CAQM ने दिल्ली-NCR में GRAP लागू करने में गंभीर खामियां पाईं। निर्माण साइट चेकिंग 99% तक कम, सड़क सफाई 69% घाटा। स्टेज III-IV में शिकायतें 81% अनसुलझी। अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश।
GRAP उल्लंघन का ब्लैक आउट: शिकायतें 81% अनसुलझी, CAQM ने अधिकारियों पर तलवार चलाई
GRAP की धज्जियां उड़ रही: दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के प्लान पर 99% तक लापरवाही, CAQM ने फटकार लगाई
दिल्ली-NCR का आसमान फिर से जहरीला हो गया था। जनवरी के पहले हफ्ते में AQI 400 के पार चला गया, सिवियर कैटेगरी में। GRAP के स्टेज III और IV लग गए। लेकिन कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने जो रिपोर्ट जारी की, वो साफ कहती है- कागजों पर प्लान बने, जमीनी स्तर पर फेल। निर्माण स्थलों की चेकिंग में 7 से 99.6 प्रतिशत तक की कमी। सड़कों की मैकेनिकल सफाई 69 प्रतिशत घाटे में। शिकायतें सुलझाने में 81 प्रतिशत फेलियर। ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, लाखों लोगों की सेहत का सवाल हैं।
CAQM ने दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी (DPCC) और NCR राज्यों के स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड्स (SPCB) की परफॉर्मेंस रिपोर्ट्स का रिव्यू किया। GRAP मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम रोजाना चेक करता है, लेकिन स्टेज III (2 जनवरी 2025) में C&D साइट्स (500 वर्गमीटर से ऊपर) की इंस्पेक्शन में दिल्ली में 87% शॉर्टफॉल। हरियाणा NCR में 99.6%। राजस्थान NCR 84%, यूपी NCR 96%। स्टेज IV (24 दिसंबर 2025) में भी वही हाल- दिल्ली 87%, हरियाणा 100%, राजस्थान 79%, यूपी 97%। ये कमीशन ने ‘गंभीर’ बताई।
मैकेनिकल रोड स्वीपिंग में भी कोर कसर। स्टेज III में दिल्ली और हरियाणा NCR दोनों में 69% सड़कें कम झाड़ू लगीं। राजस्थान NCR में 31% घाटा, यूपी NCR ने 4% ज्यादा किया। मशीनों की डिप्लॉयमेंट में दिल्ली 59% कम, हरियाणा 13%। राजस्थान-यूपी ने नॉर्म्स से ज्यादा लगाईं। ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम सबसे कमजोर। स्टेज III में 47-71% शिकायतें अनसुलझी। स्टेज IV में दिल्ली-हरियाणा-यूपी में 68-81%। राजस्थान में भी कोई सुलझी नहीं। CAQM ने कहा- ये सिवियर+ प्रदूषण में सामूहिक प्रयासों को कमजोर करता है।
CAQM ने साफ निर्देश दिए- DPCC और SPCBs ऐसे अधिकारियों की पहचान करें जो फेल हुए, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करें। GRAP के उपाय सख्ती से बाध्यकारी हैं। दिल्ली का AQI मंगलवार को 395 पर ‘वरी पूअर’ आया, लेकिन वजीरपुर 445, आनंद विहार 444, जहांगirpुरी 443 पर सिवियर। तीन दिन सिवियर रहा। मौसम ने थोड़ी राहत दी- न्यूनतम 7.2 डिग्री, अधिकतम 24। लेकिन कोहरे ने प्रदूषण फंसा रखा।
GRAP क्या है, समझिए आसान शब्दों में। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान दिल्ली-NCR के लिए इमरजेंसी प्लान है। AQI के आधार पर चार स्टेज। स्टेज 1 (201-300): डस्ट कंट्रोल, कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पानी, वेस्ट बर्निंग बैन। स्टेज 2 (301-400): नॉन-एसेंशियल कंस्ट्रक्शन बैन, पावर प्लांट्स लिमिट। स्टेज 3 (401-450): फुल कंस्ट्रक्शन स्टॉप, डीजल जेनरेटर बैन, प्राइमरी स्कूल ऑनलाइन। स्टेज 4 (450+): ट्रक एंट्री बैन, ऑड-ईवन, ऑफिस 50% स्टाफ। लेकिन लागू कौन करे? MCD, PWD, डेवलपर्स, इंडस्ट्री। यहीं लापरवाही पकड़ी गई।
दिल्ली-NCR प्रदूषण की जड़ें गहरी। सर्दियों में उलटा हवा का फ्लो, ठंड से पार्टिकल्स जमीन पर। स्टबल बर्निंग, व्हीकल एमिशन, इंडस्ट्री, डस्ट। 2025-26 विंटर में GRAP स्टेज 4 जनवरी 17 को लगा, फिर 20 को हटाया। स्टेज 3 16 जनवरी से 22 को रिवोक। AQI 440 से 322 आया। लेकिन CAQM बोला- स्टेज 1-2 अभी लागू रहें। सुप्रीम कोर्ट ने लॉन्ग टर्म प्लान मांगे। NCAP सब NCR शहरों में लाएं।
GRAP लापरवाही के आंकड़े: राज्यवार तुलना
| पैरामीटर | दिल्ली | हरियाणा NCR | राजस्थान NCR | यूपी NCR |
|---|---|---|---|---|
| C&D इंस्पेक्शन शॉर्टफॉल (स्टेज III) | 87% | 99.6% | 84% | 96% |
| C&D इंस्पेक्शन शॉर्टफॉल (स्टेज IV) | 87% | 100% | 79% | 97% |
| रोड स्वीपिंग घाटा (स्टेज III) | 69% | 69% | 31% | -4% (ज्यादा) |
| मशीन डिप्लॉयमेंट घाटा | 59% | 13% | ज्यादा | ज्यादा |
| अनसुलझी शिकायतें (स्टेज IV) | 68-81% | 68-81% | 100% | 68-81% |
प्रमुख GRAP उपाय और उनकी स्थिति
- कंस्ट्रक्शन साइट्स: पानी स्प्रिंकलिंग, कवरिंग जरूरी। लेकिन इंस्पेक्शन ही नहीं।
- रोड स्वीपिंग: मैकेनिकल मशीनें 24/7। दिल्ली में आधी भी नहीं।
- इंडस्ट्री: क्लोज्ड फ्यूल। चेकिंग कम।
- व्हीकल: ट्रक बैन। लेकिन एमिशन हाई।
- शिकायतें: हेल्पलाइन 101, ऐप। लेकिन अनसुलझी।
कारण क्या? अधिकारियों की जवाबदेही नगण्य। फंड की कमी। पॉलिटिकल प्रेशर। कंस्ट्रक्शन लॉबी। MCD-पुलिस के बीच तालमेल जीरो। हरियाणा-यूपी में और बुरा। CAQM का कंट्रोल रूम CCTV, सैटेलाइट से चेक करता, लेकिन ग्राउंड जीरो पर फेल। सुप्रीम कोर्ट मॉनिटर करता रहता।
लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन
- NCAP: 132 शहरों में, NCR सब आइए।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल पुश।
- स्टबल मैनेजमेंट: बायो-डीकंपोजर।
- ग्रीन हाईवे।
- रियल टाइम मॉनिटरिंग।
- सिटीजन चार्टर: कारपूलिंग, मास्क। विंटर में स्टेज 1-2 हमेशा।
AQI स्टेशन अपडेट (जनवरी 2026)
- वजीरपुर: 445 (सबसे खराब)
- आनंद विहार: 444
- जहांगirpुरी: 443
- 23 स्टेशन सिवियर, 14 वरी पूअर।
समीर ऐप चेक करें रोज।
सीख और सलाह
- सुबह शाम बाहर न निकलें।
- HEPA फिल्टर, मास्क।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट।
- कंस्ट्रक्शन डस्ट कवर।
- शिकायत दर्ज करें।
CAQM सख्ती करेगा। लेकिन जिम्मेदारी सबकी।
प्रदूषण से जूझते दिल्ली-NCR को अब सिस्टम चाहिए। GRAP इमरजेंसी है, परमानेंट क्योर नहीं। 99% लापरवाही के आंकड़े शर्मनाक। अफसरों पर कार्रवाई हो, तो सुधार आए। हवा साफ हो, तब न जी सकें।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- GRAP में सबसे बड़ी लापरवाही कहां पाई गई?
कंस्ट्रक्शन साइट इंस्पेक्शन में। हरियाणा NCR में 99.6% शॉर्टफॉल। दिल्ली 87%। - मैकेनिकल रोड स्वीपिंग कैसी रही?
दिल्ली-हरियाणा में 69% घाटा। यूपी ने ज्यादा किया। मशीनें कम लगीं। - शिकायतें क्यों अनसुलझी रहीं?
स्टेज IV में 68-81%। ग्रिवांस सिस्टम कमजोर। राजस्थान 100% फेल। - CAQM ने क्या एक्शन लिया?
अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश। GRAP सख्ती बरकरार। स्टेज 3-4 हाल में हटाए। - अभी GRAP स्टेज क्या है?
जनवरी 22, 2026 को स्टेज 3 हटाया। स्टेज 1-2 लागू। AQI 322 पर वरी पूअर।
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