PM मोदी ने 13 फरवरी 2026 को सेवातीर्थ (PMO का नया घर) और कर्तव्य भवन-1,2 का उद्घाटन । साउथ ब्लॉक से शिफ्ट, आधुनिक, इको-फ्रेंडली सेंट्रल सेक्रेटेरिएट।
कर्तव्य भवन में कौन–कौन मंत्रालय? PM मोदी के नए ऑफिस के सीक्रेट्स
PMO को नया आधुनिक घर: सेवातीर्थ का उद्घाटन
13 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रायसीना हिल पर स्थित नए बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का नाम सेवातीर्थ रखा। शाम करीब 6 बजे उन्होंने सेवातीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का औपचारिक उद्घाटन किया और एक पब्लिक प्रोग्राम को संबोधित भी किया। यह शिफ्ट 78 साल बाद हुआ है जब से आजादी के बाद PMO साउथ ब्लॉक में ही था। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक अब म्यूज़ियम बनेंगे जिसे युग युगीन भारत संग्रहालय कहा जाएगा। इस मौके पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग साउथ ब्लॉक में हुई और उसके बाद मंत्रियों ने सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया। नए कॉम्प्लेक्स में PMO, कैबिनेट सेक्रेटेरिएट और NSC सेक्रेटेरिएट एक साथ आएंगे।
साउथ ब्लॉक से सेवातीर्थ तक: 78 साल का सफर खत्म
PMO अब दाराशिकोह रोड पर एक्ज़ीक्यूटिव एन्क्लेव-1 ज़ोन के सेवातीर्थ-1 में शिफ्ट हो गया। यह कॉम्प्लेक्स तीन इंटरकनेक्टेड बिल्डिंग्स से बना है और वायु भवन के पास है। सेवातीर्थ-2 पहले से कैबिनेट सेक्रेटेरिएट का घर है जो राष्ट्रपति भवन से आया। सेवातीर्थ-3 में NSA ऑफिस और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट आएगा। साथ ही इंडिया हाउस भी बनेगा जो हाई-लेवल विदेशी डेलिगेशन के लिए होगा। यह शिफ्ट सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है जो कोलोनियल लिगेसी से आज़ादी का प्रतीक है। 13 फरवरी 1931 को ब्रिटिश ने न्यू दिल्ली को कैपिटल घोषित किया था, उसी तारीख पर यह नया अध्याय शुरू।
सेवातीर्थ की खासियतें: स्मार्ट, ग्रीन और सिटिज़न सेंट्रिक
सेवातीर्थ तीन बिल्डिंग्स से बना है जो डिजिटली इंटीग्रेटेड वर्कस्पेस हैं। इसमें स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस, सेंट्रलाइज़्ड पब्लिक इंटरफेस ज़ोन, कॉन्फ्रेंस हॉल्स और रिसेप्शन एरिया हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, वाटर कंजर्वेशन, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स लगे हैं। यह 4-स्टार GRIHA स्टैंडर्ड पर बना है जो एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट कम करता है। इंटीरियर्स में भारत की कल्चरल मोटिफ्स हैं लेकिन फंक्शनल और मिनिमल रखा गया। पुराने साउथ ब्लॉक के मोटे दीवारों, संकरी गलियों और बंद कमरों से अलग, यह ओपन और कोलैबोरेटिव वर्क कल्चर लाता है। केंद्रीय सचिवालय अब कर्तव्य भवन कहलाएगा।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में कौन–कौन मंत्रालय?
कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय शिफ्ट हो रहे हैं जैसे फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, एजुकेशन। ये बिल्डिंग्स भी सेंट्रल विस्टा का हिस्सा हैं जो 2025 में अमित शाह ने 24×7 सर्विस पुष के तहत घोषित किए। कर्तव्य भवन नाम से साफ है कि फोकस ड्यूटी और सर्विस पर है। ये मंत्रालय अब एक ही जगह पर होंगे जिससे कोऑर्डिनेशन आसान होगा। पहले ये अलग–अलग जगहों पर थे। यह शिफ्ट गवर्नेंस को स्ट्रीमलाइंड और एक्सेसिबल बनाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह शिफ्ट – कोलोनियल लिगेसी से आज़ादी
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने X पर लिखा कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में नया मोड़ है। साउथ ब्लॉक ब्रिटिश दौर का था जहाँ पावर हायरार्किकल थी। सेवातीर्थ सेवा को केंद्र में रखता है। राजभवन को लोक भवन और राज निवास को लोक निवास नाम दिया गया। राजपथ को कर्तव्य पथ बनाया। यह सब पावर से सर्विस की ओर शिफ्ट दिखाता है। साउथ–नॉर्थ ब्लॉक अब पब्लिक म्यूज़ियम होंगे। यह बदलाव 11 साल के मोदी गवर्नेंस का प्रतीक है।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का सफर और भविष्य
सेंट्रल विस्टा 2020 में शुरू हुआ जो दिल्ली के 3 किमी इलाके को रीडेवलप कर रहा। इसमें 10 कर्तव्य भवन, VP एन्क्लेव, PM हाउस आदि शामिल। सेवातीर्थ 2,26,000 स्क्वायर फुट में बना, लागत 1200 करोड़। PM हाउस सेवातीर्थ के सामने है। यह प्रोजेक्ट गवर्नेंस को मॉडर्न बनाता है। आने वाले समय में और बिल्डिंग्स तैयार होंगी। पर्यावरण, सिक्योरिटी और एफिशिएंसी पर फोकस।
नए PMO से गवर्नेंस कैसे बदलेगा?
नए कॉम्प्लेक्स से PMO, NSA, कैबिनेट एक जगह होंगे जिससे डिसीजन मेकिंग तेज़ होगी। डिजिटल इंटीग्रेशन से पेपरलेस वर्क बढ़ेगा। पब्लिक इंटरफेस से सिटिज़न एक्सेस आसान। ग्रीन फीचर्स से सस्टेनेबल गवर्नेंस। इंडिया हाउस से इंटरनेशनल मीटिंग्स आसान। पुरानी हायरार्की खत्म, कोलैबोरेशन बढ़ेगा। यह सिटिज़न सेंट्रिक गवर्नेंस का मॉडल है।
कुल मिलाकर नया दौर
यह उद्घाटन भारत के एडमिनिस्ट्रेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम है। सेवातीर्थ नाम सेवा भाव दर्शाता है। 78 साल पुरानी परंपरा बदल गई। अब फोकस मॉडर्न, एफिशिएंट, ग्रीन गवर्नेंस पर। मंत्रालय एक जगह से कोऑर्डिनेशन बेहतर। कोलोनियल सिम्बल्स को म्यूज़ियम में शिफ्ट। आने वाले सालों में यह सेंटर ऑफ पावर बनेगा।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: सेवातीर्थ क्या है और PMO का इससे क्या संबंध?
उत्तर: सेवातीर्थ PMO का नया कॉम्प्लेक्स है जो एक्ज़ीक्यूटिव एन्क्लेव-1 में है, इसमें PMO, NSC और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट शिफ्ट हुए। - प्रश्न: कब और कैसे हुआ उद्घाटन?
उत्तर: 13 फरवरी 2026 को PM मोदी ने दोपहर 1:30 बजे नाम रखा, शाम 6 बजे उद्घाटन और संबोधन किया। - प्रश्न: साउथ ब्लॉक का क्या होगा?
उत्तर: साउथ और नॉर्थ ब्लॉक अब युग युगीन भारत संग्रहालय बनेंगे, PMO का 78 साल का दौर खत्म। - प्रश्न: सेवातीर्थ की खासियतें क्या हैं?
उत्तर: स्मार्ट एक्सेस, ग्रीन एनर्जी, 4-स्टार GRIHA, डिजिटल वर्कस्पेस, इंडिया हाउस विदेशी मेहमानों के लिए। - प्रश्न: कर्तव्य भवन में कौन–से मंत्रालय?
उत्तर: फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ, एजुकेशन आदि; सेंट्रल सेक्रेटेरिएट का नया नाम।
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