महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को प्लेन क्रैश में मौत के बाद शरद पवार ने कहा – NCP विलय 12 फरवरी को तय था, लेकिन “दुर्भाग्य से अजित पहले चले गए”। सुनेत्रा पवार डिप्टी CM बनने वालीं, मर्जर पर अनिश्चितता, महायुति–MVA पर असर, पवार फैमिली पॉलिटिक्स – पूरी स्टोरी सरल भाषा में।
अजित की मौत के बाद क्या होगा NCP का? शरद पवार ने खोला 12 फरवरी का राज़, सुनेत्रा पर चुप्पी
अजित पवार की मौत से NCP विलय पर सवाल: शरद पवार का दर्दभरा बयान
महाराष्ट्र राजनीति में पिछले कुछ दिनों से ऐसा तूफान आया है, जो किसी कल्पना से भी परे था। 28 जनवरी 2026 को डिप्टी सीएम अजित पवार का मुंबई से बरामती जा रहे प्राइवेट जेट लर्निंग के दौरान क्रैश हो गया। Learjet 45XR विमान रनवे से फिसलकर आग पकड़ लिया, जिसमें अजित समेत पांचों लोग मारे गए।
ये हादसा सिर्फ पवार परिवार का निजी नुकसान नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की पावर पॉलिटिक्स में बड़ा धक्का है। अजित की मौत के ठीक बाद शरद पवार ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एक ऐसा राज़ खोला, जो सबको चौंका गया – NCP के दोनों गुटों का विलय 12 फरवरी को तय था, लेकिन “दुर्भाग्य से अजित पहले चले गए”।
अब सवाल ये है – क्या विलय होगा? सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन रही हैं, लेकिन क्या ये पावर शिफ्ट सिर्फ अजित गुट को मज़बूत करेगा या शरद पवार के सपने को पूरा करेगा? आइए इस पूरे ड्रामे को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं।
अजित पवार की मौत: क्या हुआ था उस दिन?
28 जनवरी 2026, सुबह करीब 8:44 बजे। अजित पवार मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बरामती के लिए निकले थे। ज़िला परिषद चुनाव के लिए कई पब्लिक मीटिंग्स रखी थीं। विमान VT-SSK, VSR एविएशन का 16 साल पुराना Learjet 45XR था।
बरामती एयरपोर्ट पर दूसरे अप्रोच के दौरान खराब विजिबिलिटी में विमान रनवे 11 से फिसला, खुले मैदान में क्रैश हो गया और आग लग गई। अजित समेत पायलट, क्रू और सिक्योरिटी वाले सबकी मौके पर मौत हो गई।
महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया। बरामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। DGCA और AAI ने जांच शुरू कर दी।
ये हादसा पवार परिवार के लिए तो बड़ा सदमा था ही, महायुति गठबंधन के लिए भी चिंता का सबब। अजित के 41 विधायक महायुति को स्थिरता देते थे।
NCP स्प्लिट की पूरी कहानी: 2023 से अब तक
NCP का विभाजन जुलाई 2023 में हुआ। शरद पawar ने इंदिरा गांधी के 19 नवंबर जन्मदिन पर पार्टी की नींव रखी थी। लेकिन 2023 में अजित ने महायुति में शामिल होने के लिए अपने चाचा से बगावत की।
- अजित गुट ने NCP का नाम, सिंबल और चुनाव आयोग का समर्थन हासिल किया।
- शरद गुट को NCP (SP) नाम मिला।
- विधानसभा में अजित के पास 41 MLA, शरद के पास 10।
फिर भी शरद पवार ने कभी विलय का दरवाज़ा बंद नहीं किया। बातचीत चलती रही।
शरद पवार का खुलासा: 12 फरवरी को मर्जर तय था
अजित की मौत के बाद शरद पवार ने बरामती में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा:
“अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दो गुटों के विलय की बात शुरू की थी। 12 फरवरी की तारीख़ तय हो गई थी। दुर्भाग्य से अजित पहले चले गए।”
शरद ने जोड़ा – “हमारी भी इच्छा है कि दोनों पक्ष एक हो जाएँ।”
अजित गुट के किरण गुजर ने कहा – दोनों पक्ष 100% तैयार थे। जयंत पाटिल ने भी कन्फर्म किया कि लोकल बॉडी इलेक्शन एक साथ लड़ने का प्लान था।
अब सवाल ये कि अजित के बिना क्या अजित गुट विलय चाहेगा?
सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम: पावर शिफ्ट या परिवार की विरासत?
अजित की मौत के तुरंत बाद खबरें आईं कि उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। 31 जनवरी 2026 शाम 5 बजे लोक भवन मुंबई में शपथ लेने वाली हैं।
NCP के 40 विधायकों ने उन्हें अपना लीडर चुना। एक्साइज़ और स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री रखेंगी। फाइनेंस पोर्टफोलियो अस्थायी रूप से सीएम देवेंद्र फडणवीस के पास।
शरद पवार ने कहा – उन्हें सुनेत्रा के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं। ये मुंबई के नेताओं का फैसला है।
ये महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। लेकिन सवाल ये कि क्या ये सिर्फ अजित गुट को एकजुट रखने का तरीका है या पवार परिवार की पावर बरकरार रखने का?
महाराष्ट्र राजनीति पर अजित की मौत का बड़ा असर
महाराष्ट्र विधानसभा में:
महायुति को अजित के 41 MLA ज़रूरी थे, ताकि एकनाथ शिंदे के साथ बैलेंस बना रहे। अब सुनेत्रा को लीडर बनाकर BJP ने अजित गुट को संभाल लिया। लेकिन अगर विलय होता है, तो महायुति को 51 MLA एक्स्ट्रा मिल जाएँगे।
MVA (कांग्रेस–शिवसेना UBT–शरद NCP) के लिए ये मौक़ा हो सकता है, अगर अजित गुट में दरार आए।
पवार परिवार की राजनीति: आगे क्या?
पवार परिवार महाराष्ट्र का सबसे प्रभावशाली परिवार रहा है। शरद पवार ने दशकों तक राज्य और केंद्र में दबदबा बनाया। अजित उनके भतीजे और उत्तराधिकारी थे।
अब सुनेत्रा डिप्टी सीएम बन रही हैं। उनके बेटे पार्थ भी राजनीति में सक्रिय। लेकिन शरद पवार 84 साल के हैं। क्या विलय से NCP एकजुट होकर वापसी करेगा?
शरद ने कहा – अजित की इच्छा पूरी करनी है। लेकिन अजित गुट के नेता जैसे रोहित पवार, चगुन भुजबळ क्या कहेंगे?
मर्जर के रास्ते में रुकावटें
- अजित गुट में कई नेता BJP के करीब हैं। विलय से क्या वो शरद के साथ चलेंगे?
- शरद गुट के कार्यकर्ता अजित की बगावत भूले नहीं।
- लोकल बॉडी इलेक्शन नज़दीक हैं।
फिर भी शरद पवार जैसे दिग्गज के लिए कुछ भी असंभव नहीं।
महाराष्ट्र की राजनीति में नया अध्याय
अजित की मौत ने महायुति को झटका दिया। फडणवीस अजित के करीबी थे। अब शिंदे कैंप का वजन बढ़ सकता है।
MVA के लिए ये मौक़ा है, लेकिन शरद NCP को अकेले ताकतवर बनाना मुश्किल। विलय ही असली गेम–चेंजर होगा।
अजित की विरासत: बरामती से मुंबई तक
अजित पवार बरामती के बादशाह थे। सिंचाई घोटाले के बावजूद विधायक, मंत्री बने रहे। उनकी संगठन क्षमता कमाल की थी।
उनकी मौत ने साबित कर दिया कि महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में पवार फैमिली अभी भी किंगमेकर है।
शरद पवार का भावुक अपील
शरद ने कहा – “अब अजित के सपने को पूरा करना हमारा फर्ज़ है।” ये सिर्फ पॉलिटिक्स नहीं, परिवार का बंधन भी है।
क्या होगा आगे? 12 फरवरी नज़दीक आ रही है।
FAQs
प्रश्न 1: अजित पवार की मौत कैसे हुई?
उत्तर: 28 जनवरी 2026 को मुंबई से बरामती जा रहे Learjet 45XR क्रैश हो गया। रनवे से फिसलकर आग लगी। अजित समेत 5 लोग मारे गए। DGCA जांच कर रही।
प्रश्न 2: शरद पवार ने NCP विलय के बारे में क्या कहा?
उत्तर: शरद ने बताया कि 12 फरवरी को विलय तय था। अजित, शशिकांत शिंदे, जयंत पाटिल ने बात शुरू की। लेकिन “दुर्भाग्य से अजित पहले चले गए”। फिर भी विलय की इच्छा ज़िंदा है।
प्रश्न 3: सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन रही हैं?
उत्तर: हाँ, 31 जनवरी 2026 शाम 5 बजे शपथ लेंगी। NCP के 40 विधायकों ने चुना। एक्साइज़–स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री रखेंगी। महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम।
प्रश्न 4: अजित पवार की मौत से महायुति पर क्या असर?
उत्तर: अजित के 41 MLA महायुति को स्थिर रखते थे। अब सुनेत्रा लीडर बनीं। BJP ने अजित गुट संभाल लिया। लेकिन विलय होता है तो 51 MLA एक्स्ट्रा।
प्रश्न 5: क्या NCP विलय होगा?
उत्तर: शरद पवार कह रहे हैं – अजित की इच्छा पूरी होगी। अजित गुट के किरण गुजर, जयंत पाटिल ने भी समर्थन दिया। लेकिन अब अजित के बिना अनिश्चितता। लोकल इलेक्शन नज़दीक।
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