तिरुपति लड्डू CBI जांच: एनिमल फैट नहीं, सिंथेटिक घी से 68 लाख किलो घोटाला! भोले बाबा डेयरी का खेल, 36 आरोपी। राजनीतिक ड्रामा, TTD सुधार और भक्तों का विश्वास। पूरी सच्चाई।
लड्डू में असली घी था या केमिकल? CBI ने खोला राज़, जानिए!
तिरुपति लड्डू घोटाला: CBI ने कहा- एनिमल फैट नहीं, सिंथेटिक घी का खेल!
तिरुपति के भक्तों के लिए प्रसाद का लड्डू तो सबसे पवित्र चीज है ना? लेकिन 2019 से 2024 तक जो घी इसमें यूज हुआ, वो शुद्ध दूध का नहीं था। CBI ने 23 जनवरी 2026 को नेल्लोर कोर्ट में फाइनल चार्जशीट दाखिल की। इसमें साफ कहा- कोई बीफ तेलो या लार्ड नहीं मिला। बल्कि वेजिटेबल ऑयल और लैब एस्टर से बना सिंथेटिक घी था।
ये केस 2024 में आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने उठाया था। उन्होंने कहा था कि लड्डू में एनिमल फैट है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI SIT बनाई। अब रिपोर्ट से पता चला कि भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी ने 68 लाख किलो फेक घी सप्लाई किया, वैल्यू 250 करोड़।
YSRCP वाले कह रहे हैं कि ये राजनीति थी जगन मोहन रेड्डी को बदनाम करने की। भक्तों की भावनाएं आहत हुईं। आइए पूरी स्टोरी समझें।
मामले की शुरुआत: राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
सितंबर 2024 में नायडू सरकार आई। उन्होंने TTD बोर्ड बदला। लैब रिपोर्ट्स दिखाईं कि घी में पैल्म ऑयल, एनिमल फैट जैसे आइटम्स। बोला गया कि जगन सरकार ने रिवर्स टेंडरिंग से सस्ता माल लिया।
जगन ने पीएम मोदी को लेटर लिखा। कहा नायडू झूठ बोल रहे, भगवान का अपमान कर रहे। करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं। YSRCP के भुमन करुणाकर रेड्डी बोले, ये जगन को टारगेट करने का बहाना था।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सौंपा। SIT बनी। जांच शुरू।
CBI चार्जशीट के मुख्य खुलासे
चार्जशीट में 36 आरोपी। 9 TTD ऑफिशियल्स, 5 डेयरी एक्सपर्ट्स। मुख्य सप्लायर भोले बाबा डेयरी, भगवानपुर उत्तराखंड। ये वर्चुअल यूनिट थी। 2019-24 तक एक बूंद दूध या बटर नहीं खरीदा। फिर भी 68 लाख किलो घी TTD को दिया।
कैसे बनाया फेक घी? पैल्म ऑयल, पैल्म कर्नेल ऑयल, पामोलीन। फिर केमिकल्स- एसिटिक एसिड एस्टर, बीटा कैरोटीन, घी फ्लेवर। लैब टेस्ट पास करने लायक। S-वैल्यू 19.72 (नॉर्मल 98-104)। NDDB लैब ने कन्फर्म किया।
2022 में ब्लैकलिस्ट होने के बाद व्यश्नावी डेयरी (तिरुपति) और AR डेयरी (तमिलनाडु) से रूट किया। मुख्य आरोपी: RSSVR सुभ्रामण्यम (पूर्व GM प्रोक्योरमेंट), विजया भास्कर रेड्डी (डेयरी एक्सपर्ट), चिन्ना अप्पना (TTD चेयरमैन एड), पोमिल जैन और विपिन जैन (भोले बाबा डायरेक्टर्स)।
मोटिव? ब्राइब और गिफ्ट्स लेकर फेवरेबल रिपोर्ट्स।
TTD लड्डू बनाने की प्रोसेस: कितना बड़ा सिस्टम
TTD रोज 3 लाख लड्डू बनाता है। 15,000 किलो घी यूज। सालाना 61 लाख किलो घी, 14 टन चीनी, 9200 टन बेसन। खरीद पर 500 करोड़ खर्च। e-ऑक्शन से, FSSAI और AGMARK जरूरी।
पोटू किचन में बनता है। कैसू, किशमिश, इलायची मिलाकर। प्रसाद के तौर पर करोड़ों भक्त ले जाते।
5 FAQs
प्रश्न 1: CBI ने तिरुपति लड्डू घी में क्या पाया?
उत्तर: कोई एनिमल फैट नहीं। पैल्म ऑयल, केमिकल एस्टर से सिंथेटिक घी। 68 लाख किलो, 250 करोड़ वैल्यू।
प्रश्न 2: भोले बाबा डेयरी ने कैसे धोखा दिया?
उत्तर: कोई दूध नहीं खरीदा। केमिकल मिक्सिंग। ब्लैकलिस्ट के बाद प्रॉक्सी से सप्लाई। 36 आरोपी।
प्रश्न 3: राजनीति इसमें कैसे जुड़ी?
उत्तर: नायडू ने 2024 में एनिमल फैट आरोप लगाया। YSRCP बोला झूठा। जगन को टारगेट।
प्रश्न 4: लड्डू में फेक घी से हेल्थ रिस्क क्या?
उत्तर: ट्रांस फैट्स से हार्ट प्रॉब्लम, कोलेस्ट्रॉल। लॉन्ग टर्म डेंजर।
प्रश्न 5: TTD अब सुधार क्या कर रहा?
उत्तर: FSSAI लैब, स्ट्रिक्ट टेंडर, नेशनल स्टैंडर्ड्स। क्वालिटी चेक टाइट।
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