फरीदाबाद में 4 साल की वंशिका को पिता कृष्णा जायसवाल ने गणित होमवर्क न पूरा करने पर बेलन से पीट-पीटकर मार डाला। पहले सीढ़ी से गिरने का झूठ बोला। 6 साल के बेटे ने मां को बताया। पूरी सच्चाई।
फरीदाबाद हादसा: 4 साल की बेटी को बेलन से पीट-पीटकर मार डाला, पापा का गुस्सा होमवर्क पर फूटा
फरीदाबाद का दिल दहला देने वाला मामला: होमवर्क न पूरा करने पर पिता ने 4 साल की बेटी को बेलन से पीट-पीटकर मार डाला
हरियाणा के फरीदाबाद में एक ऐसा हादसा हुआ जिसे सुनकर हर इंसान का खून खौल जाए। बल्लभगढ़ के सेक्टर 58 में रहने वाला 31 साल का कृष्णा जायसवाल अपनी ही 4 साल की मासूम बेटी वंशिका को गणित की होमवर्क कॉपी में 1 से 50 तक नंबर न लिख पाने के गुस्से में बेलन से पीट-पीटकर मार डाल दिया। पहले तो उसने झूठ बोला कि बच्ची सीढ़ियों से गिर गई, लेकिन 6 साल के बेटे ने मां को सारी सच्चाई बता दी। पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया। ये घटना बुधवार दोपहर 12:10 से 12:30 बजे के बीच घटी।
कृष्णा जायसवाल और उसकी पत्नी रंजीता दोनों प्राइवेट फर्म में नाइट और डे शिफ्ट पर काम करते हैं। कृष्णा सुबह 6 बजे घर लौटता, बच्चों को स्कूल भेजता और दोपहर में होमवर्क चेक करता। उस दिन वंशिका होमवर्क पूरी न कर सकी। पहले थप्पड़ मारे, फिर बेलन निकाला और जोर-जोर से पीटा। आखिर में जमीन पर पटक दिया। बच्ची बेहोश हो गई। घबराया पिता उसे बल्लभगढ़ सिविल अस्पताल ले गया, डॉक्टरों से कहा सीढ़ी से फिसल गई। शाम 6:30 बजे बच्ची की मौत हो गई। लेकिन न तो पिता ने शिकायत की, न मां ने। रात 1 बजे मां ने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल की- मेरे पति ने बेटी को मार डाला।
6 साल का भाई ने सब देखा। मां को बताया कि पापा ने दीदी को बेलन से मारा। पुलिस ने मां की शिकायत और बच्चे के बयान पर केस दर्ज किया। फरीदाबाद पुलिस पीआरओ यशपाल यादव ने बताया कि पोस्टमॉर्टम में सिर पर गहरी चोटें, कई जगह फ्रैक्चर मिले। बेलन जब्त कर लिया। आरोपी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का रहने वाला। परिवार किराए के मकान में रहता था। झड़सेंटली इलाके में शिफ्ट हुए थे। पड़ोसी हैरान- इतना शांत परिवार में ये कैसे?
ये अकेला केस नहीं। भारत में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बहुत बढ़ गया है। 4 साल की उम्र में 1-50 लिखना? नर्सरी क्लास में इतना बोझ। NCRB डेटा कहता है हर साल सैकड़ों बच्चे पढ़ाई के तनाव में मरते हैं। या तो सुसाइड करते, या माता-पिता गुस्से में मार देते। 2025 में हरियाणा में 200 से ज्यादा चाइल्ड अब्यूज केस। ज्यादातर होमवर्क, मार्क्स को लेकर। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है- बच्चों पर प्रेशर कम करो, लेकिन ग्राउंड पर कुछ नहीं बदला।
माता-पिता का दबाव क्यों? समाज की होड़। अच्छे मार्क्स, अच्छा स्कूल, नौकरी। लेकिन बच्चे तैयार नहीं होते। 4 साल में मोटर स्किल्स डेवलप नहीं होतीं। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट कहते हैं- गुस्सा कंट्रोल न करना खतरनाक। नींद पूरी न हो, काम का स्ट्रेस- सब मिलकर विस्फोटक बनता। कृष्णा नाइट शिफ्ट करता था, थका हुआ होकर बच्चों को संभालता। रंजीता डे शिफ्ट। दोनों थके, लेकिन जिम्मेदारी एक-दूसरे पर।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- घटना कैसे घटी?
होमवर्क में 1-50 न लिख पाई। बेलन से पीटा, जमीन पर मारा। अस्पताल ले गया, मौत। - झूठ कैसे पकड़ा गया?
6 साल के बेटे ने मां को बताया। मां ने रात में पुलिस को कॉल किया। - आरोपी कौन?
कृष्णा जायसवाल, 31 साल। नाइट शिफ्ट वर्कर। बल्लभगढ़ रहता। - पुलिस ने क्या किया?
गिरफ्तार। हत्या का केस। बेलन जब्त। पोस्टमॉर्टम में चोटें कन्फर्म। - ऐसे केस रोकने क्या करें?
बच्चों पर प्रेशर कम। काउंसलर रखें। गुस्सा कंट्रोल ट्रेनिंग। हेल्पलाइन यूज।
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