक्सल इलाकों में सर्च। बॉर्डर पर पैट्रोलिंग। आर्मी डे पर जयपुर में दिखाया गया। अब रिपब्लिक डे पर दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इनके सामने से गुजरेंगी। टेबल्यू में 144 जवान संग ये मार्च करेंगे।
दुनिया की सेनाओं में रोबोटिक्स का ट्रेंड बढ़ रहा। अमेरिका के Spot 1 लाख डॉलर का। चीन ने हजारों शामिल किए। रूस यूक्रेन में यूज कर रहा। भारत पीछे नहीं। अगला स्टेप स्वॉर्म रोबोट्स। एक साथ 10-20 रोबोट अटैक। DRDO हाइपरसोनिक मिसाइल भी दिखाएगा परेड में।
भारतीय सेना की टेक जर्नी
- 2010s: ड्रोन शुरूआत।
- 2020: स्वदेशी ड्रोन।
- 2024: पहले MULES।
- 2025: 100 शामिल, परेड डेब्यू।
- 2026+: स्वॉर्म टेक।
रोबोट कुत्ते सैनिकों के लिए वरदान। पहले जवान आगे जाते, माइन ब्लास्ट में शहीद। अब रोबोट। परिवारों को सुकून। लेकिन इंसान की जगह नहीं ले सकते। हौसला, देशभक्ति ये देते हैं। टेक सपोर्ट करती है। गणतंत्र दिवस पर ये दिखेगा- भारत की ताकत।
परेड का महत्व समझें। 77वां गणतंत्र दिवस। थीम वंदे मातरम 150 साल। आर्मी, नेवी, एयरफोर्स टेबल्यू। मिसाइलें, टैंक, अब रोबोट। पर्यटक, स्कूल बच्चे देखेंगे। लाइव टेलीकास्ट दूरदर्शन पर। जयपुर आर्मी डे में 1 लाख लोग जुटे।
क्या रोबोट बेरोजगारी बढ़ाएंगे सेना में? नहीं। नई ब्रांच बनेगी- रोबोटिक्स ऑपरेटर। ट्रेनिंग शुरू। IIT, DRDO कोर्स। युवा जॉब पाएंगे।
ऐसी तकनीक से देश सुरक्षित। दुश्मन सोचेगा दो बार। LoC पर शांति। गर्व होता है देखकर। 26 जनवरी को टीवी ऑन रखना।
रोबोट कुत्तों से जुड़े रोचक फैक्ट्स
- नाम ‘संजय’ दिया कुछ को।
- पानी पार कर सकते।
- AI से सीखते।
- दुश्मन आवाज पहचानते।
- लागत 50 लाख तक।
गणतंत्र दिवस परेड अब सिर्फ मार्च नहीं, टेक शो। रोबोट कुत्ते स्टार बनेंगे। भारत उठ रहा। जय हिंद।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- रोबोट कुत्ते क्या कर सकते हैं?
ये सर्विलांस, सामान ढोना, राइफल से अटैक। खतरनाक जगहों पर सैनिकों की जगह जाते। - कब शामिल हुए सेना में?
2024-25 में 100 MULES। आर्मी डे 2026 में पहली बार दिखे। - गणतंत्र दिवस पर क्या दिखेगा?
राइफल माउंटेड रोबोट डॉग्स टेबल्यू में मार्च। DRDO मिसाइल भी। - कौन बनाता है ये रोबोट?
DRDO और प्राइवेट फर्म्स। स्वदेशी टेक। - भविष्य में कितने होंगे?
2026 में 200+। स्वॉर्म रोबोट्स आ रहे।
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