बजट 2026 ने ₹12.2 लाख करोड़ कैपेक्स, नए फ्रेट कॉरिडोर, 7 हाई-स्पीड रेल, 20 वॉटरवेज़ से कार्गो–ट्रांसपोर्ट शेयरों में उछाल। कंटेनर कॉर्प +4.5%, ड्रेजिंग कॉर्प +9.3%, L&T, अदानी पोर्ट्स, JSW इंफ्रा के गेन। इनिशिएटिव्स, स्टॉक इम्पैक्ट, एक्सपर्ट व्यू, फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट्स विस्तार से।
20 नए वॉटरवेज़, फ्रेट कॉरिडोर से कौन बनेगा सबसे अमीर? बजट 2026 के स्टॉक गेनर्स की लिस्ट
बजट 2026 का इंफ्रा धमाका: कार्गो–ट्रांसपोर्ट शेयरों में 9% तक उछाल, कौन बने विजेता?
भारतीय शेयर बाजार हमेशा बजट के बाद एक खास मूड में आ जाता है। इस बार भी वही हुआ। 1 फरवरी 2026 को पेश हुए यूनियन बजट 2026 ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी जोर दिया। FY27 के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का पब्लिक कैपेक्स अलोकेशन, नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC), 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (HSRC), 20 नए नेशनल वॉटरवेज़ और कोस्टल कार्गो प्रोमोशन स्कीम – इन घोषणाओं ने कार्गो, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के शेयरों को उड़ा दिया।
कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR) का शेयर 4.5% तक चढ़ा, जो मई 16 के बाद का सबसे बड़ा इंट्राडे गेन था। ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DCI) 9.3% उछला। RITES लिमिटेड 3.1%, L&T 2.8%, JSW इंफ्रास्ट्रक्चर 3.6%, अदानी पोर्ट्स 2.4% ऊपर। VRL लॉजिस्टिक्स भी 1.1% चढ़ा।
ये सिर्फ़ आंकड़े नहीं, बल्कि निवेशकों का भरोसा दर्शाते हैं कि इंफ्रा पुश से ये कंपनियां सीधे फायदा उठाएंगी। आइए समझते हैं बजट के मुख्य ऐलान, स्टॉक्स पर असर, क्यों चढ़े ये शेयर और आगे क्या संभावनाएं हैं।
बजट 2026 के इंफ्रा हाइलाइट्स: लॉजिस्टिक्स पर फोकस क्यों?
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्रोथ का इंजन बताया। FY27 के लिए पब्लिक कैपेक्स ₹12.2 लाख करोड़ – FY26 के ₹11.2 लाख करोड़ से 9% ज़्यादा।
मुख्य ऐलान जो कार्गो–ट्रांसपोर्ट को बूस्ट करेंगे:
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC): ईस्ट के दांकुनी (कोलकाता के पास) से वेस्ट के सूरत तक नया कॉरिडोर। इससे माल ढुलाई तेज़, सस्ती और रेल-बेस्ड होगी। मिनरल रिच एरिया तालचेर-अंगुल को पोर्ट्स से जोड़ेगा।
- 20 नए नेशनल वॉटरवेज़: अगले 5 साल में ऑपरेशनल। NW-5 (ओडिशा) से शुरू। वाराणसी–पटना में शिप रिपेयर हब। युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर्स। कोस्टल कार्गो स्कीम से इनलैंड वॉटर–कोस्टल शिपिंग का शेयर 6% से 12% तक 2047 तक।
- 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: मुंबई–पुणे, दिल्ली–वाराणसी समेत। पैसेंजर ट्रैवल तेज़ होगा, लेकिन इससे लॉजिस्टिक्स भी इंटीग्रेट होगा।
- इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड: प्राइवेट इन्वेस्टर्स को क्रेडिट गारंटी, HAM, TOT मॉडल्स को पुश।
ये कदम लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटाने (अभी 14% GDP), मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाने और ‘मेक इन इंडिया’ को सपोर्ट करने के लिए।
टॉप स्टॉक्स का परफॉर्मेंस: कौन कितना चढ़ा और क्यों?
बजट के तुरंत बाद मार्केट में इन स्टॉक्स ने धमाल मचाया:
कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR): +4.5%
रेल मिनिस्ट्री के तहत PSU। कंटेनर लॉजिस्टिक्स में लीडर। बजट में ₹10,000 करोड़ का कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग स्कीम – इम्पोर्ट कम, लोकल प्रोडक्शन बढ़ेगा। इससे CONCOR के फ्रेट वॉल्यूम बढ़ेंगे। Q3 FY26 रेवेन्यू ₹2307 करोड़ (+4.5% YoY)।
ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (DCI): +9.3%
इनलैंड वॉटरवेज़, पोर्ट ड्रेजिंग का काम। 20 नए वॉटरवेज़ और शिप रिपेयर हब से डायरेक्ट बेनिफिट। शिपिंग कॉर्प भी 4.3% चढ़ा।
RITES लिमिटेड: +3.1%
रेल कंसल्टेंसी, प्रोजेक्ट्स। DFC, HSRC से ऑर्डर बुक बढ़ेगी।
लार्सन एंड टूब्रो (L&T): +2.8%
डाइवर्सिफाइड इंफ्रा जायंट। EPC, रेल, रोड्स, मेट्रो, डिफेंस – सबमें एक्सपोज़र। ₹12.2 लाख करोड़ कैपेक्स से ऑर्डर फ्लो।
JSW इंफ्रास्ट्रक्चर: +3.6%
पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स। DFC, वॉटरवेज़ से कार्गो हैंडलिंग बढ़ेगी।
अदानी पोर्ट्स एंड SEZ: +2.4%
बड़ा पोर्ट ऑपरेटर। नई कॉरिडोर, वॉटरवेज़ से ट्रैफिक बढ़ेगा।
VRL लॉजिस्टिक्स: +1.1%
रोड ट्रांसपोर्ट। मल्टीमॉडल पुश से कंप्लीमेंटरी रोल।
ये गेनर्स दिखाते हैं कि मार्केट ने तुरंत इंफ्रा थीम को कैप्चर कर लिया।
इन स्टॉक्स के पीछे की कंपनियां: बिजनेस क्या, ग्रोथ कहाँ?
कंटेनर कॉर्प: रेल-बेस्ड कंटेनर ट्रांसपोर्ट। टर्मिनल्स ऑपरेट। DFC से वॉल्यूम +10–15% पॉसिबल।
DCI: गवर्नमेंट ड्रेजिंग मोनोपॉली। वॉटरवेज़ से ऑर्डर बाढ़।
L&T: इंजीनियरिंग का बादशाह। बजट कैपेक्स से ऑर्डर बुक ₹5 लाख करोड़ क्रॉस कर सकती।
अदानी पोर्ट्स: 300+ मिलियन टन कैपेसिटी। कार्गो ग्रोथ 8–10% FY27 में।
JSW इंफ्रा: पोर्ट्स एक्विज़िशन पर फोकस।
RITES: रेल इंटरनेशनल कंसल्टेंसी। HSRC प्रोजेक्ट्स।
VRL: रोड कार्गो। ₹10,000 करोड़ कंटेनर स्कीम से सप्लाई चेन।
बजट का लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर ब्रॉडर इम्पैक्ट
बजट से लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 14% से घटाकर 8–10% का टारगेट। मल्टीमॉडल (रेल+रोड+वॉटर+एयर) से एफिशिएंसी।
- ग्रीन कार्गो पुश: कोस्टल शिफ्टिंग बढ़ेगी।
- प्राइवेट इन्वेस्टमेंट: रिस्क फंड से HAM, TOT मॉडल्स।
- MSME चैंपियंस: सप्लाई चेन बेहतर।
एक्सपर्ट व्यू: आगे क्या?
- ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के दिवम शर्मा: “कैपेक्स का डबल-डिजिट ग्रोथ इंफ्रा को ग्रोथ ड्राइवर बनाएगा। L&T, अदानी जैसे स्टॉक्स को मल्टीप्लायर इफेक्ट।”
- जुपिटर वेगन्स जैसे रेल स्टॉक्स को भी HSRC, DFC से फायदा।
रिस्क्स: प्राइवेट कैपेक्स रिकवरी स्लो, एक्जीक्यूशन डिले। लेकिन ओवरऑल पॉज़िटिव।
इन्वेस्टर्स के लिए टिप्स: अब खरीदें या वेट?
- लॉन्ग टर्म: CONCOR, L&T, अदानी पोर्ट्स पर होल्ड।
- शॉर्ट टर्म: पोस्ट-बजट रैली के बाद प्रॉफिट बुकिंग।
- डाइवर्सिफाई: इंफ्रा ETF या म्यूचुअल फंड्स।
बजट ने साफ़ संकेत दिया – इंफ्रा ही भारत की ग्रोथ स्टोरी का कोर है। ये स्टॉक्स इसके डायरेक्ट बेनिफिशियरी।
5 FAQs
प्रश्न 1: बजट 2026 में कार्गो स्टॉक्स क्यों चढ़े?
उत्तर: ₹12.2 लाख करोड़ कैपेक्स, नया DFC (दांकुनी-सूरत), 20 वॉटरवेज़, 7 HSRC से लॉजिस्टिक्स बूस्ट। CONCOR +4.5%, DCI +9.3%।
प्रश्न 2: कंटेनर कॉर्प का शेयर क्यों सबसे ज़्यादा चढ़ा?
उत्तर: ₹10,000 करोड़ कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से लोकल सप्लाई बढ़ेगा, फ्रेट वॉल्यूम ऊपर। मई 16 के बाद सबसे बड़ा गेन।
प्रश्न 3: L&T, अदानी पोर्ट्स को क्या फायदा?
उत्तर: EPC, पोर्ट्स में एक्सपोज़र। कैपेक्स से ऑर्डर बुक, कार्गो ट्रैफिक बढ़ेगा। L&T +2.8%, अदानी +2.4%।
प्रश्न 4: ड्रेजिंग कॉर्प +9.3% क्यों?
उत्तर: 20 नए वॉटरवेज़, शिप रिपेयर हब (वाराणसी, पटना) से ड्रेजिंग, मेंटेनेंस ऑर्डर।
प्रश्न 5: आगे इन स्टॉक्स में निवेश करें या नहीं?
उत्तर: लॉन्ग टर्म हां – इंफ्रा थीम स्ट्रॉन्ग। शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग। एक्सपर्ट्स L&T, CONCOR पसंद। रिस्क: एक्जीक्यूशन डिले।
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