डावोस में ट्रंप ने गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ लॉन्च किया। हमास को हथियार डालने की चेतावनी दी- न डाला तो अंत। सभी बंधकों को रिहा कराया, ईरान से बात का इशारा। पूरी योजना जानें।
डावोस 2026: ट्रंप ने गाजा के लिए नया बोर्ड बनाया, ईरान से बातचीत का संकेत भी!
ट्रंप का डावोस धमाका: गाजा बोर्ड ऑफ पीस लॉन्च, हमास को साफ चेतावनी- हथियार न डाले तो खात्मा
डावोस के स्विस पहाड़ों में गुरुवार को दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा ऐलान किया जिसने मिडिल ईस्ट की राजनीति को नई दिशा दे दी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोर्म के दौरान गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का फाउंडिंग चार्टर साइन किया गया। ट्रंप खुद इसके चेयरमैन बने। उन्होंने हमास को साफ कहा- हथियार डाल दो, वरना ये तुम्हारा अंत होगा। बोर्ड को उन्होंने कभी न बना इतिहास रचने वाला बताया। 19 देशों के नेता स्टेज पर थे, 59 देशों का सपोर्ट।
ट्रंप ने कहा, ‘हमास वालों के हाथों में जन्म से राइफलें हैं। लेकिन अब शांति के लिए हथियार छोड़ना होगा। फेज 2 में ये नॉन नेगोशिएबल है।’ गाजा सीजफायर प्लान का फेज 1 सफल रहा। रिकॉर्ड ह्यूमैनिटेरियन एड पहुंचा। सभी 20 जिंदा बंधक रिहा हो गए। 28 मृतकों के शव भी परिवारों को सौंपे। अक्टूबर में प्लान लॉन्च हुआ, यूएन सिक्योरिटी काउंसिल ने यूनैनिमस अपनाया। ट्रंप बोले, ‘ये मिडिल ईस्ट में शांति है, किसी ने सोचा भी न था।’
बोर्ड का स्कोप सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं। ट्रंप ने कहा, ‘एक बार फुली फॉर्म हो गया तो जो चाहें कर सकते हैं।’ ग्लोबल कॉन्फ्लिक्ट सॉल्व करने का मिशन। लेकिन विवाद भी है। परमानेंट मेंबरशिप के लिए 1 बिलियन डॉलर। यूएन का राइवल लग रहा। रूस के पुतिन को इनवाइट, यूक्रेन इनवेजन के बावजूद। ब्रिटेन, फ्रांस जैसे सहयोगी शक में। लंदन ने साइनिंग स्किप की। लेकिन मिडिल ईस्ट के शेख-राजा जुटे- UAE, बहरीन, मोरक्को, सऊदी, कतर, इंडोनेशिया। हंगरी के ऑर्बन, अर्जेंटीना के माइली जैसे पॉपुलिस्ट दोस्त भी।
ईरान पर ट्रंप का नया रंग। ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ से उनके न्यूक्लियर प्लांट तबाह कर दिए। दो महीने में बम बनाने वाले थे। अब बोले, ‘ईरान बात करना चाहता है, हम बात करेंगे।’ सीरिया में ISIS को कुचला। अबाद बकर अल बगदादी को पहली टर्म में मारा। सीरिया प्रेसिडेंट से बात की, प्रोग्रेस हो रही। यूरोप-अमेरिका के थ्रेट कम। नाइजीरिया में क्रिश्चियन किलिंग करने वाले टेरर ग्रुप्स पर हमले। सब पहली टर्म के मिलिट्री बिल्डअप से। अब डिफेंस बजट 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा।
गाजा बोर्ड की शुरुआत कैसे हुई? अक्टूबर 2025 में ट्रंप ने परमानेंट पीस प्लान दिया। युद्ध खत्म, रिकंस्ट्रक्शन। 2027 तक ट्रांजिशनल गवर्नमेंट। फिलिस्तीन गुटों ने सपोर्ट किया। इजरायल के नेतन्याहू इनवाइट थे लेकिन नहीं आए। ICC वारंट का डर। बोर्ड गाजा रिबिल्डिंग सुपरवाइज करेगा। लेकिन चार्टर में गाजा का नाम नहीं, ग्लोबल एंबिशन। मार्को रुबियो बोले, ‘ये एक्शन बोर्ड है।’
ट्रंप का स्टाइल वही- बड़ा ऐलान, बोल्ड वर्ड्स। डावोस में बिजनेस लीडर्स के बीच पीस टॉक। बोले, ‘वर्ल्ड एक साल पहले आग में था, अब कंट्रोल में।’ नोबेल प्राइज न मिलने का गुस्सा भी बोर्ड में दिखा। यूएन फेलियर पर तंज। लेकिन क्या ये कामयाब होगा? 50 देश जॉइन करने वाले। इजिप्ट, जॉर्डन, UAE ने जॉइन कन्फर्म। कुवैत भी। लेकिन $1B फीस पर सवाल। गाजा रियल एस्टेट ग्रेट बताया। न्यू गाजा प्लान अनवील।
गाजा वार की यादें ताजा। हमास-इजरायल जंग में हजारों मरे। सीजफायर फेज 1 ने राहत दी। अब फेज 2- हमास डिसआर्म, इजरायल विड्रॉल, सिक्योरिटी। बोर्ड 2027 तक हैंडल करेगा। ट्रंप का दावा- मिडिल ईस्ट पीस। लेकिन एक्सपर्ट्स शक में। हमास डिसआर्म करेगा? ईरान बात मानेगा? बोर्ड यूएन को चैलेंज? देखना बाकी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- गाजा बोर्ड ऑफ पीस क्या है?
ट्रंप का नया ग्रुप गाजा रिबिल्डिंग और ग्लोबल पीस के लिए। 2027 तक ट्रांजिशनल। 19 देश साइन, 50+ जॉइनर। - ट्रंप ने हमास को क्या कहा?
हथियार डालो, वरना अंत। फेज 2 में नॉन नेगोशिएबल। - बंधक रिहाई का स्टेटस?
20 जिंदा सब रिहा। 28 मृत शव मिले। - ईरान पर ट्रंप का ऐलान?
टॉकीज ओपन। न्यूक्लियर साइट्स तबाह। - मेंबरशिप कॉस्ट?
परमानेंट के लिए $1 बिलियन। वॉलेंटरी लेकिन गाजा फंडिंग।
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