उत्तरी नाइजीरिया के कडुना में 18 जनवरी को चर्चों पर गैंग अटैक, 183 ईसाई अपहृत। 89 आखिरी बंधक गुरुवार को रिहा, गवर्नर उबा सानी ने स्वागत किया। रैनसम का राज, बоко हराम, अमेरिका स्ट्राइक्स, ट्रंप चेतावनी और जारी हिंसा का पूरा विश्लेषण।
कुरमिन वाली में चर्च पर हमला: 183 अपहृतों में से 89 आखिरकार घर लौटे, राज क्या है?
उत्तरी नाइजीरिया में चर्च किडनैपिंग: 89 ईसाई बंधकों की रिहाई लेकिन हिंसा जारी
नाइजीरिया दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है लेकिन उत्तरी इलाकों में हिंसा और अपहरण का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। कड़ुना राज्य के कुरमिन वाली गाँव में 18 जनवरी को तीन चर्चों पर आपराधिक गैंग्स ने हमला बोल दिया। रविवार की पूजा के दौरान 183 ईसाई समुदाय के लोग अपहृत कर लिए गए जिनमें बच्चे और महिलाएँ शामिल थीं। गुरुवार को आखिरी 89 बंधकों को रिहा कर दिया गया। पीले कपड़ों में सजे ये लोग सुरक्षा बलों की निगरानी में बस से पहुँचे जहाँ राज्यपाल उबा सानी ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने बताया कि शुरुआत में 183 अपहृत थे जिनमें से 11 भाग निकले 83 तीन दिन पहले लौटे और 89 गुरुवार सुबह रिहा हुए। ये रिहाई अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बनी क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाइयों पर हमलों की आलोचना की थी।
कुरमिन वाली हमले का पूरा विवरण और घटना क्रम
कुरमिन वाली कड़ुना राज्य का एक ईसाई बहुल इलाका है जहाँ 18 जनवरी को पूजा के दौरान गैंग्स ने चर्चों पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने लोगों को घसीटकर ले जाकर अपहरण कर लिया। स्थानीय चीफ इशाकु दान’अज़ुमी ने बताया कि 80 लोग हमले के दौरान ही छिपकर भागे थे। राज्यपाल उबा सानी ने कहा कि राष्ट्रपति बोला तिनुबू उनके साथ लगातार संपर्क में थे और 45 बार से ज़्यादा फोन कर चुके थे। रिहाई के हालात पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। नाइजीरिया में रैनसम देना गैरकानूनी है लेकिन सरकार पर गुप्त रैनसम देने का शक हमेशा रहता है। ये अपहरण नाइजीरिया में हाल के बड़े किडनैपिंग्स का हिस्सा हैं जिनमें नाइजर राज्य के कैथोलिक स्कूल के सैकड़ों बच्चे शामिल थे जो बाद में रिहा हो गए। कड़ुना में ये घटना ईसाई और मुस्लिम दोनों समुदायों को निशाना बनाने वाली हिंसा की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। स्थानीय लोग डर के साये में जी रहे हैं।
नाइजीरिया की उत्तरी हिंसा: बоко हराम से किसान–चरवाहा झगड़े तक
नाइजीरिया के उत्तरी और मध्य इलाकों में हिंसा कई रूपों में फैली हुई है। बоко हराम और आईएस से जुड़े जिहादी समूह गाँव लूटते हैं स्कूलों पर हमले करते हैं और रैनसम के लिए अपहरण करते हैं। केंद्रीय राज्यों में किसान–चरवाहा संघर्ष भूमि पानी और संसाधनों पर होता है। कड़ुना नाइजर जैसे राज्य इनका शिकार हैं। हाल ही में क्वारा राज्य के वоро गाँव में गनमैन ने दर्जनों लोगों की हत्या कर दी। तिनुबू ने इसे बoko हराम से जोड़ा और बटालियन तैनात करने का आदेश दिया। अमेरिका ने क्रिसमस पर आईएस लिंक्ड मिलिटेंट्स पर हवाई हमले किए लेकिन हिंसा थमी नहीं। यूएस अफ्रीका कमांड ने इक्विपमेंट और इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाने का ऐलान किया। ट्रंप ने ईसाइयों पर लक्षित हत्याओं पर चिंता जताई। नाइजीरिया सरकार इन चुनौतियों से जूझ रही है लेकिन समाधान दूर नज़र नहीं आता। आर्म्ड गैंग्स रैनसम से तुरंत पैसा कमाते हैं।
रिहाई का राज: रैनसम या रेस्क्यू मिशन?
बंधकों की रिहाई के पीछे असली कहानी क्या है ये सवाल उठना लाज़मी है। राज्यपाल ने सिर्फ़ रिहा होने की बात कही लेकिन तरीक़ा नहीं बताया। नाइजीरिया में अपहरणकर्ता लाखों डॉलर रैनसम मांगते हैं। सरकार आधिकारिक तौर पर इनकार करती है लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि गुप्त समझौते होते हैं। सुरक्षा बलों ने बस एस्कॉर्ट की जिससे लगता है कि कोई डील हुई। 11 लोग खुद भागे 80 हमले के दौरान छिपे। बाकी 92 को स्टेज्ड रिलीज़ में लाया गया। ये पैटर्न नाइजर स्कूल किडनैपिंग जैसा था। अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने से रिहाई तेज़ हुई। ट्रंप की चेतावनी और यूएस स्ट्राइक्स ने दबाव बनाया। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि बिना जड़ से निपटने के ये अस्थायी राहत है। गैंग्स फिर लौट आते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: ट्रंप की चेतावनी और यूएस हस्तक्षेप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाइयों पर हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर ईसाई हत्याएँ हो रही हैं। क्रिसमस पर यूएस ने आईएस लिंक्ड मिलिटेंट्स पर स्ट्राइक्स किए। वाशिंगटन अबूजा को लड़ाई में मदद कर रहा है। यूएस अफ्रीका कमांड ने छोटी मिलिट्री टीम भेजी इक्विपमेंट और इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाई। लेकिन ये स्ट्राइक्स हिंसा रोकने में नाकाम रहीं। ट्रंप का बयान कड़ुना अपहरण के बाद आया जिसने वैश्विक मीडिया का ध्यान खींचा। संयुक्त राष्ट्र और ईसाई संगठनों ने भी चिंता जताई। नाइजीरिया सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद का स्वागत किया लेकिन आलोचना से बचने की कोशिश की। ये घटनाएँ अफ्रीका में धार्मिक हिंसा पर बहस तेज़ कर रही हैं।
नाइजीरिया हिंसा के कारण: जिहाद से संसाधन झगड़े तक
नाइजीरिया की हिंसा सिर्फ़ धार्मिक नहीं। उत्तरी राज्यों में बoko हराम आईएस वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस सक्रिय। वे इस्लामी राज्य चाहते हैं स्कूलों को निशाना बनाते हैं। मध्य क्षेत्रों में फुलानी चरवाहे और किसान भूमि पर टकराते हैं। जलवायु परिवर्तन ने संसाधन कम किए। आर्म्ड गैंग्स बंधक बनाकर रैनसम कमाते हैं। 230 मिलियन आबादी वाले देश में 2 लाख से ज़्यादा आंतरिक विस्थापित। अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही। तिनुबू सरकार मिलिट्री ऑपरेशन्स चला रही लेकिन सफलता सीमित। अंतरराष्ट्रीय मदद ज़रूरी लेकिन स्थानीय समाधान चाहिए। शांति वार्ताएँ और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस।
कड़ुना राज्यपाल उबा सानी की भूमिका और सरकारी प्रयास
कड़ुना गवर्नर उबा सानी ने रिहाई में अहम रोल निभाया। उन्होंने बंधकों का स्वागत किया और राष्ट्रपति तिनुबू के समर्थन का ज़िक्र किया। तिनुबू ने 45 बार फोन किया। राज्य में बटालियन तैनाती बढ़ाई गई। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि बिना सामुदायिक डायलॉग के स्थायी शांति मुश्किल। सानी ने सुरक्षा बढ़ाने का वादा किया। स्थानीय चीफ्स की मदद ली। रिहाई के बाद बंधकों को मेडिकल चेकअप और काउंसलिंग दी जा रही। ये घटना राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाएगी।
नाइजीरिया अपहरण का वैश्विक संदर्भ और सबक
नाइजीरिया अपहरण सिर्फ़ स्थानीय समस्या नहीं। ये ग्लोबल टेररिज़्म और धार्मिक कट्टरता की मिसाल। ट्रंप जैसे नेता इसे उठाते हैं। यूएस स्ट्राइक्स छोटे स्तर के। लंबे समय के लिए आर्थिक विकास शिक्षा और समावेशी नीतियाँ ज़रूरी। भारत जैसे देश नाइजीरिया से तेल आयात करते हैं इसलिए स्थिरता हमारे हित में। अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ना चाहिए। बंधकों की रिहाई राहत है लेकिन हिंसा थमे इसके लिए जड़ उखाड़नी पड़ेगी। दुनिया नाइजीरिया पर नज़र रखे।
5 FAQs
प्रश्न 1: नाइजीरिया में 89 ईसाई बंधक कब रिहा हुए?
उत्तर: कड़ुना राज्य के कुरमिन वाली में 18 जनवरी को अपहृत 183 में से आखिरी 89 बंधक गुरुवार को रिहा हुए। राज्यपाल उबा सानी ने पीले कपड़ों में सजे बंधकों का स्वागत किया। 11 भागे 83 पहले लौटे।
प्रश्न 2: कुरमिन वाली हमला कैसे हुआ?
उत्तर: 18 जनवरी को रविवार पूजा के दौरान गैंग्स ने तीन चर्चों पर हमला किया। ईसाई बहुल इलाके में 183 लोग अपहृत। सुरक्षा बलों ने बस से रिहा बंधकों को लाया।
प्रश्न 3: रिहाई का तरीक़ा क्या था रैनसम या रेस्क्यू?
उत्तर: राज्यपाल ने तरीक़ा नहीं बताया। नाइजीरिया में रैनसम गैरकानूनी लेकिन शक है। कोई समूह ज़िम्मेदारी नहीं ली। अंतरराष्ट्रीय दबाव से रिहाई तेज़।
प्रश्न 4: नाइजीरिया हिंसा के मुख्य कारण क्या?
उत्तर: बoko हराम आईएस जिहादी किसान–चरवाहा झगड़े आर्म्ड गैंग्स। उत्तरी मध्य राज्य प्रभावित। रैनसम लूट हिंसा। यूएस स्ट्राइक्स असरहीन।
प्रश्न 5: ट्रंप की भूमिका क्या रही?
उत्तर: ट्रंप ने ईसाई हत्याओं पर चेतावनी दी। यूएस ने क्रिसमस पर आईएस लिंक्ड स्ट्राइक्स किए। इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाई लेकिन हिंसा जारी।
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