सहारनपुर के कौशिक विहार में सरकारी अमीन अशोक राठी ने मां, पत्नी व दो बेटों को गोली मार खुद सुसाइड कर लिया। डिप्रेशन और पुरानी कोशिशों के बाद 3 कट्टों से वारदात। वॉइस नोट में बोला- बड़ी गलती! पूरी डिटेल्स।
सहारनपुर परिवार नरसंहार: डिप्रेशन में अशोक ने पूरे परिवार को मार डाला, पड़ोसियों ने खोला राज
सहारनपुर का खौफनाक हत्याकांड: अमीन अशोक ने मां-बीवी-दो बेटों को गोली मारी, फिर खुद को भी मार लिया
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के कौशिक विहार कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक ऐसी वारदात सामने आई जिसने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। सरवाना थाना क्षेत्र के शाश्वत बिहार कॉलोनी में एक सरकारी अमीन अशोक राठी ने अपने ही घर में मां विद्यावती, पत्नी अंजलि या अंजिता, और दो नाबालिग बेटों कार्तिक व देव को सिर में गोली मार दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। सभी पांच लाशें एक ही ताले लगे कमरे में मिलीं। पुलिस को घटनास्थल से तीन देशी कट्टे बरामद हुए। पड़ोसियों ने सुबह देर होने पर दरवाजा तोड़ा तो खौफनाक मंजर सामने आया।
पुलिस की शुरुआती जांच में साफ है कि अशोक ने ही सब किया। वो डिप्रेशन से जूझ रहा था। पिता की मौत चार साल पहले हुई तो कम्पैशन ग्राउंड पर अमीन की नौकरी मिली। कोविड में बीमारी हुई, हालत बिगड़ी। चंडीगढ़ के PGI से इलाज करा रहा था। एक साल पहले भी परिवार को नींद की गोलियां खिला कर मारने की कोशिश की थी। मंगलवार रात को फिर वही किया। घर के RO के पानी में नींद की दवा मिलाई। सब गहरी नींद में सो गए। अशोक जागा रहा। सिर्फ 40 सेकंड में एक-एक कर गोली मार दी। पहले मां, फिर बीवी, दोनों बेटे। आखिर में खुद।
सबसे सनसनीखेज खुलासा हुआ अशोक के वॉइस नोट से। रात करीब 3 बजे उसने बहन मोहिनी को भेजा। बोला, ‘मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी। अब सब खत्म।’ साथ ATM कार्ड पासवर्ड शेयर किया। एक रिश्तेदार को सोशल मीडिया पर मैसेज- ‘I made a very big mistake.’ पुलिस के पास मोबाइल फोन जब्त। CCTV फुटेज, पड़ोसी पूछताछ चल रही। बाहर घुसपैठिए की थ्योरी कमजोर क्योंकि ताला बाहर से लगा। कोई दुश्मनी, कर्ज या घरेलू झगड़े की बात नहीं। पड़ोसी बोले, परिवार शांत-सुशील था।
अशोक 42 साल का था। सिंचाई विभाग में क्लर्क या अमीन। पत्नी अंजिता 37-40 साल। मां विद्यावती 70-72 साल। बड़े बेटे कार्तिक 15-16 साल, कक्षा 10-12 में। छोटा देव 13-14 साल, कक्षा 9 में। बच्चे स्कूल जाते थे। शव अशोक-अंजिता के फर्श पर, बाकी बिस्तर पर। सभी सिर या छाती में करीब से गोली। तीन कट्टे अलग-अलग कमरों में। फोरेंसिक टीम ने बैलिस्टिक सैंपल लिये। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि होगी। परिवार ने FIR नहीं लिखवाई, गांव में अंतिम संस्कार कराया।
ऐसी घटनाएं डिप्रेशन की गहराई दिखाती हैं। सहारनपुर SP ग्रामीण सागर जैन ने बताया कि अशोक लंबे समय से मानसिक तनाव में था। इलाज चल रहा था। लेकिन दवा बंद की या असर कम हुआ। परिवार को बताया नहीं। अचानक फैसला। पुलिस हर एंगल देख रही- कर्ज, नौकरी स्ट्रेस, वैवाहिक कलह। लेकिन संकेत सुसाइड की ओर। मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन चेक।
सहारनपुर में डिप्रेशन के केस बढ़ रहे। छोटे शहरों में मेंटल हेल्थ सुविधाएं कम। लोग छिपाते हैं। अशोक जैसा मिडिल क्लास आदमी भी फंस गया। नौकरी थी, परिवार था, फिर भी। पड़ोसी कहते, कभी उदास दिखा लेकिन इतना नहीं। बच्चे खुशमिजाज। स्कूल बैग अभी बिस्तर पर पड़े।
घटना के बाद कॉलोनी सन्नाटा। बच्चे डरे। लोग दरवाजे बंद। पुलिस फोरेस्टिक पूरी कर रही। DNA, फिंगरप्रिंट। लेकिन अशोक ही मुख्य संदिग्ध।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- सहारनपुर हत्याकांड कैसे हुआ?
अशोक ने RO पानी में नींद दवा डाली। सब सोए। 40 सेकंड में गोली मारी। खुद सुसाइड। - अशोक का वॉइस नोट क्या कहता?
‘बहुत बड़ी गलती कर दी। सब खत्म।’ ATM पासवर्ड बहन को भेजा। - पहले भी सुसाइड बिच?
हां, साल भर पहले नींद गोलियां दीं। डिप्रेशन से PGI इलाज। - पुलिस को क्या मिला?
3 देशी कट्टे, मोबाइल, CCTV चेक। ताला बाहर। कोई बाहरी नहीं। - परिवार की हालत?
शांत, कोई झगड़ा नहीं। अमीन नौकरी, बच्चे पढ़ते।
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