ईरान सरकार ने विरोध प्रदर्शनों में पहली बार 3,117 मौतें मानीं, जिनमें 2,427 ‘शहीद’। लेकिन मानवाधिकार संगठन 20,000 तक बता रहे। 300 घंटे इंटरनेट ब्लैकआउट से सच्चाई छिपी। पूरी वारदात।
ईरान क्रांति का खौफनाक सच: सरकार बोली 3,117 मरे, मानवाधिकार संगठन चीखे 20,000!
ईरान विरोध प्रदर्शन: सरकार ने माना 3,117 की मौत, लेकिन सच्चाई और भी खौफनाक
ईरान में दिसंबर के आखिर से भड़के विरोध प्रदर्शनों ने देश को हिला दिया है। सरकारी मीडिया ने बुधवार को पहली बार आधिकारिक आंकड़ा दिया- 3,117 लोग मारे गए। इनमें से 2,427 को ‘शहीद’ कहा गया, जिसमें सिक्योरिटी फोर्सेस के जवान भी शामिल। शहीदों और वेटरन्स फाउंडेशन ने कहा कि कई बाइस्टैंडर थे, कुछ प्रदर्शनकारियों को भीड़ में छिपे आतंकियों ने मारा। लेकिन मानवाधिकार संगठन इसे झूठ का पुलिंदा बता रहे। नॉर्वे की Iran Human Rights ने 3,428 मौतें वेरीफाई कीं, जबकि अनुमान 5,000 से 20,000 तक।
प्रदर्शन दिसंबर 28 को तेहरान में रियाल की कीमत गिरने से शुरू हुए। दुकानदार सड़कों पर उतरे, महंगाई से तंग। जल्दी ही ये सरकार विरोधी आंदोलन बन गया। लोग नारे लगा रहे- खामेनेई इस्तीफा दो! सिक्योरिटी फोर्सेस ने गोलीबारी की, लाठीचार्ज। आठ जनवरी को तेहरान में 217 मौतें हुईं। इंटरनेट कट 300 घंटे से ज्यादा चला, Netblocks ने कहा ये सच्चाई छिपाने की साजिश। दुनिया देख रही, डॉक्यूमेंट कर रही।
सरकार इसे ‘आतंकी दंगे’ बता रही, अमेरिका का हाथ। लेकिन HRANA ने 4,519 मौतें गिनीं- 4,251 प्रदर्शनकारी, 197 सिक्योरिटी, 35 बच्चे, 38 बाइस्टैंडर। 9,049 और जांच में। Iran International ने कहा 12,000 जनवरी 8-9 में मारे गए। Time मैगजीन ने 6,000 का अनुमान लगाया। CBS न्यूज ने 20,000 तक बोला। संडे टाइम्स ने 16,500-18,000। खामेनेई ने ‘कई हजार’ माना। ये आंकड़ों का खेल है।
इंटरनेट ब्लैकआउट ने रिपोर्टिंग रोकी। जनवरी 8 से कोई खबर बाहर नहीं। डॉक्टर्स, नर्सेज ने गुप्त बताया- शव सीधे मोर्चरी। Center for Human Rights ने 490 गिने। वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा ये कम आंकड़ा। एक Iranian अधिकारी ने Reuters को 5,000 बताया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, बासिज मिलिशिया ने दमन किया। महिलाएं आगे, ‘महसा अमिनी’ याद दिला रही।
प्रदर्शन कैसे फैले? रियाल क्रैश, महंगाई 40% से ऊपर। बेरोजगारी युवाओं में। चुनावी धांधली के आरोप। तेहरान से मशहद, इस्फहान, शीराज तक। 285 जगहों पर 2,076 गिरफ्तार। बच्चे मारे गए। UN rapporteur ने कहा 20,000+ संभव। ट्रंप ने दखल दो कहा। लेकिन ईरान ने इजरायल, विदेशी ग्रुप्स को दोषी ठहराया।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ईरान सरकार ने कितनी मौतें मानीं?
3,117, जिनमें 2,427 शहीद। सिक्योरिटी सहित। बाकी प्रदर्शनकारी या बाइस्टैंडर। - मानवाधिकार संगठनों का आंकड़ा क्या?
HRANA 4,519, Iran Intl 12,000+, UN 20,000+। इंटरनेट कट से वेरीफाई मुश्किल। - प्रदर्शन क्यों शुरू हुए?
रियाल क्रैश, महंगाई। तेहरान दुकानदारों से सरकार विरोधी बने। - इंटरनेट ब्लैकआउट का मकसद?
सच्चाई छिपाना। Netblocks ने 300+ घंटे गिना। रिपोर्टिंग रुकी। - सरकार किसे दोषी बता रही?
अमेरिका, इजरायल, आतंकी। प्रदर्शनकारियों को नहीं।
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