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राष्ट्रपति Murmu का गणतंत्र दिवस संदेश: न्याय-अधिकार-समता-बंधुता ही भारत की आत्मा!

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President Droupadi Murmu speech
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राष्ट्रपति द्रौपदी Murmu ने 77वें गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्र को संबोधित किया। कहा- न्याय, स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा संविधान के आदर्श भारत को एकजुट रखते। आजादी के बाद लोकतंत्र की यात्रा पर जोर। 

द्रौपदी Murmu ने बताया- संविधान के ये 4 आदर्श देश को एकजुट रखते हैं

न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा: संविधान के ये आदर्श भारत को एकसूत्र में बांधते हैं- राष्ट्रपति Murmu

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी Murmu ने देशवासियों को बधाई दी। राष्ट्रपति भवन से देश-विदेश में बसे सभी भारतीयों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्श ही भारतीय गणराज्य की आत्मा हैं। संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव रखी। ये प्रावधान आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि गणतंत्र दिवस का अवसर हमें देश की यात्रा पर चिंतन करने का मौका देता है। घर-परदेश में बसे सभी भारतीय उत्साह से 26 जनवरी मना रहे। ये दिन हमें अतीत, वर्तमान और भविष्य पर सोचने को मजबूर करता। स्वतंत्रता संग्राम की शक्ति ने 15 अगस्त 1947 को भारत का भाग्य बदला। हम गुलामी की जंजीरों से आजाद हुए और खुद के राष्ट्रीय भाग्य के कर्ता-धर्ता बने।

26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से भारत डोमिनियन सिस्टम से मुक्त होकर लोकतांत्रिक गणराज्य बना। राष्ट्रपति ने कहा कि तब से हम संवैधानिक आदर्शों की ओर बढ़ रहे। भारत लोकतंत्र का जन्मस्थान है। विश्व का सबसे बड़ा गणराज्य होने के बावजूद संविधान हमारा आधार स्तंभ बना हुआ। न्याय, स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा- ये चारों मिलकर भारतीय गणराज्य का चरित्र बनाते हैं।

संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी। विविधता में एकता हमारी ताकत। लोकतंत्र संस्कृति, विश्वास और प्रथाओं की विविधता पर टिका। विविधता का जश्न समानता से जुड़ा, जिसकी रक्षा न्याय करता। स्वतंत्रता ने ये सब संभव किया। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि ये मूल्य और सिद्धांत ही हमें भारतीय बनाते हैं।

भारत की लोकतांत्रिक यात्रा की झलक
15 अगस्त 1947: स्वतंत्रता मिली, भाग्य हमारे हाथ।
26 जनवरी 1950: संविधान लागू, गणराज्य बना।
77वां गणतंत्र दिवस 2026: आदर्शों की ओर प्रगति।
आजादी के 100 साल पूरे करने को अमृत काल।

गणतंत्र दिवस का महत्व

  • संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को अपनाया।
  • 26 जनवरी इसलिए चुना क्योंकि 1930 में पूर्ण स्वराज घोषणा।
  • विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान।
  • मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक तत्व।
  • Preamble में चार आदर्श स्पष्ट।

राष्ट्रपति Murmu के प्रमुख उद्धरण

उद्धरणमहत्व
न्याय, स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा संविधान की आत्मागणराज्य का चरित्र
संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रवाद की नींव रखीएकता का आधार
हम अपने राष्ट्रीय भाग्य के कर्ता बनेस्वतंत्रता संग्राम
26 जनवरी 1950 से आदर्शों की ओर बढ़ रहेलोकतांत्रिक यात्रा

भारत के लोकतंत्र की खासियत
भारत मां गंगा की धरती है जहां प्राचीन काल से लोकतांत्रिक परंपराएं चली आ रही। ग्राम सभाओं से संसद तक। संविधान ने आधुनिक रूप दिया। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र 140 करोड़ लोगों का। हर 5 साल चुनाव। स्वतंत्र न्यायपालिका। प्रेस की आजादी। ये सब संविधान की देन।

राष्ट्रपति ने युवाओं, किसानों, वैज्ञानिकों का जिक्र किया। कहा युवा ऊर्जा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तुकार। किसान-मजदूर चुपचाप मेहनत करते। सेना, पुलिस राष्ट्र रक्षा में सजग। सभी का योगदान सराहनीय।

गणतंत्र दिवस पर परंपराएं

  • राष्ट्रपति राजपथ पर परेड लेते।
  • राज्य सम्मान, पदक वितरण।
  • सांस्कृतिक झांकियां।
  • बच्चों का भागीदारी।
  • रात में बीटिंग रिट्रीट।

संविधान के चार स्तंभ

  1. न्याय: सबको समान अधिकार।
  2. स्वतंत्रता: विचार, अभिव्यक्ति।
  3. समानता: जाति-धर्म भेदभाव नहीं।
  4. भाईचारा: एकता, अखंडता।
    ये भारत को बांधते।

अमृत काल का संदेश
आजादी के 100 साल 2047 में। अमृत काल इसकी तैयारी। राष्ट्रपति ने मौलिक कर्तव्यों का पालन करने को कहा। महात्मा गांधी याद किए- अधिकारों के साथ कर्तव्य जरूरी। विकसित भारत का सपना सबका।

राष्ट्रपति मुरmu आदिवासी पृष्ठभूमि से। पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति। उनकी बातें आम जनता से जुड़ती। ओडिशा से राष्ट्रीय स्तर। सादगी, विद्वता। गणतंत्र जैसे अवसर पर उनका संदेश प्रेरक।

गणतंत्र दिवस की तैयारियां

  • दिल्ली में भव्य परेड।
  • थीम: एकता, विविधता।
  • नए हथियार प्रदर्शन।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • देशभर उत्सव।

संविधान सभा के योगदान

  • डॉ. बीआर अंबेडकर चेयरमैन।
  • 2 साल 11 माह लगे।
  • 395 अनुच्छेद।
  • विश्व के संविधानों से प्रेरणा।
  • भारतीय भावना के अनुरूप।

राष्ट्रपति का संदेश भावी पीढ़ियों के लिए। गणतंत्र दिवस सिर्फ छुट्टी नहीं, चिंतन का अवसर। संविधान के आदर्श अपनाएं। राष्ट्रवाद मजबूत करें। एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प। जय हिंद, जय भारत।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. राष्ट्रपति Murmu ने गणतंत्र संदेश में क्या कहा?
    न्याय, स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा संविधान के आदर्श। ये भारत को एकजुट रखते।
  2. गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता?
    26 जनवरी। 1950 में संविधान लागू हुआ। 77वां 2026 में।
  3. संविधान निर्माताओं का योगदान क्या?
    राष्ट्रवाद, एकता की नींव। विविधता में एकता का आधार।
  4. स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र क्यों?
    15 अगस्त 1947 को भाग्य हमारे हाथ आया। गणराज्य की शुरुआत।
  5. राष्ट्रपति ने किसको याद किया?
    युवा, किसान, वैज्ञानिक, सेना। सभी का राष्ट्र निर्माण में योगदान।

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