दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पेंग्विन इंडिया स्टाफ से पूर्व आर्मी चीफ नरवाने की अनप्रकाशित किताब लीक पर दूसरी पूछताछ की। PDF और राहुल गांधी के पास हार्ड कॉपी का ट्रैकिंग, क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी FIR।
अनप्रकाशित किताब राहुल के हाथ कैसे लगी? नरवाने लीक केस में FIR और क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी
दिल्ली पुलिस ने पेंग्विन स्टाफ से दूसरी बार पूछताछ की – लीक का रहस्य कब खुलेगा?
13 फरवरी 2026 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंग्विन इंडिया के अधिकारियों से पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाने की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कथित लीक पर लगातार दूसरे दिन घंटों पूछताछ की। जांचकर्ताओं ने मैन्यूस्क्रिप्ट और डिजिटल फाइल्स के हैंडलिंग, सर्कुलेशन और एक्सेस लॉग्स की पूरी डिटेल मांगी। पब्लिशर ने बताया कि प्रोसेस करीब तीन साल से चल रहा है और उन्हें डेटा जुटाने के लिए थोड़ा समय चाहिए। पुलिस का शक है कि प्रिंटिंग से पहले ही PDF लीक हो गई, क्योंकि फाइल में प्रिंटर का नाम ब्लैंक था। अधिकारी संकेत दे रहे हैं कि स्टाफ को फिर बुलाया जा सकता है।
राहुल गांधी ने संसद में किताब दिखाई – वो कॉपी कहाँ से आई?
4 फरवरी को लोकसभा में लीडर ऑफ ऑपोज़िशन राहुल गांधी ने किताब का हार्ड कॉपी लहराते हुए PM मोदी को देने की बात कही। उन्होंने कहा कि किताब विदेश में उपलब्ध है लेकिन भारत में MoD क्लियरेंस के कारण प्रकाशित नहीं हो रही। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये किताब “अभी अस्तित्व में नहीं” क्योंकि क्लियरेंस पेंडिंग है। पुलिस अब इस हार्ड कॉपी के ओरिजिन और उसके विदेश–ऑनलाइन सर्कुलेशन की जांच कर रही है। राहुल ने कहा कि ये 2020 के चीन संघर्ष पर खुलासे करेगी।
किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में क्या है विवादास्पद?
पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवाने की यह आत्मकथा सेना के चार स्टार जनरल्स के सफर पर केंद्रित है। RTI से पता चला कि ये एकमात्र मैन्यूस्क्रिप्ट है जो MoD में क्लियरेंस के लिए लंबे समय से अटकी हुई। किताब में कथित तौर पर 2020 गलवान घाटी संघर्ष, आर्मी चीफ सिलेक्शन, LAC पर रणनीति और सरकारी फैसलों पर खुलासे हैं। राहुल ने संसद में कहा कि ये “56 इंच छाती” वाले समय का सच बताएगी। नरवाने ने पुष्टि की कि किताब अनप्रकाशित है और पेंग्विन ने भी कहा कि सर्कुलेटिंग कॉपीज अनऑथराइज़्ड हैं।
पेंग्विन इंडिया पर नोटिस और FIR – क्या आरोप?
10 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने पेंग्विन को नोटिस जारी किया और 11 फरवरी को FIR दर्ज की। IPC की धारा 120B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) लगाई गई। जांच में दो लाइन – एक PDF का प्री–प्रिंट लीक, जो टेलीग्राम, सोशल मीडिया पर फैला। दूसरा हार्ड कॉपी जो संसद में दिखी और ग्लोबल मार्केट में पहुंची। पेंग्विन ने कहा कि वो किताब पब्लिश नहीं कर चुके। पुलिस अब एक्सेस लिस्ट, शेयरिंग हिस्ट्री चेक कर रही।
विदेशी हाथ का शक क्यों? ग्लोबल सर्कुलेशन का राज
पुलिस को शक है कि लीक में “फॉरेन हैंड” हो सकता है क्योंकि किताब MoD क्लियरेंस से पहले ही ग्लोबल मार्केट में पहुंच गई। PDF टाइपसेट वर्शन था, जो पेंग्विन ने तैयार किया लेकिन प्रिंटिंग से पहले लीक। टेलीग्राम चैनल्स पर शेयरिंग हुई। आर्म्ड फोर्सेस ऑफिसर्स की किताबों के लिए सख्त नियम हैं – MoD अप्रूवल जरूरी। यह लीक सेंसिटिव इंफो लीक का केस बन सकता है।
नरवाने कौन हैं? किताब कब प्रकाशित होनी थी?
जनरल एमएम नरवाने 2019 से 2022 तक आर्मी चीफ रहे। गलवान वैली क्लैश के समय वो पद पर थे। किताब पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया प्रकाशित करने वाली है। तीन साल से प्रोसेस चल रहा, लेकिन क्लियरेंस अटका। नरवाने ने कहा कि लीक अनऑथराइज़्ड है। राजनीतिक विवाद बढ़ा तो नई पब्लिशिंग गाइडलाइंस पर विचार हो रहा।
राहुल का संसद ड्रामा और राजनीतिक एंगल
राहुल ने लोकसभा में किताब के एक्सर्प्ट्स पर बोलने की कोशिश की लेकिन स्पीकर ने रोका। उन्होंने पत्रिका आर्टिकल का हवाला दिया लेकिन BJP ने किताब को “अनअथॉराइज़्ड” बताया। विपक्ष ने इसे सेंसरशिप कहा, सत्ता पक्ष ने लीक को साजिश। अब पुलिस जांच से राजनीतिक बहस और तेज़ हो गई।
पेंग्विन का पक्ष – क्या गलती हुई?
पेंग्विन ने स्टेटमेंट जारी कर कहा कि उनके पास एक्सक्लूसिव राइट्स हैं लेकिन किताब अभी पब्लिश नहीं हुई। सर्कुलेटिंग PDF या कॉपीज पाइरेटेड हैं। उन्होंने पुलिस को डेटा देने का समय मांगा। पुलिस अब नेग्लिजेंस या बड़ी साजिश जांच रही। अगर कॉन्सपिरेसी साबित तो बड़ा केस बनेगा।
आर्म्ड फोर्सेस की किताबों पर सेंसरशिप नियम क्यों?
सेना अधिकारियों को अपनी किताबें छापने से पहले MoD से क्लियरेंस लेना पड़ता है। इसका मकसद सेंसिटिव इंफो लीक रोकना। नरवाने की किताब इकलौती अटकी हुई। विवाद से नई गाइडलाइंस पर काम शुरू। RTI ने खुलासा किया कि कई किताबें पेंडिंग।
अब आगे क्या? जांच का अगला कदम
स्पेशल सेल PDF मूवमेंट, एक्सेस लोग्स, शेयरिंग चेन ट्रैक कर रही। विदेशी IP, टेलीग्राम यूज़र्स चेक होंगे। राहुल के कॉपी का सोर्स पता लगेगा। अगर साजिश तो और FIR। किताब का पब्लिकेशन अब अनिश्चित।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: दिल्ली पुलिस ने पेंग्विन स्टाफ से क्या पूछा?
उत्तर: मैन्यूस्क्रिप्ट हैंडलिंग, PDF सर्कुलेशन, एक्सेस लिस्ट, प्रिंटिंग से पहले लीक कैसे हुई। - प्रश्न: किताब का नाम क्या है और कब लीक हुई?
उत्तर: ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’, प्री–प्रिंट PDF MoD क्लियरेंस से पहले सोशल मीडिया पर लीक। - प्रश्न: राहुल गांधी के पास हार्ड कॉपी कैसे पहुंची?
उत्तर: पुलिस जांच कर रही, संसद में दिखाई, विदेश–ऑनलाइन उपलब्ध होने का दावा। - प्रश्न: FIR किस धारा पर दर्ज हुई?
उत्तर: IPC 120B क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, नेग्लिजेंस या बड़ी साजिश की जांच। - प्रश्न: पेंग्विन ने क्या कहा?
उत्तर: किताब अनप्रकाशित, सर्कुलेटिंग कॉपीज अनऑथराइज़्ड, डेटा देने के लिए समय मांगा।
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