डावोस में ट्रंप-जेलेंस्की की बंद कमरे में मीटिंग के बाद जेलेंस्की बोले- यूक्रेन युद्ध खत्म करने वाले दस्तावेज लगभग तैयार। ट्रंप ने कहा अभी दूर जाना बाकी। पीस बोर्ड लॉन्च, शांति की उम्मीद।
यूक्रेन-रूस जंग का अंत नजदीक? डावोस में ट्रंप का ‘पीस बोर्ड’ लॉन्च, जेलेंस्की से डील फाइनल?
डावोस में ट्रंप-जेलेंस्की की अहम मुलाकात: यूक्रेन युद्ध खत्म करने वाले दस्तावेज ‘लगभग तैयार’
स्विट्जरलैंड के डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के साइडलाइन्स पर बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की करीब एक घंटे की बंद कमरे में बातचीत हुई। ये मीटिंग यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। जेलेंस्की ने बाद में कहा कि वॉशिंगटन के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे शांति दस्तावेज ‘लगभग, लगभग तैयार’ हैं। ट्रंप ने भी कहा कि बात अच्छी रही लेकिन अभी ‘लंबा रास्ता बाकी’ है।
यूक्रेनी प्रेसिडेंसी ने मीटिंग खत्म होने की पुष्टि की। जेलेंस्की के कम्युनिकेशन एडवाइजर ने इसे ‘अच्छी मीटिंग’ बताया। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘युद्ध खत्म होना चाहिए। बहुत सारे लोग मर रहे हैं। हम आशा करते हैं ये जल्द खत्म हो।’ जेलेंस्की ने फोरम में बोलते हुए कहा, ‘हम ट्रंप से मिले, टीमें रोज काम कर रही हैं। मुश्किल है लेकिन दस्तावेज तैयार हैं।’ उन्होंने माना कि ट्रंप से डायलॉग आसान नहीं लेकिन पॉजिटिव रहा।
ट्रंप के स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ ने कहा कि नेगोशिएशंस अब ‘एक मुद्दे’ पर सिमट गई हैं। यूरोपीय अधिकारी के हवाले से सीएनएन ने बताया ये इलाके से जुड़ा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अगला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात होगी। ‘सब चाहते हैं युद्ध खत्म हो। प्रोसेस चल रहा है।’ डावोस में ट्रंप ने अपना ‘बोर्ड ऑफ पीस’ लॉन्च किया। इसकी फाउंडिंग चार्टर साइन की। इसे गाजा रीकंस्ट्रक्शन और ग्लोबल कॉन्फ्लिक्ट सॉल्यूशन के लिए बताया। ‘बहुत एक्साइटिंग डे। हम 8 युद्ध सेटल कर रहे।’
यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि समझ लीजिए। फरवरी 2022 में रूस ने हमला किया। 4 साल बाद भी चल रहा। लाखों मरे, करोड़ों बेघर। यूक्रेन को अमेरिका-यूरोप से अरबों की मदद। ट्रंप ने हमेशा कहा- ये खत्म करो। जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बने तो बोर्ड ऑफ पीस की बात की। डावोस में 35-50 देशों ने साइनिंग में हिस्सा लिया। यूएन टाई-अप। गाजा के अलावा यूक्रेन फोकस। जेलेंस्की ने कहा यूरोप रिस्क से बच रहा। ट्रंप ने कंटिनेंट को वेक-अप कॉल दिया।
शांति डील के मुख्य पॉइंट्स क्या? विटकॉफ मॉस्को जा रहे। एक मुद्दा बचा- शायद डोनबास या जापोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट। जेलेंस्की ने दिसंबर में कहा 20-पॉइंट यूएस प्लान 90% तैयार। डोनेट्स्क के 25% हिस्से से यूक्रेन 40 किमी पीछे हटे, इकोनॉमिक जोन बने- रूस भी करे। सिक्योरिटी गारंटी और पोस्ट-वॉर फंडिंग। ट्रंप ने कहा जेलेंस्की हिचकिचा रहे, पुतिन तैयार। ‘अगर डील न हुई तो दोनों स्टुपिड।’
डावोस की अहमियत। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ग्लोबल लीडर्स का मेला। ट्रंप यहां आए तो यूक्रेन फोकस। जेलेंस्की कीव से ठंड में बिजली-पानी कटौती के बीच पहुंचे। ट्रंप ने कहा दोनों साइड डील पॉइंट पर हैं। विटकॉफ बोले, ‘सॉल्वेबल इश्यू। दोनों चाहें तो हो जाएगा।’ यूक्रेन के डिफेंस चीफ रुस्तेम उमेरोव ने यूएस टीम से इकोनॉमी, रिकवरी, सिक्योरिटी पर बात की।
ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस क्या? ग्लोबल कॉन्फ्लिक्ट रिजॉल्यूशन प्लेटफॉर्म। गाजा रीबिल्डिंग सुपरवाइज। यूएन पार्टनरशिप। ट्रंप बोले, ‘मेजर स्टेप।’ 50 देशों को इनवाइट। यूरोपीय लीडर्स इमरजेंसी समिट बुलाया। ग्रीनलैंड डील पर भी बहस- 1951 ट्रीटी रिन्यू। नाटो रूस-चीन को रोकना चाहता। ट्रंप की डिप्लोमेसी पर फोकस।
यूक्रेन की अर्थव्यवस्था तबाह। जीडीपी 30% गिरी। रिकंस्ट्रक्शन में ट्रिलियन डॉलर लगेंगे। शांति डील में फंडिंग अहम। जेलेंस्की ने कहा ट्रंप से डायलॉग चैलेंजिंग लेकिन प्रोग्रेस। विटकॉफ मॉस्को से लौटकर अपडेट देंगे। क्या पुतिन मानेगा? रूस ने कहा नेगोशिएट करने को तैयार लेकिन टर्म्स सख्त।
भारत का एंगल। पीएम मोदी ने हमेशा शांति की बात की। यूक्रेन युद्ध से ग्लोबल फूड-एनर्जी प्राइस बढ़े। भारत न्यूट्रल रहा। ट्रंप की कोशिश सफल हुई तो मोदी को क्रेडिट। डावोस में भारत के प्रतिनिधि भी थे। ग्लोबल साउथ की आवाज।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ट्रंप-जेलेंस्की मीटिंग में क्या हुआ?
डावोस में 1 घंटे बंद कमरे में बात। शांति दस्तावेज लगभग तैयार। ट्रंप बोर्ड ऑफ पीस लॉन्च। - शांति डील में क्या बचा?
एक मुद्दा- शायद टेरिटरी। विटकॉफ बोले सॉल्वेबल। मॉस्को जा रहे। - बोर्ड ऑफ पीस क्या है?
ट्रंप का नया प्लेटफॉर्म। गाजा रीबिल्ड, ग्लोबल पीस। 50 देश शामिल। - जेलेंस्की का स्टेटमेंट?
‘डॉक्स नीयर रेडी। ट्रंप से डायलॉग टफ लेकिन पॉजिटिव।’ - अगला कदम क्या?
ट्रंप-पुतिन कॉन्टैक्ट। विटकॉफ मॉस्को। यूक्रेन सिक्योरिटी गारंटी।
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