Home झारखण्ड गणतंत्र दिवस के अवसर पर उपायुक्त ने किया NIELIT के अध्ययन केंद्र का उद्घाटन
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गणतंत्र दिवस के अवसर पर उपायुक्त ने किया NIELIT के अध्ययन केंद्र का उद्घाटन

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धनबाद । 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर, धनबाद जिला प्रशासन के सहयोग से राजकीय पॉलिटेक्निक धनबाद में NIELIT के अध्ययन केंद्र का उद्घाटन धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन द्वारा किया गया।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कौशल-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने तथा डिजिटल इंडिया के विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में NIELIT Ranchi ने 8 जनवरी 2026 को Government Polytechnic Dhanbad के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत धनबाद में डिजिटल साक्षरता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रम निःशुल्क संचालित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों एवं युवाओं के कौशल विकास तथा उनकी रोज़गार-योग्यता को बढ़ावा मिलेगा।

मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार,उप विकास आयुक्त सन्नी राज, ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे,नगर आयुक्त आशीष गंगवार, धनबाद पॉलिटेक्निक के प्राचार्य राजेश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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