रांची : न्यायामूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा निर्देश पर, सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में तथा डालसा सचिव की देखरेख में सिल्ली प्रखंड के हाकेदाग पंचायत भवन तथा हरिडीह गांव में डोर-टू-डोर बाल विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीएलवी शंकर महतो, कौशल्या देवी, बंशीधर घटवार, पंकज कुमार महतो, सुनील कुमार महतो, बंशीधर महतो, ब्रजेश महतो, राजकुमार महतो एवं अन्य लोग उपस्थित थे। पीएलवी शंकर महतो ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह बाल विवाह कहलाता है। इससे शिक्षा बाधित होती है, जिससे भविष्य अंधकारमय होता है। पीएलवी बंशीधर घटवार ने समाधान और रोकथाम पर फोकस करते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ाना, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, कानून का कड़ाई से पालन और बाल संरक्षण सेवाओं (जैसे हेल्पलाइन 1098) का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। कौशल्या देवी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के द्वारा दिये जानेवाले निःशुल्क कानुनी सहायता के बारे में ग्रामीणों को बतलाया तथा डालसा के द्वारा आयोजित किये जानेवाले लोक अदालत, मध्यस्थता, प्री-लिटिगेशन के बारे में लोगों को जानकारी दी। बताते चले कि डालसा के कार्यरत पीएलवी ने डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम के तहत भी लोग लोगों को जागरूक किये। इसके अलावा थाना, ब्लॉक, पंचायत में नियुक्त पीएलवी के क्रियाकलापों के बारे में ग्रामीणों को बतलाया तथा किसी भी समय ग्रामीण इनसे सहायता लेकर अपनी बातों को डालसा कार्यलय में रख सकते है। पीएलवी ने टॉल फ्री नम्बर – 15100 की जानकारी भी दिये। इसके साथ ही घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, बाल श्रम, नशामुक्ति, डायन बिसाही प्रथा आदि पर भी लोगों को विधिक जानकारी दी गयी।
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