अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के बाद पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई डेप्युटी सीएम बनने वाली हैं। 31 जनवरी को शपथ, NCP चीफ का भी दावा। जानिए उनकी जिंदगी, काम और राजनीतिक सफर की पूरी कहानी।
महाराष्ट्र की पहली महिला डेप्युटी सीएम सुनेत्रा? शरद पवार गुट से भिड़ने की तैयारी?
सुनेत्रा पवार कौन हैं? अजित पवार की पत्नी से महाराष्ट्र की संभावित डेप्युटी सीएम तक का सफर
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों बड़ा हड़कंप मचा हुआ है। 28 जनवरी 2026 को बरमती एयरपोर्ट के पास हुए प्लेन क्रैश में डेप्युटी सीएम अजित पावर की मौत हो गई। ये खबर पूरे राज्य को सदमे में डाल गई। लेकिन अब उसी सदमे से उबरते हुए NCP के सीनियर लीडर्स ने अजित की पत्नी सुनेत्रा पावर को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। न्यूज चैनल्स के मुताबिक, सुनेत्रा 31 जनवरी को शाम 5 बजे राजभवन में शपथ लेंगी। वो महाराष्ट्र की पहली महिला डेप्युटी सीएम बनेंगी।
ये खबर सुनकर कई सवाल उठ रहे हैं। सुनेत्रा पावर कौन हैं? राजनीति में उनका कोई पुराना अनुभव है क्या? अजित पावर जैसे दिग्गज की जगह वो कैसे संभालेंगी? आइए, उनकी जिंदगी के हर पहलू को करीब से देखते हैं। ये कहानी है एक साधारण लड़की की, जो राजनीतिक परिवार में शादी करके सोशल वर्कर बनीं और अब शायद NCP की कमान संभालेंगी।
सुनेत्रा पावर का जन्म और शुरुआती जीवन
सुनेत्रा का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को उस्मानाबाद (अब धाराशिव) में हुआ। ये इलाका मराठा राजनीति का गढ़ रहा है। उनके पिता बाजीराव पाटिल स्थानीय लीडर थे। भाई पद्मसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में विधायक बने और बड़ा नाम कमाया। घर का माहौल राजनीति से भरा था, लेकिन सुनेत्रा ने पढ़ाई पर फोकस किया।
उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर (पहले औरंगाबाद) के एसबी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से 1983 में बीकॉम किया। पढ़ाई के बाद 1985 में अजित पावर से शादी हो गई। अजित तब से ही बरमती के उभरते लीडर थे। शादी के बाद सुनेत्रा बरमती आ गईं और पावर परिवार की बहू बन गईं। लेकिन वो कभी सिर्फ़ घर संभालने वाली बीवी नहीं रहीं। उन्होंने अपना अलग मुकाम बनाया।
बरमती का गढ़ और सोशल वर्क की शुरुआत
बरमती महाराष्ट्र का वो इलाका है, जहां पावर परिवार का राज चलता है। अजित पावर ने यहां विकास के कई प्रोजेक्ट चलाए। लेकिन सुनेत्रा ने ग्रामीण स्तर पर काम शुरू किया। सबसे पहले पावर परिवार के पैतृक गांव कठेवाडी से शुरुआत की। वहां खुले में शौच की समस्या थी। सुनेत्रा ने सफाई अभियान चलाया। लोगों को घर-घर टॉयलेट बनाने के लिए प्रेरित किया।
नतीजा ये हुआ कि 2006 में कठेवाडी को केंद्र सरकार का ‘निर्मल ग्राम’ अवॉर्ड मिला। बस यहीं से सुनेत्रा का सफर शुरू हुआ। उन्होंने गांव को इको-विलेज बनाया। सोलर लाइट्स लगवाईं, बायोगैस प्लांट बनवाए, कचरा मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया। ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया। संत गाडगेबाबा स्वच्छता अभियान के तहत गांव को और सम्मान मिला। आज कठेवाडी मॉडल गांव है। सुनेत्रा को लोग ‘वाहिणी’ कहते हैं।
बारमती हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क: महिलाओं के लिए नया द्वार
सुनेत्रा का सबसे बड़ा कमाल है 2008 में शुरू हुआ बारमती हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क। 65 एकड़ में फैला ये पार्क वीविंग, गारमेंट मेकिंग और प्रिंटिंग यूनिट्स का हब है। यहां 15,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। सुनेत्रा खुद चेयरपर्सन हैं। इस पार्क ने बरमती तालुका की हजारों महिलाओं को नौकरी दी। वो घर से निकलकर आत्मनिर्भर बनीं।
सुनेत्रा ने पर्यावरण फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) भी चलाया। आंखों के कैंप लगाए, कंजर्वेशन वर्क किया। ये सब काम उन्हें राजनीति से दूर रखते हुए लोकप्रिय बनाया। लोग कहते हैं, अजित 24 घंटे एडमिनिस्ट्रेशन में लगे रहते थे, सुनेत्रा चुपचाप सोशल वर्क में। लेकिन अब हालात ने उन्हें आगे ला दिया।
राजनीति में एंट्री: 2024 का लोकसभा चुनाव और राज्यसभा
सुनेत्रा राजनीति में नई नहीं, लेकिन एक्टिव देर से आईं। 2024 लोकसभा चुनाव में अजित ने उन्हें बरमती से टिकट दिया। BJP-NDA सपोर्ट था। सामने थीं सिस्टर-इन-लॉ सुप्रिया सुले (शरद पावर की बेटी)। ये पावर परिवार का फेस-ऑफ था। सुनेत्रा हार गईं, लेकिन कैंपेन ने उन्हें नेशनल लेवल पर पेश किया।
फिर जून 2024 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। वहां उनकी अटेंडेंस 69% रही, औसत से ज्यादा। 4 डिबेट्स में हिस्सा लिया। ये अजित का प्लान था उन्हें पॉलिटिकल रोल देने का। अब अजित की मौत के बाद राज्यसभा MP होने से फायदा हो रहा है।
अजित पावर की ट्रेजिक मौत: प्लेन क्रैश का पूरा सच
28 जनवरी 2026, सुबह 8:46 बजे। अजित मुंबई से बरमती जा रहे थे। लीअरजेट 45XR क्रैश हो गया। रनवे पर लैंडिंग के दौरान कंट्रोल खोया, आग लग गई। अजित समेत 5 लोग मारे गए – पर्सनल सिक्योरिटी, क्रू मेंबर्स। CCTV में प्लेन उलटता, क्रैश होता दिखा। वो जिल्ला परिषद चुनाव के लिए मीटिंग्स करने जा रहे थे।
क्रैश की जांच DGCA कर रही है। VSR वेंचर्स का प्लेन था। विटनेस ने बताया, पहले आग लगी, फिर 4-5 ब्लास्ट हुए। रेस्क्यू नहीं हो सका। ये महाराष्ट्र पॉलिटिक्स के लिए बड़ा झटका था।
NCP में सुनेत्रा का स्वागत: डेप्युटी सीएम और चीफ बनने का रास्ता
अजित की मौत के बाद NCP सीनियर्स ने मीटिंग की। छगन भुजबळ, नरहरी जिलवाल जैसे लीडर्स ने सुनेत्रा को सपोर्ट किया। CM देवेंद्र फडणवीस ने कोई आपत्ति नहीं की। महायुति गठबंधन में NCP के 41 MLA हैं। सुनेत्रा को एक्साइज और स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री मिल सकती है।
कई सोर्स कहते हैं, वो NCP चीफ भी बनेंगी। बरमती में उनके बेटे को बायपोल के लिए कहा जा रहा। शरद पावर गुट से मर्जर की बातें भी चल रही। सुनेत्रा पावर नेम की वजह से पार्टी एकजुट रहेगी।
पावर परिवार की राजनीति: चुनौतियां और भविष्य
पावर परिवार महाराष्ट्र का सबसे पावरफुल फैमिली है। शरद पावर ने NCP बनाई। अजित ने 2023 में स्प्लिट किया। अब सुनेत्रा को फैमिली लीगेसी संभालनी है। सुप्रिया सुले से राइवलरी जारी। लेकिन सुनेत्रा का सोशल इमेज उन्हें हेल्प करेगा।
सुनेत्रा अगर सफल हुईं तो महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम के रूप में हिस्ट्री बनेंगी। उनका सफर इंस्पायरिंग है – सोशल वर्क से पॉलिटिक्स तक।
सुनेत्रा पावर के काम का असर: आंकड़ों में
बारमती टेक्सटाइल पार्क से 15,000+ जॉब्स। कठेवाडी मॉडल गांव – 100% सैनिटेशन। EFOI से हेल्थ कैंप्स। राज्यसभा में एक्टिव। ये सब उनके क्रेडिट में।
जनता की राय: बरमती वालों से बातचीत
बरमती के लोग कहते हैं, “वाहिणी ने गांव बदला, अब राजनीति भी संभालेंगी।” ग्रासरूट वर्कर्स उनका सपोर्ट कर रहे। लेकिन चैलेंजेस हैं – पावर ब्रोकर बनना आसान नहीं।
भविष्य की संभावनाएं: NCP चीफ से आगे?
अगर शपथ ली तो एक्साइज, स्पोर्ट्स हैंडल करेंगी। पार्टी में मर्जर हो तो शरद-अजित यूनिटी। बेटे पार्थ या जय को विधानसभा भेजा जा सकता। सुनेत्रा का रोल बड़ा होगा।
महिलाओं के लिए मिसाल
सुनेत्रा साबित करेंगी कि सोशल वर्कर भी पॉलिटिशियन बन सकती हैं। महाराष्ट्र में महिलाओं को पावर देने का संदेश।
अजित की यादें और सुनेत्रा का संकल्प
अजित हमेशा कहते थे, सुनेत्रा मेरा स्ट्रॉन्ग पिलर। अब वो उनकी विरासत संभालेंगी। 31 जनवरी का दिन हिस्टोरिक होगा।
5 FAQs
- सुनेत्रा पावर कब शपथ लेंगी?
31 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे राजभवन, मुंबई में। वो एक्साइज और स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री संभालेंगी। - अजित पावर की मौत कैसे हुई?
28 जनवरी को बरमती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश। लीअरजेट में 5 लोगों की मौत। DGCA जांच कर रही। - सुनेत्रा पावर का राजनीतिक अनुभव क्या है?
2024 लोकसभा बरमती से लड़ीं (हार), जून 2024 से राज्यसभा MP। सोशल वर्क में दशकों का एक्सपीरियंस। - बारमती टेक्सटाइल पार्क क्या है?
2008 में सुनेत्रा द्वारा शुरू, 65 एकड़, 15,000+ जॉब्स (मुख्यतः महिलाओं को)। वो चेयरपर्सन। - NCP में सुनेत्रा का रोल क्या होगा?
डेप्युटी सीएम के अलावा चीफ बनने की चर्चा। पार्टी को एकजुट रखेंगी, शरद गुट से मर्जर पॉसिबल।
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