Ajit Pawar एजुकेशन: 1959 में देवलाली प्रवर जन्म, 10वीं-12वीं बरामती, मुंबई कॉलेज बीच में छोड़ा। पिता की मृत्यु, फैमिली रिस्पॉन्सिबिलिटी। फिर भी 6 बार डिप्टी सीएम, कोऑपरेटिव लीडर।
अजित पवार एजुकेशन क्वालिफिकेशन: ग्रेजुएशन अधूरा लेकिन राजनीति में पूरा जलवा
महाराष्ट्र के लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहे अजित पवार (1959-2026) की शिक्षा अक्सर चर्चा में रही। लोग जानना चाहते – ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले ये नेता ग्रेजुएट क्यों नहीं बने? जवाब है पारिवारिक जिम्मेदारी और पिता की असमय मृत्यु। फिर भी HSC तक की पढ़ाई कर 6 बार डिप्टी सीएम बने।
प्रारंभिक शिक्षा: देवलाली प्रवर से बरामती
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवर में जन्म। प्राइमरी-सेकेंडरी (10वीं) यहीं पूरी। HSC (12वीं) बरामती के महाराष्ट्र एजुकेशन सोसाइटी हाई स्कूल से 1973-74 में पास। ग्रामीण माहौल में सरस्वती पूजा, खेलकूद के साथ पढ़ाई।
12वीं के बाद मुंबई कॉलेज में अंडरग्रेजुएट कोर्स शुरू। लेकिन पिता की अचानक मृत्यु ने सब बदल दिया। फैमिली रिस्पॉन्सिबिलिटी लेने बरामती लौटना पड़ा। ग्रेजुएशन बीच में छूटा।
सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता: HSC
आधिकारिक रूप से 12वीं ही हाईएस्ट क्वालिफिकेशन। B.Com जैसी डिग्री की अफवाहें गलत। राजनीति में आने से पहले कोऑपरेटिव वर्क का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस।
राजनीति में एंट्री: 1982 से सत्ता
बरामती लौटकर कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री बोर्ड में चुने गए। 1991 में पुणे डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन। बारामती से 7 बार विधायक। लोकसभा भी लड़े (शरद पवार के लिए सीट छोड़ी)।
अजित पवार के राजनीतिक पद टेबल
| पद | कार्यकाल | खास उपलब्धि |
|---|---|---|
| डिप्टी सीएम (6 बार) | 1999-2026 | सबसे लंबे समय तक सेवा |
| फाइनेंस मिनिस्टर | कई बार | महाराष्ट्र बजट प्रेजेंट |
| विपक्ष नेता | विधानसभा | NCP स्प्लिट लीडर |
| बारामती विधायक (7 बार) | 1991-2024 | अजित पावर का गढ़ |
सुनetra अजित पवार ने B.Com (1983) डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी से। S.B. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, औरंगाबाद। राज्यसभा सांसद।
- ग्रामीण कनेक्शन: किसानों की भाषा समझते।
- कोऑपरेटिव एक्सपीरियंस: शुगर, बैंकिंग प्रैक्टिकल नॉलेज।
- पवार फैमिली: शरद पवार के भतीजे।
- बरामती मॉडल: डेवलपमेंट का नमूना।
- संगठन क्षमता: NCP स्प्लिट मैनेज।
अजित पवार उदाहरण – डिग्री जरूरी नहीं अगर street smartness हो। लेकिन क्रिटिक्स कहते – हाईएस्ट पॉलिटिकल पद के लिए ग्रेजुएशन न्यूनतम होना चाहिए।
| वर्ष | शिक्षा/मील का पत्थर |
|---|---|
| 1959 | देवलाली प्रवर जन्म |
| 1973-74 | HSC – बरामती हाई स्कूल |
| 1974-77 | मुंबई कॉलेज (अधूरा) |
| 1982 | कोऑपरेटिव बोर्ड में एंट्री |
| 1991 | पहली बार विधायक |
संदेश: शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं
अजित पवार साबित करते – ग्रेजुएशन न होने पर भी 40+ साल की राजनीतिक यात्रा, लाखों किसानों का भरोसा। प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस > थ्योरेटिकल डिग्री।
5 FAQs
1. अजित पवार ग्रेजुएट थे?
नहीं, सिर्फ 12वीं पास।
2. कॉलेज क्यों छोड़ा?
पिता की मृत्यु, फैमिली responsibility।
3. सबसे ऊंची डिग्री?
HSC (12वीं)।
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