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पीएम मोदी मलेशिया दौरे पर: अनवर इब्राहिम से मुलाकात, व्यापार सुरक्षा के नए द्वार क्यों खुल रहे?

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PM Modi Malaysia visit February 2026
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पीएम मोदी का 7-8 फरवरी 2026 मलेशिया दौरा: अनवर इब्राहिम से मुलाकात, व्यापार 18.6 बिलियन डॉलर, सेमीकंडक्टर डिफेंस डिजिटल पेमेंट्स पर 10 MoU, डोरनियर विमान सबमरीन मेन्टेनेंस, आतंकवाद निंदा, CEO फोरम, इंडियन डायस्पोरा इंटरैक्शन। व्यापक रणनीतिक साझेदारी का पूरा विश्लेषण।

मलेशिया यात्रा से भारत को फायदा: सेमीकंडक्टर डिफेंस ट्रेड पर समझौते, 18.6 अरब डॉलर व्यापार का राज़

पीएम मोदी का मलेशिया दौरा: व्यापार सुरक्षा बंधन मजबूत करने की नई शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7-8 फरवरी 2026 को मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की जो भारत-मलेशिया संबंधों को नई ऊँचाई देने का प्रतीक बनी। यह यात्रा अगस्त 2024 में दोनों देशों द्वारा संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ऊंचा उठाए जाने के बाद पीएम मोदी का पहला मलेशिया दौरा था। मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो’ सेरी अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर की गई इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने पुतराजया में अनवर के आधिकारिक निवास पर द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य राष्ट्रीय सुरक्षा श्रम सहित कई क्षेत्रों में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बहुस्तरीय सहयोग की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत मलेशिया को डोरनियर विमान बेचने और स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बी तथा सुखोई Su-30 फाइटर जेट के रखरखाव-अपग्रेड पर बातचीत कर रहा है।

2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 18.6 बिलियन डॉलर रहा जिसमें मलेशिया ने भारत को पाम ऑयल विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात किए जबकि भारत से कृषि पेट्रोलियम और रासायनिक उत्पाद आयात किए। पीएम मोदी को पेरडाना पुत्रा कॉम्प्लेक्स में औपचारिक स्वागत मिला और इसके बाद सीरि पेरडाना में प्रतिबंधित तथा प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकें हुईं। यात्रा के दौरान 10वें भारत-मलेशिया CEO फोरम भी आयोजित हुआ जिसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों ने विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी ने मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी भेंट की जो दोनों देशों के सांस्कृतिक बंधन को मज़बूत करता है।

मोदी-अनवर बैठक: व्यापार सुरक्षा सेमीकंडक्टर पर बड़े समझौते

पीएम मोदी और अनवर इब्राहिम की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा हुई जिसमें राजनीतिक रक्षा सुरक्षा आर्थिक व्यापार डिजिटल प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फिनटेक ऊर्जा स्वास्थ्य उच्च शिक्षा संस्कृति पर्यटन और जन-जन संबंध शामिल थे। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की सभी रूपों विशेष रूप से सीमा-पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसे खत्म करने के लिए शून्य सहनशीलता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की। स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के समझौते हुए जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा और श्रम संबंधी MoU पर हस्ताक्षर हुए। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सेमीकंडक्टर सहयोग के लिए IIT मद्रास ग्लोबल और मलेशिया की एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एकेडमी के बीच चल रही साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योग निकायों के बीच भी सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा ताकि वैश्विक तकनीकी लचीलापन सुनिश्चित हो।

डिफेंस सहयोग: डोरनियर विमान स्कॉर्पीन पनडुब्बी सुखोई अपग्रेड

दोनों देश रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए। भारत मलेशिया को स्वदेशी डोरनियर विमान बेचने की बात कर रहा है। स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बी के रखरखाव और अपग्रेड तथा सुखोई Su-30 लड़ाकू विमानों की सर्विसिंग पर चर्चा तेज़ है। मलेशियन एयर फोर्स और भारतीय वायुसेना दोनों Su-30 इस्तेमाल करती हैं इसलिए रखरखाव में सहयोग आसान होगा। दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ समुद्री विवादों के बीच मलेशिया के लिए भारत का डिफेंस सपोर्ट रणनीतिक महत्व रखता है। दोनों ने उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग को रोकने काउंटर-रैडिकलायज़ेशन टेरर फाइनेंसिंग और आतंकवाद व संगठित अपराध के लिंक पर सहयोग बढ़ाने का वादा किया।

सेमीकंडक्टर और डिजिटल पेमेंट्स: नई साझेदारी का आधार

सेमीकंडक्टर सहयोग को दोनों नेताओं ने वैश्विक सप्लाई चेन स्थिरता के लिए रणनीतिक बताया। भारत मलेशिया के साथ इनोवेशन वर्कफोर्स डेवलपमेंट और सप्लाई चेन पर काम करेगा। डिजिटल पेमेंट्स पर समझौता हुआ जो UPI जैसी भारतीय तकनीक को मलेशिया में फैलाने का रास्ता खोलेगा। ऊर्जा क्षेत्र में मलेशिया की PETRONAS और Gentari भारत के रिन्यूएबल एनर्जी ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश बढ़ाएंगी। बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स और क्लीन एनर्जी पर फोकस रहेगा। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में भारत की लीडरशिप को सराहा गया।

व्यापार लक्ष्य 30 बिलियन डॉलर: पाम ऑयल से इलेक्ट्रॉनिक्स तक

2025 में भारत-मलेशिया व्यापार 18.6 बिलियन डॉलर रहा। मलेशिया ने भारत को पाम ऑयल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात किए जबकि भारत से कृषि पेट्रोलियम रसायन आयात किए। लक्ष्य 2030 तक 30 बिलियन डॉलर व्यापार। CEO फोरम में उद्योगपतियों ने ट्रेड फैसिलिटेशन पर चर्चा की। मलाया जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर के कारण भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में मलेशिया महत्वपूर्ण। व्यापार संतुलन के लिए नए क्षेत्र खुल रहे।

भारतीय प्रवासी समुदाय: सांस्कृतिक पुल का रोल

पीएम मोदी ने मलेशिया के भारतीय समुदाय से मुलाकात की। मलेशिया में लाखों भारतीय मूल के लोग रहते हैं जो दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध मजबूत करते हैं। मोदी ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की। समुदाय ने स्वागत किया। ये यात्रा लोगों के बीच बंधन बढ़ाएगी।

रणनीतिक साझेदारी का विस्तार: आतंकवाद से पर्यटन तक

दोनों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया। विज्ञान प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष न्यूक्लियर एनर्जी वैक्सीन पर सहयोग। आपदा प्रबंधन भ्रष्टाचार विरोधी सहयोग ऑडियोविजुअल को-प्रोडक्शन सोशल सिक्योरिटी पर MoU हुए। ASEAN सेंट्रलिटी पर सहमति। मोदी ने अनवर को भारत आने का न्योता दिया। यात्रा सफल रही।

5 FAQs

प्रश्न 1: पीएम मोदी का मलेशिया दौरा कब और क्यों था?
उत्तर: 7-8 फरवरी 2026 को अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर। व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पहला दौरा। व्यापार सुरक्षा सेमीकंडक्टर पर फोकस।

प्रश्न 2: मोदी-अनवर बैठक में कौन से समझौते हुए?
उत्तर: स्वास्थ्य राष्ट्रीय सुरक्षा श्रम डिजिटल पेमेंट्स सेमीकंडक्टर पर MoU। डोरनियर विमान स्कॉर्पीन पनडुब्बी सुखोई अपग्रेड पर चर्चा।

प्रश्न 3: भारत-मलेशिया व्यापार कितना है?
उत्तर: 2025 में 18.6 बिलियन डॉलर। मलेशिया पाम ऑयल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात। भारत कृषि पेट्रोलियम। लक्ष्य 2030 तक 30 बिलियन।

प्रश्न 4: डिफेंस सहयोग में क्या नया?
उत्तर: डोरनियर बिक्री। स्कॉर्पीन सु-30 रखरखाव। दक्षिण चीन सागर विवाद में भारत सपोर्ट। आतंकवाद पर शून्य सहनशीलता।

प्रश्न 5: यात्रा का सबसे बड़ा फोकस क्षेत्र क्या?
उत्तर: सेमीकंडक्टर सहयोग। IIT मद्रास-मलेशिया एकेडमी। डिजिटल पेमेंट्स ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन। CEO फोरम ट्रेड बढ़ावा।

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