पूर्व काँग्रेस नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी को ‘डरपोक’ कहने के बाद जान का खतरा बताया। पटना-मधुबनी घरों पर हमले के काँग्रेस आदेश का व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट शेयर। मणिकम टैगोर ने ‘गद्दार’ कहा।
पूर्व काँग्रेस नेता शकील अहमद को जान से मारने की धमकी: राहुल के आदेश का आरोप!
शकील अहमद का बम फूटा: राहुल को ‘डरपोक’ कहा तो काँग्रेस ने घर पर हमला प्लान किया?
मंगलवार को पूर्व काँग्रेस नेता शकील अहमद ने पार्टी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को ‘डरपोक’ (कायर) और असुरक्षित बताने के बाद काँग्रेस हाई कमान ने उनके पटना और मधुबनी स्थित घरों पर हमले के आदेश दिए हैं। अहमद ने X पर व्हाट्सएप मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर कर कहा, “अब मेरी जानकारी सही साबित हो गई। पुराने साथी काम आए। क्या ये राहुल जी के बिना संभव?” ये मामला बिहार की राजनीति में आग लगा रहा है।
शकील अहमद कौन हैं? राजनीतिक सफर
डॉ. शकील अहमद खान बिहार के दिग्गज काँग्रेसी रहे। 1956 में मुजफ्फरपुर जिले के बिशनपुर में जन्मे। JNU स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष (1992), SFI से शुरू कर 1999 में काँग्रेस जॉइन की। AICC सेक्रेटरी रहे।
राजनीतिक उपलब्धियाँ:
- 1985‑90, 1990‑95: बिहार विधानसभा MLA।
- 1998: मधुबनी से लोकसभा सांसद।
- 2004: केंद्रीय मंत्री (External Affairs MoS)।
- 2015: कटिहार के कदवा से MLA (काँग्रेस से)।
- 2025 बिहार चुनाव हार के बाद काँग्रेस छोड़ी।
अहमद ने राहुल पर तीखे प्रहार किए। PTI को कहा, “राहुल गांधी डरपोक और असुरक्षित हैं। सीनियर लीडर्स से ‘बॉस फीलिंग’ नहीं मिलती तो वो तानाशाही करते हैं। सिर्फ चमचे बढ़ावा देते हैं।”
व्हाट्सएप मैसेज का दावा
अहमद ने शेयर किया मैसेज: “पूर्व काँग्रेस नेता शकील अहमद राहुल गांधी पर अनुचित बयान दे रहे। हाई कमांड के निर्देश: सभी जिला/विधानसभा अध्यक्ष 27 जनवरी को उनके पुतले जलाएँ।” अहमद ने कहा, “यूथ विंग को हमले का बहाना एफिगी जलाना दिया।”
काँग्रेस का पलटवार
काँग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “गद्दार और जयचंद। हिम्मत लंबा रास्ता चलती है तो विश्वासघात चिल्लाता है।” यूथ काँग्रेस ने पटना समेत बिहार जिलों में अहमद के पुतले जलाए।
टाइमलाइन ऑफ विवाद
| तारीख | घटना |
|---|---|
| जनवरी 2025 | बिहार चुनाव हार, काँग्रेस छोड़ना |
| पिछले हफ्ते | राहुल को ‘डरपोक, तानाशाह’ कहना |
| 26 जनवरी | खतरे का दावा, व्हाट्सएप शेयर |
| 27 जनवरी | पुतले जलाए गए बिहार में |
काँग्रेस में फूट?
अहमद पूर्व मंत्री रहे, पश्चिम बंगाल इनचार्ज थे। उनका बयान पार्टी में असंतोष दिखाता। राशिद अल्वी जैसे अन्य भी राहुल पर सवाल उठा चुके। टैगोर ने इन्हें “गद्दार गिरोह” कहा। BJP ने कहा, “काँग्रेस का बदला मॉडल।”
अहमद की संपत्ति और बैकग्राउंड
2019 लोकसभा अफिडेविट: 2.33 करोड़ संपत्ति। मधुबनी में घर, दुकानें। कोई आपराधिक केस नहीं।
क्या होगा आगे?
अहमद ने पुलिस प्रोटेक्शन मांगा। विवाद बढ़ा तो काँग्रेस इमेज प्रभावित। बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले फूट।
काँग्रेस की आंतरिक लोकतंत्र बहस
अहमद ने कहा राहुल सीनियर को दरकिनार करते। पार्टी में युवा प्रमोशन पर सवाल।
5 FAQs
- प्रश्न: शकील अहमद ने राहुल पर क्या कहा?
उत्तर: ‘डरपोक, असुरक्षित, तानाशाही। सीनियर से असहज, सिर्फ चमचे बढ़ावा।’ - प्रश्न: खतरे का दावा क्या?
उत्तर: काँग्रेस ने पटना-मधुबनी घरों पर हमले/पुतला जलाने के आदेश दिए। व्हाट्सएप शेयर। - प्रश्न: शकील अहमद कौन?
उत्तर: पूर्व केंद्रीय मंत्री, मधुबनी MP, कदवा MLA, JNU SU पूर्व अध्यक्ष। - प्रश्न: काँग्रेस ने क्या कहा?
उत्तर: मणिकम टैगोर ने ‘गद्दार, जयचंद’ कहा। यूथ विंग ने पुतले जलाए। - प्रश्न: कब काँग्रेस छोड़ी?
उत्तर: 2025 बिहार चुनाव हार के बाद।
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