Home बिहार पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 143 आवेदनों की समीक्षा।
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पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 143 आवेदनों की समीक्षा।

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139 आवेदन को स्टेज-03 पर भेजने का लिया गया निर्णय।

बेतिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत जिला कार्यान्वयन समिति की बैठक जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित की गई।बैठक में पश्चिम चम्पारण जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं नगर निकायों से सत्यापन के उपरांत प्राप्त कुल 143 आवेदनों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद कुल 139 आवेदनों को योजना के अगले चरण यानी स्टेज-03 पर अग्रसारित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में स्टेज-02 पर कुल 309 आवेदन विभिन्न प्रखंडों एवं नगर निकायों में लंबित हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं गति बनाए रखें, जिससे अधिक से अधिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को इस योजना का लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।बैठक में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, विशेष कार्य पदाधिकारी सुजीत कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र रोहित राज, अग्रणी जिला प्रबंधक सतीश कुमार सहित उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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