केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ग्लोबल ट्रांसफर हब बनने की राह पर, ट्रांसफर ट्रैफिक 17% सालाना बढ़ा, T1 अपग्रेड और T2 फेज़ 2 से 2029 तक क्षमता दोगुनी। BIAL COO गिरीश नायर ने बताए प्लान।
बेंगलुरु एयरपोर्ट का ट्रांसफर ट्रैफिक 20% कैसे पहुँचेगा? COO के राज़ खोले
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट अब ग्लोबल ट्रांसफर हब बनेगा
बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) अब सिर्फ़ एक ओरिजिन-डेस्टिनेशन पॉइंट नहीं रहना चाहता। BIAL यानी बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर गिरीश नायर ने कहा कि उनका फोकस अब ट्रांसफर पैसेंजर्स को बेहतर अनुभव देना है। डोमेस्टिक-टू-डोमेस्टिक, डोमेस्टिक-टू-इंटरनेशनल, इंटरनेशनल-टू-डोमेस्टिक और इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल हर तरह के ट्रांसफर को आसान बनाया जा रहा है। ट्रांसफर अब बैकग्राउंड काम नहीं, बल्कि नेटवर्क ग्रोथ का बड़ा हथियार बन चुका है। पैसेंजर्स को बेंगलुरु को सिर्फ़ स्टार्ट या एंड पॉइंट नहीं, बल्कि कनेक्टिंग हब के तौर पर देखना चाहिए।
नायर ने बताया कि पैसेंजर्स को ट्रांसफर के दौरान आसान, भरोसेमंद और आकर्षक अनुभव मिले, इसके लिए एयरलाइंस, ग्लोबल अलायंस, टूरिज्म बोर्ड्स और ट्रैवल ट्रेड के साथ काम हो रहा है। बेंगलुरु की स्ट्रॉन्ग डोमेस्टिक कनेक्टिविटी इसे इंटरनेशनल कैरियर्स के लिए अच्छा एंट्री पॉइंट बनाती है। पहले मुंबई-दिल्ली जैसे शहर गेटवे थे, लेकिन अब बेंगलुरु ग्रोथ सेंटर है। डोमेस्टिक माइग्रेशन बढ़ने से यहां की अहमियत और बढ़ गई है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसे एयरलाइंस के MRO फैसिलिटीज़ भी इसे रीजनल हब बनाने का संकेत दे रही हैं। दक्षिण भारत और उसके बाहर का नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस है।
ट्रांसफर ट्रैफिक के आंकड़े क्या कहते हैं?
KIA पर ट्रांसफर ट्रैफिक सालाना 17 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रहा है। अभी ये टोटल ट्रैफिक का करीब 15 प्रतिशत है। नायर ने लक्ष्य बताया कि इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना है। डोमेस्टिक-टू-डोमेस्टिक सबसे मैच्योर सेगमेंट है, जो इंडिया के टॉप टू एयरपोर्ट्स में शुमार है और सालाना 5 प्रतिशत बढ़ रहा। डोमेस्टिक-टू-इंटरनेशनल और इंटरनेशनल-टू-डोमेस्टिक 30 प्रतिशत से ज्यादा तेज़ी से बढ़ रहे। इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल अभी कम है लेकिन पोटेंशियल बहुत। 2025 में टोटल पैसेंजर्स 43.82 मिलियन हो गए, जो 2024 के 40.73 मिलियन से 8 प्रतिशत ज्यादा। एक दिन में रिकॉर्ड 1,37,317 पैसेंजर्स 23 नवंबर को आए। कार्गो भी 5,20,985 MT तक पहुँचा।
शहर जोड़ों के मौके और एयरलाइंस से साझेदारी
नायर ने कुछ बड़े सिटी-पेयर बताए जिनमें पोटेंशियल है। जैसे ऑस्ट्रेलिया-यूरोप रूट पर सिडनी-लंदन हिथ्रो via BLR। जापान-श्रीलंका के लिए टोक्यो नरिता-कोलंबो। एशिया-मिडिल ईस्ट, कुआलालंपुर-जेद्दाह, डेनपासर/बाली या बैंकॉक-अबू धाबी। इनके लिए इंडियन और इंटरनेशनल कैरियर्स से बात हो रही। जॉइंट मार्केटिंग कैंपेन और रूट डेवलपमेंट इनिशिएटिव से हब प्रपोज़िशन मजबूत कर रहे। एयरलाइंस पार्टनर्स के साथ कनेक्टिंग मार्केट्स पहचानकर नेटवर्क बढ़ा रहे। इससे पैसेंजर्स को ज्यादा चॉइस मिलेगी। दक्षिण भारत के हब के तौर पर BLR की पोज़िशनिंग हो रही।
बेंगलुरु को भारत का गेटवे बनाने की कोशिश
नायर ने जोर दिया कि बेंगलुरु की डोमेस्टिक कनेक्टिविटी इसे इंटरनेशनल कैरियर्स के लिए परफेक्ट एंट्री बनाती। 72 डोमेस्टिक डेस्टिनेशन्स पर उड़ानें, खासकर इंडिगो से। इंडिगो के 20-30 प्रतिशत ट्रैफिक कनेक्टिंग फ्लाइट्स हैं। 8 डेली इंटरनेशनल फ्लाइट्स और 7 पार्टनर कैरियर्स से कनेक्शन। पहले बड़े शहर गेटवे थे लेकिन अब बेंगलुरु ग्रोथ इंजन। माइग्रेशन मुंबई से शिफ्ट हो रहा। MRO फैसिलिटीज़ जैसे एयर इंडिया-इंडिगो साउथ इंडिया हब को सपोर्ट करेंगी। ग्लोबल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर फोकस।
इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड्स से क्षमता बढ़ेगी
टर्मिनल 1 का रिफर्बिशमेंट चल रहा। ईस्टर्न बैगेज हैंडलिंग सिस्टम पूरा, वेस्टर्न साइड अपग्रेड हो रहा। T1 अब 25-26.5 मिलियन पैसेंजर्स हैंडल कर रहा, जनवरी 2025 तक 22 मिलियन हो चुका। टारगेट 35 मिलियन। कर्बसाइड एरिया री-इंजीनियर हो रहे पैसेंजर्स फ्लो बेहतर। टर्मिनल 2 फेज़ 2 के लिए EPC कॉन्ट्रैक्ट फाइनलाइज़ हो रहा, 2029 तक कंपलीट। T2 में 2.78 लाख sqm एडिशनल स्पेस, 40 एप्रॉन स्टैंड्स, 28,000 sqm वॉकवे T1-T2 कनेक्ट। इससे ट्रांसफर आसान। FY25 में 41.88 मिलियन पैसेंजर्स, 5 लाख MT कार्गो।
ट्रांसफर एक्सपीरियंस सुधारने के नए कदम
ट्रांसफर को स्ट्रैटेजिक बनाने के लिए BIAL ने कई कदम उठाए। हर टाइप के ट्रांसफर के लिए अलग-अलग सुविधाएँ। डोमेस्टिक-डोमेस्टिक सबसे आसान क्योंकि कनेक्टिविटी स्ट्रॉन्ग। इंटरनेशनल वाले पर फोकस क्योंकि ग्रोथ हाई। पैसेंजर्स को कम वेट टाइम, बेहतर साइनेज, फास्ट चेक-इन। जॉइंट कैंपेन से एयरलाइंस को सपोर्ट। Menzies Aviation को 15 साल का ग्राउंड हैंडलिंग लाइसेंस मिला। गिरीश नायर ने कहा कि ये पार्टनरशिप सेफ्टी और ऑपरेशंस को बूस्ट करेगी। टेक्नोलॉजी जैसे जेनरेटिव AI से ऑपरेशंस ट्रांसफॉर्म।
2026 के प्लान: इंटरनेशनल और कार्गो पर दांव
2026 में इंटरनेशनल ट्रैफिक और कार्गो डिमांड ड्राइव करेंगे। नए रूट्स और फ्रीक्वेंसीज़ ऐड होंगी। एवरेज डेली इंटरनेशनल डिपार्चर 2024 के 38 से 2025 में 51 हो गए। 28.7 प्रतिशत ग्रोथ। 5 नए डोमेस्टिक-5 इंटरनेशनल रूट्स ऐड। कार्गो में एग्री-पेरिशेबल्स, फार्मा, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स लीड। नए कार्गो टर्मिनल Menzies और AISATS से। एयरक्राफ्ट मूवमेंट्स ऑक्टोबर में 837 पीक, एवरेज 765। BIAL का लक्ष्य ग्लोबल एविएशन हब बनाना।
चुनौतियाँ और भविष्य की राह
ट्रांसफर हब बनने में चुनौतियाँ भी हैं। कंजेशन, वेदर डिले, स्टाफ शॉर्टेज। लेकिन BIAL इनका सामना कर रहा। T1-T2 कनेक्शन से ट्रांजिट टाइम कम। साउथ इंडिया हब के तौर पर पोसिशनिंग। गिरीश नायर की लीडरशिप में टेक्नोलॉजी ऐडॉप्शन। KPMG से पार्टनरशिप प्लेटफॉर्म डेवलप। 15 सालों में ग्लोबल हब बनने का टारगेट। पैसेंजर्स को स्मूथ एक्सपीरियंस। बेंगलुरु बिज़नेस हब को सपोर्ट।
क्या BLR दुबई-सिंगापुर को टक्कर दे पाएगा?
दुबई या सिंगापुर सिटी-स्टेट एयरपोर्ट्स हैं, सिर्फ़ इंटरनेशनल। BLR मिक्स्ड है लेकिन डोमेस्टिक स्ट्रेंथ से हब बन सकता। 20 प्रतिशत ट्रांसफर शेयर लक्ष्य रियलिस्टिक। साउथ इंडिया गेटवे। अगर T2 2029 तक रेडी तो कैपेसिटी 85 मिलियन+। पैसेंजर्स बढ़ेंगे। कार्गो भी 5 लाख MT क्रॉस। BIAL का विज़न साफ़।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: BIAL COO गिरीश नायर ने ट्रांसफर हब के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि ट्रांसफर अब स्ट्रैटेजिक हैं, बेंगलुरु को कनेक्टिंग पॉइंट बनाना लक्ष्य, हर टाइप ट्रांसफर आसान। - प्रश्न: KIA का ट्रांसफर ट्रैफिक कितना बढ़ रहा?
उत्तर: 17 प्रतिशत YoY, अभी 15 प्रतिशत शेयर, टारगेट 20 प्रतिशत; D-D सबसे तेज़। - प्रश्न: कौन से सिटी-पेयर्स में पोटेंशियल?
उत्तर: सिडनी-लंदन, टोक्यो-कोलंबो, KL-जेद्दाह, बैंकॉक-अबू धाबी via BLR। - प्रश्न: इंफ्रा अपग्रेड्स क्या हैं?
उत्तर: T1 रिफर्ब 35M कैपेसिटी, T2 फेज़ 2 2029 तक 2.78 लाख sqm ऐड, T1-T2 वॉकवे। - प्रश्न: 2025 में पैसेंजर्स कितने थे?
उत्तर: 43.82 मिलियन CY2025 में, 8 प्रतिशत ग्रोथ; कार्गो 5.21 लाख MT।
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