82 साल के रिटायर्ड बैंकर नरेश मल्होत्रा से डिजिटल अरेस्ट स्कैम में 23 करोड़ लूटे गए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, सीबीआई, आरबीआई को नोटिस जारी किया। बैंक लापरवाही पर सवाल। रिफंड और नई पॉलिसी की मांग।
डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक स्कैम: 82 साल के रिटायर्ड बैंकर से लुटे 23 करोड़, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस
डिजिटल अरेस्ट स्कैम: 82 साल के बुजुर्ग बैंकर से लूटे 23 करोड़, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-सीबीआई को नोटिस जारी किया
ये कहानी किसी फिल्म से कम नहीं। दक्षिण दिल्ली के गुलमोहर पार्क में रहने वाले 82 साल के रिटायर्ड बैंकर नरेश मल्होत्रा व्हीलचेयर पर हैं। बच्चे विदेश में। एक फोन आया और पूरी जिंदगी की कमाई 22.92 करोड़ रुपये लुट गए। स्कैमरों ने खुद को मुंबई पुलिस, ईडी, सीबीआई अधिकारी बताया। एक महीने तक घर से बाहर न निकलने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में केंद्र सरकार, सीबीआई, आरबीआई और कई बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमलया बाघची की बेंच ने याचिका सुनी।
कहानी की शुरुआत 4 अगस्त 2025 को हुई। फोन आया, खुद को पुलिस अधिकारी बताया। कहा गया- ड्रग तस्करी में नाम। फिर ईडी-सीबीआई के फर्जी वीडियो कॉल आए। धमकी दी- नारकोटिक्स, टेरर फंडिंग, यहां तक कि पुलवामा अटैक से लिंक। व्हाट्सऐप पर सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज भेजे। घर से बाहर न निकलने को कहा, किसी को बताने पर जेल। डर के मारे मल्होत्रा ने अपनी सारी सेविंग्स कई बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दीं। एक महीने बाद होश आया तो 23 करोड़ गायब।
19 सितंबर 2025 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की। इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस यूनिट ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने 12.11 करोड़ रुपये कई अकाउंट्स में फ्रीज कराए। लेकिन बाकी पैसे गायब। वकील के परमेश्वर ने कोर्ट में कहा- बच्चे विदेश थे, बुजुर्ग अकेले। बैंकों की घोर लापरवाही। इतने बड़े ट्रांजेक्शन पर अलर्ट क्यों नहीं? व्हीलचेयर बुजुर्ग को बचाने की जिम्मेदारी थी।
याचिका में मांग- लूटे पैसे वापस, म्यूल अकाउंट्स होल्डर्स की पहचान। आरबीआई से बैंकिंग फ्रॉड रोकने के निर्देश। केंद्र से डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ यूनिफॉर्म नेशनल पॉलिसी। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया लेकिन डायरेक्ट मनी रिफंड प्रेयर पर कहा- कंज्यूमर फोरम जाएं। बाकी मुद्दों पर जवाब मांगा। कोटक महिंद्रा, HDFC, एक्सिस, आईसीआईसीआई, इंडसइंड, सिटी यूनियन, येस बैंक पक्षकार।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या है? फोन पर पुलिस-एजेंसी बनकर धमकाते हैं। घर में कैद कर ट्रांसफर करवाते। ज्यादातर सीनियर सिटीजन टारगेट। 2025 में भारत में साइबर फ्रॉड से 20,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान। डिजिटल अरेस्ट केस 30% बढ़े। स्कैमर ज्यादातर विदेश से, कंबोडिया, लाओस से। इंडिया में म्यूल अकाउंट्स। पुलिस ने 2025 में 500 से ज्यादा गिरफ्तार। लेकिन रोकथाम कम।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या होता है?
फर्जी पुलिस-एजेंसी कॉल से घर कैद कर पैसे ट्रांसफर करवाना। ज्यादातर बुजुर्ग टारगेट। - नरेश मल्होत्रा से कितना लूटा?
22.92 करोड़। एक महीने में कई ट्रांसफर। पुलिस ने 12.11 करोड़ फ्रीज किया। - सुप्रीम कोर्ट ने क्या किया?
केंद्र, सीबीआई, आरबीआई, बैंकों को नोटिस। पॉलिसी बनाने को कहा। रिफंड कंज्यूमर फोरम। - स्कैम रोकने का तरीका?
अनजान कॉल न मानें। 1930 डायल करें। बैंक से वेरिफाई। पुलिस फोन पर अरेस्ट नहीं। - बैंकों की क्या गलती?
बड़े ट्रांसफर पर अलर्ट न किया। म्यूल अकाउंट्स चेक न। लापरवाही।
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