मेमको मोड़ बना सड़क सुरक्षा का मंच, धनबाद पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को मौके पर समझाया जीवन का महत्व।
नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, शॉर्ट फिल्म और पीपीटी से हुआ जागरूकता का प्रचार।
SSP ने कहा : “सड़क पर लापरवाही, घर में मातम बन जाती है”
धनबाद । सड़क हादसों में हो रही लगातार बढ़ोतरी को रोकने और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से देशव्यापी सड़क सुरक्षा माह के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन तथा धनबाद पुलिस द्वारा मेमको मोड़ पर व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। व्यस्त चौराहे को जागरूकता मंच में बदलते हुए पुलिस ने सड़क पर ही लोगों को जीवन की कीमत समझाने की पहल की।
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत, शॉर्ट वीडियो फिल्म और पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से यह बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही किस तरह एक परिवार की खुशियां छीन सकती है। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में बिना हेलमेट बाइक चलाने, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने और नशे की हालत में वाहन चलाने के दुष्परिणामों को भावनात्मक रूप से दिखाया गया, जिसे देखकर कई लोग भावुक भी नजर आए।
नियम तोड़ने वालों को सज़ा नहीं, समझ दी गई
अभियान के दौरान जो वाहन चालक बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट या अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए, उन्हें रोककर चालान काटने के बजाय जागरूकता कार्यक्रम में शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें वीडियो और प्रस्तुति दिखाकर समझाया कि नियम केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। कई वाहन चालकों ने मौके पर ही हेलमेट पहनने और भविष्य में नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

“हर दुर्घटना के पीछे एक टूटता हुआ परिवार होता है” – प्रभात कुमार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने भावनात्मक और सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना केवल एक हादसा नही होता, उसके पीछे एक पूरा परिवार बिखर जाता है। एक व्यक्ति की जान जाने का मतलब है किसी का बेटा, किसी का पिता, किसी का भाई हमेशा के लिए चला जाना। इसलिए सड़क पर की गई लापरवाही सीधे परिवार के भविष्य पर चोट करती है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में धनबाद जिले में 350 सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें लगभग 250 लोगों की जान चली गई। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक और हृदयविदारक बताते हुए कहा कि यह आंकड़े केवल संख्या नहीं बल्कि अधूरे सपनों और रोते परिवारों की कहानी हैं।
एसएसपी ने कहा कि धनबाद पुलिस की प्राथमिकता केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना भी है।पुलिस चालान इसलिए नहीं काटती कि राजस्व बढ़े, बल्कि इसलिए कार्रवाई करती हैं ताकि लोग नियमों का पालन करें और सुरक्षित घर लौट सके।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपने परिवार के प्यार और जिम्मेदारियों के कारण यातायात नियमों का पालन करें।
एसएसपी ने खास तौर पर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर चिंता जताई और कहा कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करना या मैसेज पढ़ना एक सेकंड के लिए ध्यान भटका देता है और वही एक सेकंड जिंदगी और मौत के बीच का फर्क बन सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्टंट, तेज रफ्तार और लापरवाही को “हीरोपंती” नहीं बल्कि “खतरे का खेल” समझें।
1 फरवरी से सख्त विशेष अभियान
एसएसपी प्रभात कुमार ने घोषणा की कि 1 फरवरी से धनबाद पुलिस विशेष सख्त अभियान शुरू करेगी। इसके तहत दोपहिया वाहन पर दोनों सवारों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया जाएगा। सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। फैंसी नंबर प्लेट वाले वाहनों और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों को जब्त किया जाएगा।जांच अभियान के दौरान तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और ट्रिपल राइडिंग पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि अब सड़क सुरक्षा को लेकर समझाइश के साथ सख्ती दोनों साथ चलेंगी।
नागरिकों से ली गई सुरक्षा की शपथ
कार्यक्रम के अंत में मौजूद लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित प्रयोग करने, नशा कर वाहन न चलाने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर एसएसपी प्रभात कुमार के साथ ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी, सिटी एसपी ऋतविक श्रीवास्तव, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे, प्रशिक्षु आईपीएस अंकित सिन्हा, डीएसपी मुख्यालय धीरेन्द्र नारायण बंका, डीएसपी सीसीआर सुमित कुमार, डीएसपी ट्रैफिक अरविन्द सिंह, डीएसपी साइबर संजीव कुमार, एमवीआई शुभम कुमार व अभय कुमार, सड़क सुरक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार, रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट अमरेश कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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