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थरूर फिर स्पॉटलाइट में: केरल प्रचार समिति में सह-अध्यक्ष, क्या राहुल ने मैनेज किया

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Shashi Tharoor Kerala elections, Congress campaign committee Kerala 2026
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कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार समिति गठित की, शशि थरूर को सह-अध्यक्ष बनाया। रमेश चेन्निथाला चेयरमैन, पार्टी में सुलह के बाद बड़ा रोल।

केरल 2026 चुनाव: थरूर को क्यों चुना कांग्रेस ने, चेन्निथाला के साथ क्या प्लान?

शशि थरूर को मिली केरल चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी, क्या बदला माहौल?

कांग्रेस ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी में दो अहम समितियाँ गठित कीं, जिसमें तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर को प्रचार समिति का सह-अध्यक्ष बनाया गया। वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथाला को चेयरमैन चुना गया है, जबकि शाफी परंबिल कन्वीनर होंगे। यह फैसला पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंजूर किया और इसे केरल प्रदेश कांग्रेस कमिटी के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया। थरूर का यह रोल पार्टी नेतृत्व से हालिया सुलह के ठीक बाद आया है, जब उन्होंने खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा था कि “सब ठीक है, हम एक ही पेज पर हैं”। यह नियुक्ति थरूर की लोकप्रियता, खासकर शहरी और युवा वोटरों में, का फायदा उठाने की रणनीति दिखाती है।

थरूर–पार्टी रिश्ते में तनाव कब और क्यों हुआ?

पिछले कुछ महीनों से शशि थरूर और केरल कांग्रेस यूनिट के बीच खींचतान चल रही थी। कोच्चि इवेंट पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया, स्टेट लीडरशिप पर खुद को साइडलाइन करने का इल्ज़ाम लगाया। जनवरी 2026 में दिल्ली में खड़गे और राहुल से लंबी बैठक हुई, जिसमें शिकायतें सुनी गईं। उसके बाद थरूर ने लोकसभा में यूनियन बजट पर डिबेट शुरू की और पार्टी पोजीशन क्लियर की। सुलह के बाद पार्टी ने उन्हें स्पॉटलाइट में लाने का फैसला लिया, क्योंकि केरल चुनाव में UDF को 10 साल पुरानी LDF सरकार को हराना है।

प्रचार समिति में कौन–कौन, क्या होगी जिम्मेदारी?

प्रचार समिति में हिबी ईडन, रोजी एम जॉन, सीआर माहेश, मैथ्यू कुज़्हलनाडन, राम्या हरिदास, एम लिजू और दीप्थी मैरी वर्गीज सदस्य होंगे। समिति का काम चुनावी रणनीति बनाना, आउटरीच प्रोग्राम चलाना, मैसेजिंग तैयार करना और वोटर कैंपेनिंग को कोऑर्डिनेट करना होगा। चेन्निथाला का अनुभव और थरूर का नेशनल प्रोफाइल मिलकर UDF को मजबूत बनाएंगे। शाफी परंबिल कन्वीनर होंगे, जो ऑपरेशनल काम संभालेंगे। यह समिति अप्रैल–मई 2026 के चुनावों के लिए पार्टी को फुल मोड में लाएगी।

मेनिफेस्टो समिति भी तैयार, कौन हैं इसमें?

मेनिफेस्टो समिति के चेयरमैन बेनी बेहनान, सह-अध्यक्ष कोडिकुन्निल सुरेश, सदस्य डीन कुरियाकोस और जेबी माथर होंगे। यह समिति UDF का चुनावी घोषणा–पत्र तैयार करेगी, जिसमें लोकल इश्यूज़, विकास, रोजगार और LDF की विफलताओं पर फोकस होगा। पार्टी ने जनवरी से ही कैंडिडेट सिलेक्शन शुरू कर दिया है, फरवरी तक पहली लिस्ट आने की उम्मीद। राहुल गांधी की UDF यात्री 6 फरवरी से शुरू हो रही, जो जनता का मूड मापेगी।

केरल चुनाव 2026: तीन–कोना मुकाबला क्यों कठिन?

केरल में LDF (CPM–लीड), UDF (कांग्रेस–लीड) और BJP–NDA के बीच त्रिकोणीय लड़ाई होगी। LDF के पिनाराई विजयन 10 साल से सत्ता में हैं, लेकिन एंटी–इनकंबेंसी का फायदा UDF को मिल सकता है। BJP ने पिछले लोकल बॉडी चुनावों में ग्राउंड गेन किया, खासकर हिंदू वोटरों में। कांग्रेस का टारगेट 100+ सीटें, UDF को एक्सपैंड करना। मिशन 2026 के तहत पार्टी लोकल बॉडी जीतों का फायदा उठाएगी।

थरूर की भूमिका क्यों अहम, युवाओं पर असर?

थरूर की नेशनल इमेज, इंग्लिश स्पीकिंग और डिबेट स्किल्स शहरी इलाकों में काम आएंगी। युवा और अर्बन वोटर्स में उनकी अपील मजबूत, जो UDF के लिए प्लस पॉइंट। लोकल इश्यूज़ पर उनकी पकड़ कम लेकिन स्टेट लीडर्स के साथ मिलकर बैलेंस बनेगा। सुलह से पार्टी यूनिटी का मैसेज जाएगा, जो विपक्ष के लिए अच्छा संकेत। केरल में कांग्रेस को सत्ता वापसी के लिए हर वोटर सर्कल महत्वपूर्ण।

कांग्रेस की केरल रणनीति: मिशन 100+ सीटें

KPCC ने जनवरी के लीडरशिप समिट में 100+ सीटों का टारगेट सेट किया। महापंचायत 19 जनवरी को राहुल के उद्घाटन से होगी। VD सतीशियन की UDF यात्री फरवरी में जन–संपर्क बढ़ाएगी। लोकल बॉडी जीतों से मोमेंटम, LDF की कमियों पर हमला। BJP के उभार को रोकना भी चुनौती। थरूर जैसे चेहरों से नेशनल नैरेटिव लाना।

क्या थरूर तिरुवनंतपुरम से लड़ेंगे विधानसभा?

अभी आधिकारिक घोषणा नहीं लेकिन थरूर ने कहा है कि वो UDF जीत के लिए कैंपेन करेंगे। लोकसभा MP रहते स्टेट चुनाव लड़ना रेयर लेकिन पार्टी ऑप्शन रख सकती है। उनकी लोकप्रियता से UDF को फायदा। अगर लड़ते हैं तो नेशनल प्रोफाइल स्टेट लेवल पर काम आएगा। पार्टी कैंडिडेट सिलेक्शन यात्री के दौरान तय करेगी।

कुल मिलाकर कांग्रेस की केरल तैयारी मजबूत

यह समितियाँ गठन से कांग्रेस ने केरल चुनाव मोड में आ गई। थरूर की वापसी से यूनिटी और अपील बढ़ेगी। LDF को हराने के लिए स्ट्रैटेजी क्लियर। अप्रैल–मई चुनाव तीन–कोना जंग होंगे। UDF अगर जीती तो साउथ में बड़ा ब्रेकथ्रू।

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: शशि थरूर को क्या जिम्मेदारी मिली केरल चुनाव में?
    उत्तर: कांग्रेस प्रचार समिति का सह-अध्यक्ष, चेन्निथाला के साथ रणनीति, मैसेजिंग और कैंपेन कोऑर्डिनेशन संभालेंगे।
  2. प्रश्न: थरूर–पार्टी सुलह कब हुई?
    उत्तर: जनवरी 2026 में खड़गे–राहुल से बैठक के बाद, थरूर ने कहा “सब ठीक, एक ही पेज पर”।
  3. प्रश्न: केरल चुनाव कब होंगे?
    उत्तर: अप्रैल–मई 2026 में, LDF vs UDF vs BJP–NDA त्रिकोणीय मुकाबला।
  4. प्रश्न: मेनिफेस्टो समिति कौन लीड करेगा?
    उत्तर: चेयरमैन बेनी बेहनान, सह-अध्यक्ष कोडिकुन्निल सुरेश।
  5. प्रश्न: कांग्रेस का टारगेट क्या है?
    उत्तर: 100+ सीटें UDF के लिए, लोकल बॉडी मोमेंटम और एंटी–इनकंबेंसी का फायदा।

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