शेख हसीना ने दिल्ली प्रेस क्लब से ऑडियो संबोधन में यूनुस सरकार को भ्रष्ट गद्दार बताया, बांग्लादेश ने भारत को चेतावनी दी। फरवरी चुनाव से पहले तनाव। हसीना बोलीं- हिंसा रोकें, अल्पसंख्यकों की रक्षा करें।
दिल्ली प्रेस क्लब में हसीना का ऐलान: ‘लोकतंत्र निर्वासन में, यूनुस भ्रष्ट गद्दार!’
शेख हसीना का दिल्ली से पहला संबोधन: यूनुस सरकार को गद्दार बताया, बांग्लादेश ने भारत पर जताया आक्रोश
शुक्रवार को नई दिल्ली के प्रेस क्लब में एक ऐसी घटना घटी जिसने भारत-बांग्लादेश रिश्तों में दरार डाल दी। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 17 महीने बाद पहला सार्वजनिक संबोधन दिया। ऑडियो मैसेज से उन्होंने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को निशाना बनाया। हसीना ने बांग्लादेशियों से आह्वान किया कि वे इस ‘भ्रष्ट, सत्ता लालची गद्दार’ सरकार को उखाड़ फेंकें। ये फरवरी 12 के आम चुनाव से महज तीन हफ्ते पहले हुआ। बांग्लादेश सरकार ने भारत को कड़ा संदेश दिया कि हसीना को बोलने देना ‘खतरनाक मिसाल’ है।
78 साल की हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल हो भारत भाग आईं। ढाका कोर्ट ने नवंबर में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई- उकसावे, हत्या के आदेश और अत्याचार रोकने में नाकामी के लिए। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘बांग्लादेश सरकार और जनता हैरान और सदमे में है। हत्यारी हसीना को दिल्ली में नफरत भरी स्पीच देने दिया जाना अपमान है। ये द्विपक्षीय रिश्तों को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।’
हसीना ने क्या कहा? उन्होंने यूनुस को ‘राष्ट्रीय दुश्मन’ करार दिया। बोलीं, ‘मुक्ति संग्राम की भावना से लैस राष्ट्र एकजुट हो। विदेश परस्त कठपुतली शासन को किसी भी कीमत पर उखाड़ो। शहीदों के खून से लिखे संविधान को बचाओ, स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करो।’ उन्होंने हिंसा, अराजकता खत्म करने, अल्पसंख्यकों, महिलाओं की सुरक्षा की मांग की। संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच की अपील। आरोप लगाया कि यूनुस और उसके ‘राजद्रोही साथियों’ ने साजिश रची। अब बांग्लादेश ‘आतंक का दौर’ में- लोकतंत्र निर्वासन में, मानवाधिकार कुचले, प्रेस फ्रीडम खत्म, महिलाओं पर बलात्कार, अल्पसंख्यक उत्पीड़ित।
आवामी लीग के अन्य नेता भी बोले। पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी और पूर्व विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने यूनुस पर हमला बोला। कहा बिना उनकी पार्टी के चुनाव निष्पक्ष नहीं। इवेंट ‘बांग्लादेश में लोकतंत्र बचाओ’ थीम पर। हसीना ने पांच मांगें रखीं- हिंसा रोकें, अल्पसंख्यक सुरक्षा, निष्पक्ष जांच, संविधान बहाल, चुनाव।
बांग्लादेश का पक्ष। अंतरिम सरकार ने आवामी लीग पर चुनावी हिंसा का आरोप। कहा हसीना की अपील से अशांति फैलेगी। भारत से बार-बार प्रत्यर्पण मांग चुके लेकिन अनसुना। विदेश मंत्रालय बोला, ‘राज्य संप्रभुता, अहस्तक्षेप के सिद्धांतों का उल्लंघन।’
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- हसीना ने दिल्ली से क्या कहा?
यूनुस सरकार गिराने का आह्वान। हिंसा रोकें, अल्पसंख्यक सुरक्षित करें। यूएन जांच की मांग। - बांग्लादेश ने भारत पर क्या आरोप लगाया?
हत्यारी हसीना को स्पीच का मौका देकर अपमान। रिश्ते खराब होंगे। - हसीना पर क्या सजा हुई?
ढाका कोर्ट ने अनुपस्थिति में मौत की सजा- उकसावा और अत्याचार के लिए। - यूनुस कौन हैं?
नोबेल विजेता, अंतरिम सरकार प्रमुख। हसीना को साजिश का आरोप। - चुनाव कब हैं?
12 फरवरी 2026। आवामी लीग बैन। निष्पक्षता पर सवाल।
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