पद्म पुरस्कार 2026 की पूरी लिस्ट! 131 सम्मानितों में धर्मेंद्र, रोहित शर्मा, मम्मूटी जैसे सितारे और अनसुने हीरो। पीएम मोदी की बधाई, इतिहास, महत्व और प्रेरणा की कहानियाँ। गणतंत्र दिवस स्पेशल।
पद्म विभूषण से पद्म श्री तक: 2026 के ये हीरो बदल देंगे आपकी सोच!
पद्म पुरस्कार 2026: राष्ट्र के असली हीरो जो प्रेरणा देते हैं
हर साल गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक खबर आती है जो पूरे देश को गर्व से भर देती है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पद्म पुरस्कारों की। 2026 में भी ऐसा ही हुआ। 25 जनवरी को घोषणा हुई कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 131 लोगों को पद्म सम्मान देने की मंजूरी दी है। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ट्वीट करके कहा, “उनकी उत्कृष्टता पीढ़ियों को प्रेरित करती है।” ये पुरस्कार सिर्फ नाम नहीं, बल्कि देश की सेवा, कला, खेल, विज्ञान और समाज सुधार के उन लोगों को सलाम हैं जो चुपचाप काम करते रहते हैं।
इस साल की लिस्ट में बॉलीवुड के शेर धर्मेंद्र, क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा, मलयालम सिनेमा के सुल्तान मम्मूटी जैसे बड़े नाम हैं। लेकिन सबसे खास बात ये है कि 54 से ज्यादा ‘अनसुंग हीरो’ हैं – वो लोग जो गांवों में, छोटे शहरों में रहकर बड़े बदलाव ला रहे हैं। 19 महिलाएं, 6 विदेशी या भारतीय मूल के लोग और 16 मरणोपरांत सम्मान। महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 15 विजेता, उसके बाद तमिलनाडु 13, उत्तर प्रदेश 11।
पद्म पुरस्कार क्या हैं? इतिहास और महत्व समझिए
पद्म पुरस्कार भारत के सबसे ऊंचे नागरिक सम्मानों में से एक हैं। 1954 में शुरू हुए ये पुरस्कार पद्म विभूषण (दूसरा सबसे बड़ा), पद्म भूषण और पद्म श्री के रूप में दिए जाते हैं। विभूषण ‘असाधारण सेवा’ के लिए, भूषण ‘उच्च कोटि की सेवा’ के लिए और श्री ‘किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा’ के लिए। राष्ट्रपति राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर नामांकन लेते हैं और मार्च-अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में समारोह होता है।
इनका महत्व इसलिए भी बड़ा है क्योंकि ये भारत रत्न के बाद आते हैं। हर साल 100-150 लोग चुने जाते हैं, लेकिन फोकस ‘अनसुंग हीरोज’ पर रहता है। 2026 में भी यही ट्रेंड दिखा। पीआईबी के मुताबिक, ये पुरस्कार देश की विविधता को दर्शाते हैं – कला से लेकर चिकित्सा तक।
2026 की पूरी लिस्ट: टॉप कैटेगरी वाइज देखिए
पद्म विभूषण (5 विजेता):
- धर्मेंद्र सिंह देओल (कला, मरणोपरांत) – बॉलीवुड के ही-मैन, 60 साल से दर्शकों के दिलों पर राज।
- वीएस अच्युतानंदन (लोक सेवा, मरणोपरांत) – केरल के पूर्व सीएम, गरीबों के मसीहा।
- अन्य दो प्रमुख नाम (पूरी डिटेल्स पीआईबी पर)।
पद्म भूषण (13 विजेता):
- मम्मूटी (कला) – साउथ सिनेमा के लीजेंड।
- अलका याग्निक (कला) – बॉलीवुड की प्लेबैक क्वीन।
- विजय अमृतराज (खेल) – टेनिस स्टार।
- रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर पद्म श्री पा रहे हैं, लेकिन भूषण में खेल से जुड़े नाम।
पद्म श्री की लंबी लिस्ट में रोहित शर्मा (खेल), आर माधवन (कला), प्रोसेनजित चटर्जी (कला), अंक गौड़ा (सामाजिक कार्य – फ्री लाइब्रेरी), डॉ. सुरेश हनगावादी (हेमोफीलिया केयर) जैसे नाम।
प्रमुख विजेताओं की प्रेरक कहानियाँ
- धर्मेंद्र: 90 पार उम्र में पद्म विभूषण। ‘शोले’ से ‘कुली’ तक, किसानों के बेटे ने बॉलीवुड को नया मुंह दिया। उनकी फिल्में आज भी टीआरपी लाती हैं। मरणोपरांत सम्मान उनके परिवार के लिए गर्व।
- रोहित शर्मा: टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान को पद्म श्री। मुंबई के लड़के ने क्रिकेट को बदला। आंकड़े कहते हैं, उनके नेतृत्व में भारत ने 50+ मैच जीते।
- अंक गौड़ा: कर्नाटक की महिला ने भारत की सबसे बड़ी फ्री लाइब्रेरी बनाई। लाखों बच्चों को किताबें पहुंचाईं, बिना सरकारी मदद के।
- डॉ. एसजी सुषीलम्मा: दशकों से महिलाओं-बच्चों की सेवा। ग्रामीण इलाकों में हेल्थकेयर बदला।
ऐसे कई अनसुंग हीरो हैं:
- आदिवासी कलाकार जो अपनी संस्कृति बचा रहे।
- जेनेटिसिस्ट जो बीमारियों पर रिसर्च कर रहे।
- ग्रामीण डॉक्टर जो हेमोफीलिया जैसे रोगों से लड़ रहे।
पद्म पुरस्कारों का सफर: 1954 से 2026 तक
1954 में पहला पद्म दिया गया। नेहरू काल से ये चले आ रहे। 2020-2029 में हजारों सम्मानित। कोविड के समय भी जारी रहे। 2026 में पोस्टह्यूमस 16, जो दिखाता है कि सेवा कभी खत्म नहीं होती।
इन पुरस्कारों ने समाज को कैसे बदला?
- प्रेरणा: युवा इनकी कहानियां सुनकर आगे बढ़ते।
- विविधता: हर राज्य, हर फील्ड से नाम।
- महिला सशक्तिकरण: 19 महिलाएं इस बार।
पीएम मोदी का संदेश और देश की प्रतिक्रिया
पीएम ने कहा, “ये सम्मान उनकी मेहनत का सम्मान हैं।” सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग #PadmaAwards2026। क्रिकेट फैंस रोहित के लिए जश्न मना रहे, सिनेमा लवर्स मम्मूटी-धर्मेंद्र पर।
कैसे होते हैं चयन? नामांकन प्रोसेस
राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर कोई भी नाम सुझा सकता। जूरी जांचती, विवादास्पद नाम कट जाते। 2026 के लिए 15 अगस्त 2025 तक नामांकन थे।
भविष्य में क्या उम्मीदें?
हर साल फोकस बदलता – इस बार ग्रासरूट हीरो। अगले साल शायद स्पेस, AI फील्ड से ज्यादा नाम।
अनसुंग हीरोज: वो चेहरे जो लाइमलाइट से दूर
2026 में 54 ऐसे लोग जिनका नाम पहले कभी नहीं सुना। जैसे:
उनकी कहानियां पढ़कर लगता है, असली भारत गांवों में बसता है। एक महिला ने ट्राइबल आर्ट बचाया, दूसरे ने फ्री हेल्थ कैंप लगाए। ये लोग बिना पैसे के काम करते, बस देश के लिए।
महिलाओं का योगदान: 19 सशक्त नाम
- अलका याग्निक: गाने जो दिल छू लें।
- लाइब्रेरी वाली अंक गौड़ा।
- डॉक्टर्स, टीचर्स जो समाज बदला।
ये दिखाता है भारत की बेटियां पीछे नहीं।
खेल और कला का जलवा
रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर – क्रिकेट को नया सम्मान। माधवन, प्रोसेनजित – एक्टिंग को। टेनिस के विजय अमृतराज ने विदेश में भारत का नाम रोशन किया।
राज्यों का गौरव: महाराष्ट्र टॉप क्यों?
मुंबई की वजह से सिनेमा-बिजनेस ज्यादा। लेकिन ग्रामीण महाराष्ट्र से भी नाम।
पद्म पुरस्कार: विवाद और स्पष्टीकरण
कभी-कभी ट्रोलिंग होती, लेकिन सरकार कहती – ये डिजर्विंग हैं। 2026 में कोई बड़ा विवाद नहीं।
5 FAQs
- प्रश्न: पद्म पुरस्कार 2026 कब घोषित हुए?
उत्तर: 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस से ठीक पहले। समारोह मार्च-अप्रैल में। - प्रश्न: सबसे ज्यादा पुरस्कार किस राज्य को मिले?
उत्तर: महाराष्ट्र को 15, उसके बाद तमिलनाडु 13। कुल 131। - प्रश्न: धर्मेंद्र को कौन सा पद्म मिला?
उत्तर: पद्म विभूषण, मरणोपरांत कला के लिए। - प्रश्न: रोहित शर्मा को क्या मिला?
उत्तर: पद्म श्री, क्रिकेट में योगदान के लिए। - प्रश्न: अनसुंग हीरो कितने हैं?
उत्तर: 54 से ज्यादा, ग्रासरूट लेवल पर काम करने वाले।
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