महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में दर्दनाक मौत ने सियासत हिला दी। बारामती अंतिम संस्कार में मोदी-शाह, शरद पावर समेत दिग्गज, विकास यात्रा, NCP का भविष्य और राजनीतिक प्रभाव – पूरी कहानी।
बारामती में मातम: अजित पवार की मौत से महायुति सरकार डगमगाएगी, कौन लेगा कमान?
अजित पवार की अंतिम विदाई: बारामती में सियासत का सैलाब, विकास पुरुष की यादें
महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। 28 जनवरी 2026 की सुबह, जब बारामती एयरपोर्ट पर एक छोटा चार्टर्ड प्लेन Learjet 45 क्रैश हो गया, तो पूरे देश को झटका लग गया। उस प्लेन में सवार थे महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और NCP के चीफ अजित पवार, उर्फ अजित दादा। 66 साल के अजित पावर की ये मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़ा खालीपन छोड़ गई। वो बारामती जा रहे थे जिला परिषद चुनावों के लिए कैंपेन करने, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा। प्लेन लैंडिंग के वक्त टेबलटॉप रनवे के पास 200 मीटर दूरी पर क्रैश हो गया और आग लग गई। पांचों सवारों की मौके पर ही मौत हो गई – अजित दादा, दो पायलट, उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और एक फ्लाइट अटेंडेंट।
बारामती पुलिस ने एक्सिडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की है। ब्लैक बॉक्स रिकवर हो गया है और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने टाइम-बाउंड जांच का ऐलान किया है। CCTV फुटेज में प्लेन का बाएं तरफ झुकना दिखा, और कॉकपिट से आखिरी मैसेज “Oh shit” था। एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) डायरेक्टर जनरल जांच लीड कर रहे हैं। ये हादसा अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड पर हुआ, जहां ATC ने लैंडिंग क्लियरेंस दिया था लेकिन रिस्पॉन्स नहीं आया।
बारामती में मातम का सैलाब
बारामती, अजित दादा का कर्मा भूमि, शोक में डूब गया। उनके पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पर रखा गया, जहां हज़ारों समर्थक “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाते हुए लाइन में लगे। 29 जनवरी को सुबह 11 बजे पूर्ण राज्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। महाराष्ट्र सरकार ने 30 जनवरी तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया। सभी सरकारी भवनों पर झंडा आधा तिरंगा लहराया। भारी सिक्योरिटी लगाई गई, पड़ोसी जिलों से पुलिस बुलाई गई।
अंतिम संस्कार में कौन-कौन पहुंचे? ये देखकर सियासत के दीवारें हिल गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह, यूनियन मिनिस्टर नितिन गडकरी, बीजेपी प्रेसिडेंट नितिन नवीन। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, और सबसे चौंकाने वाली बात – चाचा शरद पवार। कैबिनेट मिनिस्टर्स, सांसद, विधायक, एक्टिविस्ट रितेश देशमुख तक पहुंचे। ये क्रॉस-पार्टी टर्नआउट अजित दादा के स्टेटस को दिखाता है। उनके बेटों ने मुखाग्नि दी।
अजित पवार: एक नजर राजनीतिक सफर पर
अजित अनंत पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को बारामती में हुआ। पिता अनंत राव पवार सोशल वर्कर थे, चाचा शरद पवार ने राजनीति की नींव रखी। अजित दादा ने 1991 में बारामती से पहली बार विधायक चुनाव जीता। 1995 से 2019 तक लगातार विधायक रहे। NCP के फाउंडर मेंबर बने। 2019 में शरद पवार के खिलाफ बगावत की, बीजेपी के साथ गठबंधन किया, 80 घंटे की सरकार बनाई जो गिर गई। फिर 2023 में NCP स्प्लिट, उनकी फैक्शन को रिकग्निशन मिला। 2024 असेंबली चुनाव में 41 सीटें जीतीं, बारामती से 8वीं बार जीत (1 लाख+ वोटों से)। डिप्टी सीएम और फाइनेंस मिनिस्टर बने। सबसे लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहे।
उनकी जिंदगी कंट्रोवर्सी से भरी रही। 2012 का 70,000 करोड़ का इरिगेशन स्कैम, सिंचाई घोटाला। बेटे पार्थ पवार की लैंड डील पर सवाल। लेकिन अजित दादा हमेशा बचे रहे, पॉलिटिकल सर्वाइवर कहलाए।
बारामती मॉडल: विकास का चेहरा
अजित दादा बारामती को इंटरनेशनल मैप पर लाना चाहते थे। उन्होंने इसे इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चरल हब बनाया। एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट शुरू किया, जो वाटर कंजर्वेशन, मॉडर्न फार्मिंग सिखाता है। माइक्रोसॉफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक, स्पॉट फर्टिलाइजेशन से क्रॉप प्रोडक्शन 20% बढ़ा, फर्टिलाइजर कॉस्ट 25% कम, वाटर 8% सेव, पोस्ट-हार्वेस्ट वेस्टेज 12% कम। मिट्टी एरोजन, केमिकल रनऑफ कम हुआ।
विद्या प्रतिष्ठान – महिलाओं के लिए एजुकेशन कैंपस। बारामती इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन (BIDA) ने इकोसिस्टम बनाया। एयरपोर्ट अपग्रेड प्लान था। पिंपरी-चिंचवड़ में फ्लायओवर, ब्रिज, वाटर सप्लाई, ड्रेनेज, MIDC एक्सपैंशन – सब उनके जमाने में। आंद्रा डैम (2004), भामा आस्कhed डैम (2014) से वाटर सप्लाई। छत्रपति शिवाजी महाम्यूजियम (750 करोड़) – महाराष्ट्र का यूनिक प्रोजेक्ट। बारामती को पुणे से आगे निकाल दिया।
परिवार: मजबूत आधार
अजित दादा की पत्नी सुनेत्रा पवार सोशल एक्टिविस्ट, बारामती टेक्सटाइल चेयरपर्सन, एनवायरनमेंटल फोरम CEO। बड़े बेटे पार्थ पवार पॉलिटिशियन, 2019 में मावल लोकसभा लड़े। छोटे बेटे जय पावर। फैमिली ट्री में शरद पवार चाचा, प्रतिभा पवार चाची।
महाराष्ट्र सियासत पर असर: बड़ा वैक्यूम
अजित दादा की मौत से NCP में लीडरशिप गैप। उनकी 41 MLA वाली फैक्शन महायुति का सपोर्ट था। बीजेपी (132), शिवसेना (57) – मैजority है लेकिन अजित के 41 जरूरी थे स्टेबिलिटी के लिए। बजट सेशन आने वाला, फाइनेंस मिनिस्टर कौन? जिला परिषद चुनाव फरवरी में – इमोशनल वोट? शरद पवार फैक्शन से रीयूनियन पॉसिबल? बीजेपी को नुकसान, वेस्टर्न महाराष्ट्र में BJP ग्रोथ रुकेगी। एनालिस्ट कहते हैं, पवार फैमिली यूनाइट होगी लेकिन MLAs अपना फ्यूचर देखेंगे।
- NCP स्प्लिट का बैकग्राउंड: 2023 में अजित ने शरद से अलग होकर बीजेपी जॉइन किया।
- महायुति स्टेबल लेकिन स्ट्रेन: सिविक इलेक्शन में टेंशन।
- फ्यूचर: पार्थ या कोई नया लीडर? शरद पावर की भूमिका?
- इकोनॉमिक इंपैक्ट: बारामती मॉडल पर सवाल।
अजित दादा की विरासत
पीएम मोदी ने कहा, “अजित दादा ने महाराष्ट्र के विकास में बड़ा योगदान दिया।” वो ग्रामीण पावर स्ट्रक्चर के शेपर थे। आयरिगेशन, इंडस्ट्री, एजुकेशन – सबमें हाथ। कठिन टास्क मास्टर, हर प्रोजेक्ट पर नजर। बारामती आज ग्लोबल नाम है उनके कारण। उनकी मौत से सियासत में वैक्यूम लेकिन यादें अमर रहेंगी।
समर्थकों की जुबानी
बारामती के किरण गुजर कहते हैं, “अजित दादा ने बेसिक सुविधाओं से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर सब बदला। शिवाजी म्यूजियम उनका ड्रीम प्रोजेक्ट।” पूर्व मेयर योगेश बेहल बोले, “पिंपरी को ग्लोबल बनाया, पुणे से आगे।” समर्थक आज भी कहते हैं, दादा अमर रहें।
5 FAQs
- अजित पवार की मौत कैसे हुई?
बारामती एयरपोर्ट पर Learjet 45 लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। ब्लैक बॉक्स से जांच चल रही है। - अंतिम संस्कार में कौन पहुंचे?
मोदी, शाह, गडकरी, फडणवीस, शिंदे, शरद पावर समेत सैकड़ों दिग्गज। राज्य सम्मान मिला। - बारामती मॉडल क्या है?
अजित पवार का विजन – एग्री, इंडस्ट्री, एजुकेशन। 20% क्रॉप बढ़ोतरी, वाटर सेव जैसे रिजल्ट्स। - NCP और महायुति पर क्या असर?
41 MLA का वैक्यूम, बजट सेशन चैलेंज, चुनावों में इमोशनल वोट। रीयूनियन पॉसिबल। - अजित पवार का राजनीतिक सफर?
1991 से 8 बार बारामती जीते, लॉन्गेस्ट डिप्टी सीएम, NCP स्प्लिट लीडर।
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