मुंबई से बारामती जा रहे डिप्टी CM अजित पवार के लियरजेट VT‑SSK का क्रैश लैंडिंग में भीषण हादसा, पांचों की मौत, DGCA जांच शुरू, पूरी टाइमलाइन और ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ें।
अजित पवार प्लेन क्रैश: टेकऑफ से क्रैश तक 60 मिनट में क्या-क्या हुआ?
- महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार
- दो पर्सनल स्टाफ/सिक्योरिटी (एक PSO और एक अटेंडेंट)
- दो क्रू मेंबर (पायलट इन कमांड और फर्स्ट ऑफिसर)
- सुबह 8:10 बजे – टेकऑफ
चार्टर फ्लाइट ने मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरी। फ्लाइट एक रूटीन VIP मूवमेंट थी। अजित पवार बारामती में आज कई राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, जिनमें जिला परिषद/जिला पंचायत चुनाव से जुड़े कार्यक्रम और कार्यकर्ता मीटिंग शामिल थीं। - उड़ान के दौरान
उड़ान का अधिकांश हिस्सा नॉर्मल बताया जा रहा है। फ्लाइट की ड्यूरेशन आमतौर पर 50–60 मिनट के बीच रहती है। कुछ रिपोर्ट्स और फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स का कहना है कि विमान ने बारामती एयरपोर्ट पर एप्रोच के दौरान एक से अधिक बार लैंडिंग की कोशिश की। फ्लाइटराडार जैसे प्लेटफॉर्म्स ने दावा किया कि जेट दूसरी एप्रोच पर था जब हादसा हुआ। - सुबह लगभग 8:45–9:00 बजे – लैंडिंग की कोशिश और क्रैश
जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए नीचे आ रहा था, तभी अचानक कंट्रोल खोने की बात सामने आई। शुरुआती DGCA रिपोर्ट और चश्मदीदों के मुताबिक, रनवे पर उतरने से कुछ पहले ही विमान क्रैश-लैंड हुआ और रनवे/थ्रेशहोल्ड के पास या साइड में जा गिरा। टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई। कुछ रिपोर्ट्स में लिखा है कि विमान रनवे से कुछ दूरी पहले ही जमीन से टकराया और फिर जोरदार विस्फोट हुआ। - 9:12 बजे के आसपास – अलर्ट और रेस्क्यू
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दुर्घटना के बारे में सूचना दी गई। DGCA और स्थानीय प्रशासन को तुरंत अलर्ट जारी किया गया। फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने और मलबे से शव निकालने में काफी समय लगा, क्योंकि विमान का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो चुका था।
बारामती एयरपोर्ट का हाल: रनवे बंद, फ्लाइट्स प्रभावित
हादसे के बाद बारामती एयरपोर्ट पर ऑपरेशन तुरंत रोक दिए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, रनवे पर मलबा और आग होने की वजह से आने-जाने वाली फ्लाइट्स में देरी हुई और कुछ ऑपरेशन अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिए गए। बारामती एयरफील्ड हाल ही में महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) को सौंपा गया है और एक निजी ऑपरेटर इसके संचालन में शामिल है।
चश्मदीदों की आंखों देखी
घटना स्थल के आसपास मौजूद लोगों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जैसे ही विमान नीचे आ रहा था, लग रहा था कि वो ठीक से लैंड नहीं कर पाएगा। एक चश्मदीद ने कहा, “विमान नीचे आया तो लगा कि यह शायद गिरने वाला है, और कुछ सेकंड में ही जोरदार धमाका हुआ, आग का बड़ा गुबार उठ गया।” वीडियो फुटेज में भी देखा जा सकता है कि मलबा पूरी तरह आग की लपटों में घिरा हुआ था।
DGCA की जांच: क्या-क्या देखा जाएगा?
ऐसी हर दुर्घटना की तरह इस केस में भी DGCA और संभवत: Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) विस्तृत जांच करेगी। शुरुआती जांच में आम तौर पर ये पहलू देखे जाते हैं –
- मौसम की स्थिति: क्या विजिबिलिटी या हवा की दिशा/स्पीड ने रोल निभाया?
- टेक्निकल फॉल्ट: इंजन, हाइड्रोलिक सिस्टम, नेविगेशन या फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में कोई दिक्कत?
- पायलट का निर्णय: क्या गो‑अराउंड या दूसरी एप्रोच में कोई गलती हुई?
- रनवे और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: लंबाई, सरफेस, एप्रोच पाथ, अलर्ट सिस्टम।
- मेंटेनेंस रिकॉर्ड: विमान की सर्विस हिस्ट्री, हाल की मेंटेनेंस एंट्रीज़।
जांच टीम फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) की तलाश करेगी, जो इस बात का सुराग देंगे कि आखिरी कुछ मिनटों में कॉकपिट में क्या हुआ और विमान के सिस्टम डेटा में क्या रिकॉर्ड हुआ। Learjet जैसे बिजनेस जेट्स में मॉडर्न एवियोनिक्स और सेफ्टी सिस्टम होते हैं, इसलिए डेटा से काफी क्लू मिलने की उम्मीद रहती है।
पायलट और ऑपरेटर के बारे में क्या जानकारी?
प्रारंभिक रिपोट्स के अनुसार, विमान का ऑपरेटर VSR Ventures / VSR नाम की प्राइवेट कंपनी थी, जो Learjet 45/45XR जैसे बिजनेस जेट्स ऑपरेट करती है। विमान के पायलट और को‑पायलट दोनों अनुभवी बताए जा रहे हैं, हालांकि उनकी व्यक्तिगत प्रोफाइल और उड़ान घंटों का पूरा विवरण जांच रिपोर्ट में सामने आएगा।
Learjet 45/45XR क्या है?
Learjet 45XR एक पॉपुलर बिजनेस जेट है, जिसे छोटे VIP शटल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सामान्यतः इसमें 6–8 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है। इसकी खासियत तेज स्पीड, कॉम्पैक्ट साइज और छोटे रनवे पर भी ऑपरेट करने की क्षमता है। भारत में कई कॉरपोरेट हाउसेज़ और चार्टर कंपनियाँ इस तरह के जेट्स का इस्तेमाल VIP मूवमेंट के लिए करती हैं।
हालांकि, छोटे बिजनेस जेट्स में सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन करना अत्यंत जरूरी होता है – जैसे समय पर मेंटेनेंस, अनुभवी क्रू, मौसम की सही मॉनिटरिंग और SOPs का सख्ती से पालन। यही वजह है कि हर बड़ा हादसा एविएशन रेगुलेटर को यह मौका देता है कि वो छोटे ऑपरेटरों के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की फिर से समीक्षा करे।
अजित पवार कहाँ जा रहे थे, क्या था दिन का कार्यक्रम?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार आज बारामती में कई राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह जिला परिषद/जिला पंचायत चुनाव से जुड़े चार सार्वजनिक कार्यक्रमों को संबोधित करने वाले थे और बारामती क्षेत्र में पार्टी के लिए कैंपेनिंग कर रहे थे। इसी सिलसिले में उन्होंने मुंबई से सीधे चार्टर फ्लाइट लेने का फैसला किया था।
राजनीतिक हलचल: महाराष्ट्र की सियासत को बड़ा झटका
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में दशकों से एक केंद्रीय चेहरा रहे हैं। वे कई बार उपमुख्यमंत्री रहे, फाइनेंस और पावरफुल पोर्टफोलियो संभाले और हाल के वर्षों में राज्य की सत्ताधारी गठबंधन राजनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके अचानक निधन से सिर्फ NCP ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
NCP के भीतर नेतृत्व संकट की चर्चा तेज हो जाएगी। शरद पवार कैंप, अजित पवार कैंप और अन्य गुटों के बीच ताकत का संतुलन बदल सकता है। साथ ही विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों में नई रणनीतियों पर चर्चा शुरू हो चुकी है, खासकर आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के संदर्भ में।
PM मोदी और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
हादसे की खबर सामने आने के तुरंत बाद देशभर से संवेदनाएं आने लगीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “श्री अजित पवार जी जनभावनाओं से जुड़े नेता थे। उनका प्रशासनिक अनुभव और गरीबों व वंचितों को सशक्त करने की उनकी लगन उल्लेखनीय थी। उनका असमय निधन बहुत ही चौंकाने वाला और दुखद है। उनकी परिवारजनों और असंख्य समर्थकों के प्रति संवेदना।”
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर पूरी जानकारी ली। फडणवीस ने भी अपना कोंकण रैली कार्यक्रम रद्द कर दिया और पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग शुरू की।
राज्यपाल, विपक्षी नेताओं, विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी शोक व्यक्त किया। कई जगहों पर श्रद्धांजलि सभाएँ और कैंडल मार्च की तैयारी शुरू हो गई है।
एयर सेफ्टी और चार्टर फ्लाइट्स पर बड़े सवाल
इस तरह की हाई‑प्रोफाइल दुर्घटना एक बार फिर भारत में एविएशन सेफ्टी, खासकर चार्टर और बिजनेस जेट ऑपरेशंस, पर बड़े सवाल खड़े करती है। कुछ अहम मुद्दे जो अब चर्चा में आएंगे –
- क्या VIP फ्लाइट्स के लिए अलग या ज्यादा कड़े सेफ्टी प्रोटोकॉल होने चाहिए?
- छोटे एयरफील्ड्स और रनवे वाले शहरों में लैंडिंग स्टैंडर्ड्स कितने सुरक्षित हैं?
- क्या रेगुलेटर छोटे ऑपरेटरों की नियमित ऑडिट पर्याप्त रूप से कर रहे हैं?
- पायलट ट्रेनिंग, सिम्युलेटर सेशंस और इमरजेंसी हैंडलिंग की क्या स्थिति है?
पिछले कुछ वर्षों में छोटे विमान और हेलीकॉप्टर हादसों में कई नेताओं और बिजनेस लीडर्स की जान जा चुकी है। इसलिए DGCA और एयरलाइंस दोनों के लिए यह हादसा चेतावनी की तरह है कि सेफ्टी पर कोई समझौता न हो।
बारामती और महाराष्ट्र के लोगों पर भावनात्मक असर
बारामती न सिर्फ अजित पवार का राजनीतिक गढ़ था, बल्कि उनकी पहचान भी उसी क्षेत्र से बनी। लोगों ने उन्हें दशकों से देखा, वोट दिया और उनके साथ एक व्यक्तिगत रिश्ता महसूस किया। इसलिए हादसे की खबर से बारामती और आस‑पास के इलाकों में शॉक और गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में स्वतः सन्नाटा, पार्टी ऑफिसों में शोकसभा और लोगों के चेहरे पर disbelief – “ऐसे कैसे हो सकता है?” वाली भावना।
ग्राउंड रिपोर्ट्स में दिखा कि कई कार्यकर्ता और आम लोग हादसे की जगह के पास भीड़ लगाकर खड़े रहे, उनके चेहरे पर आंसू और भारी खामोशी थी। मेडिकल टीमों ने भी बताया कि हादसे की क्रूरता देखकर स्टाफ भी भावुक हो उठा।
परिवार और पार्टी के लिए आगे की चुनौती
व्यक्तिगत स्तर पर यह अजित पवार के परिवार, उनके करीबी सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बहुत बड़ा सदमा है। अचानक हुई मौत से न तो राजनीतिक ट्रांजिशन पर कोई तैयारी हुई और न ही संगठनात्मक स्तर पर अगली पंक्ति को तैयार करने का समय मिला।
NCP और महाराष्ट्र शासन दोनों को अब दो मोर्चों पर काम करना होगा –
- एक तरफ पूरे आदर और गरिमा के साथ अंतिम संस्कार, राजकीय सम्मान, श्रद्धांजलि सभाएँ।
- दूसरी तरफ शासन, बजट, पॉलिसी और चल रहे प्रशासनिक फैसलों को बिना डिस्टर्ब किए संभालना।
यह संतुलन आसान नहीं होगा, लेकिन लोकतंत्र की मजबूती का मतलब ही यही है कि संस्थाएँ व्यक्तियों से बड़ी होती हैं, भले ही व्यक्ति कितने ही ताकतवर क्यों न हों।
आगे क्या? जांच, रिपोर्ट और जवाब की प्रतीक्षा
फिलहाल DGCA और अन्य एजेंसियाँ हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर चुकी हैं। तकनीकी टीम मलबे का निरीक्षण कर रही है, डेटा रिकॉर्डर्स की खोज कर रही है और एयरपोर्ट स्टाफ, ATC और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है।
जांच रिपोर्ट आने में कुछ हफ्ते या महीनों का समय लग सकता है, लेकिन उम्मीद यही है कि –
- हादसे की असली वजह साफ‑साफ जनता के सामने रखी जाए।
- यदि किसी स्तर पर लापरवाही रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
- भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ रोकने के लिए ठोस सेफ्टी सिफारिशें लागू की जाएँ।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर याद दिलाया कि आधुनिक तकनीक और VIP प्रोटेक्शन के बावजूद, हवा में उड़ान हमेशा जोखिम के साथ आती है और ज़रा‑सी चूक जिंदगी और मौत के बीच की दूरी खत्म कर सकती है।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: अजित पवार के विमान हादसे में कितने लोग मारे गए?
उत्तर: DGCA के मुताबिक Learjet VT‑SSK में कुल पाँच लोग सवार थे – अजित पवार, दो पर्सोनल स्टाफ और दो क्रू मेंबर – और शुरुआती जानकारी के अनुसार कोई भी जीवित नहीं बचा। - प्रश्न: विमान कहाँ से कहाँ जा रहा था और कब क्रैश हुआ?
उत्तर: विमान मुंबई से बारामती जा रहा था। उसने सुबह करीब 8.10 बजे टेकऑफ किया और लगभग 8.45–9.00 बजे के बीच बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान क्रैश‑लैंड हो गया। - प्रश्न: DGCA ने अपने बयान में क्या कहा?
उत्तर: DGCA ने कहा, “Aircraft crash landed at Baramati. Sh. Ajit Pawar, Dy. CM, Maharashtra was onboard along with 2 more personnel (1 PSO and 1 attendant) and 2 crew (PIC+FO) members. As per initial information, no person on board has survived the crash.” - प्रश्न: यह कौन सा विमान था और कौन ऑपरेट कर रहा था?
उत्तर: यह Learjet 45/45XR कैटेगरी का बिजनेस जेट था, रजिस्ट्रेशन VT‑SSK, जिसे VSR नाम की प्राइवेट कंपनी ऑपरेट कर रही थी। - प्रश्न: प्रधानमंत्री मोदी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: प्रधानमंत्री मोदी ने X पर पोस्ट कर अजित पवार को “जनता से जुड़े, जमीनी नेता” बताते हुए उनके असमय निधन को “बहुत चौंकाने वाला और दुखद” कहा और परिवार व समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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