Home झारखण्ड धुर्वा डैम के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण मामले की जांच करेगी एसीबी।
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धुर्वा डैम के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण मामले की जांच करेगी एसीबी।

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रांची : राजधानी रांची के धुर्वा डैम के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण मामले की जांच अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) करेगी। इस मामले में रांची के नगड़ी थाना में दर्ज एफआईआर को एसीबी ने अपने हाथ में ले लिया है। एसीबी अधिकारियों ने केस टेकओवर किए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है।

धुर्वा डैम कैचमेंट एरिया में बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण को लेकर एसीबी ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अब एसीबी स्तर पर कराई जा रही है। नगड़ी थाना में दर्ज केस को टेकओवर करते हुए एजेंसी ने पूरे प्रकरण की गहन छानबीन शुरू कर दी है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई

गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश में अवैध रूप से जमीन ट्रांसफर करने, जमाबंदी कराने और लगान रसीद जारी करने में शामिल पदाधिकारियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया था। इसके बाद रांची पुलिस ने जांच के लिए नगड़ी थाना में एफआईआर दर्ज की थी।

याचिका के बाद सामने आया मामला

इससे पहले धुर्वा डैम के कैचमेंट एरिया में अवैध रूप से जमीन खरीदने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में बताया गया था कि सरकारी अधिग्रहित जमीन पर घर तक बना लिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर अतिक्रमण हटाने को लेकर नगड़ी अंचलाधिकारी की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को दस्तावेजों के साथ नगड़ी सीओ के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को यह जानकारी दी गई थी कि संबंधित जमीन धुर्वा डैम के कैचमेंट एरिया के अंतर्गत आती है और सरकार द्वारा पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। ऐसी जमीन की खरीद-बिक्री कानूनन संभव नहीं है।

अधिग्रहित जमीन की खरीद-बिक्री पर बड़ा सवाल

धुर्वा डैम के कैचमेंट एरिया में कई बड़े निर्माण खड़े हो चुके हैं और कागजातों के अनुसार सभी निर्माण वैध दिखाए गए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहित थी तो उसकी खरीद-बिक्री कैसे हुई। इसके बाद नक्शा पास होना और सभी दस्तावेजों का तैयार होना भी जांच के दायरे में है।

अगर मामले की गहराई से जांच होती है तो इसमें कई अंचलाधिकारी और अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका सामने आ सकती है। एसीबी की जांच के बाद इस पूरे प्रकरण में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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