सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक को 29 सितंबर 2025 को दिए पेन ड्राइव को सील कवर में मंगाया। वकील कपिल सिब्बल का दावा चार वीडियो गायब। कोर्ट ने ट्रांसक्रिप्ट की सटीकता पर सवाल उठाए।
लद्दाख NSA केस: SC ने पेन ड्राइव सील में मंगाया, ट्रांसलेशन पर संदेह
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक NSA केस में पेन ड्राइव मंगाया: क्यों विवाद?
16 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के NSA हिरासत केस में बड़ा कदम उठाया। जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की बेंच ने जोधपुर जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वांगचुक को 29 सितंबर 2025 को दिए गए पेन ड्राइव को वांगचुक की मौजूदगी में सील बॉक्स में बंद कर कोर्ट में पेश करें। याचिकाकर्ता वांगचुक की पत्नी गितांजली अंगमो के वकील कपिल सिब्बल ने दावा किया कि हिरासत के आधार बताने वाले चार वीडियो रिकॉर्डिंग्स पेन ड्राइव में ही नहीं हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई गुरुवार तय की। राजस्थान AAG को कम्प्लायंस सुनिश्चित करने को कहा।
कपिल सिब्बल का दावा: चार वीडियो गायब, हिरासत अवैध
सिब्बल ने कहा कि हिरासत आदेश में हिरासत लेने वाले अधिकारी ने चार स्पीच वीडियो का हवाला दिया लेकिन वो पेन ड्राइव में नहीं दिए गए। उन्होंने तर्क दिया कि आधार सामग्री देने में चूक से हिरासत खारिज होनी चाहिए। ग्राउंड ऑफ डिटेंशन 29 सितंबर को दिए गए थे लेकिन वीडियो गायब। वांगचुक ने बार-बार वीडियो कॉपी मांगी लेकिन नहीं मिली। सिब्बल ने कहा भले ही वीडियो दिखाए गए हों लेकिन फॉर्मली सप्लाई जरूरी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ने गैर-मौजूद सामग्री पर भरोसा किया। ट्रांसक्रिप्ट गलत हैं।
कोर्ट ने ट्रांसक्रिप्ट पर सवाल उठाए: सही अनुवाद दो!
बेंच ने स्पीच ट्रांसलेशन की सटीकता पर सवाल उठाए। जस्टिस कुमार ने कहा टेबुलर कॉलम में ये सामग्री हिरासत आदेश में जगह नहीं लेती। अगर यही आधार है तो आदेश में होना चाहिए। जस्टिस वराले ने कहा कम से कम सही ट्रांसक्रिप्ट दो। हम सही अनुवाद की उम्मीद करते हैं। 3 मिनट की स्पीच का 7-10 मिनट का अनुवाद गलत है। वांगचुक ने हिंसा की निंदा की थी लेकिन ट्रांसलेशन में तोड़-मरोड़। केंद्र ने कहा AI से ट्रांसलेट किया, एक्यूरेट है। कोर्ट ने ओरिजिनल ट्रांसक्रिप्ट मांगा।
NSA हिरासत का बैकग्राउंड: लद्दाख आंदोलन से जुड़ा
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लद्दाख में राज्यपाल राज, छठी अनुसूची लागू करने जैसे आंदोलन के दौरान NSA में हिरासत लिया गया। 24 सितंबर को लेह में प्रदर्शन हुए, चार प्रदर्शनकारी पुलिस फायरिंग में मारे गए। वांगचुक ने भूख हड़ताल तोड़ी और शांति की अपील की। केंद्र का दावा कि उनकी स्पीच ने दंगा भड़काने की कोशिश की। नेपाल-बांग्लादेश जैसे आंदोलनों का जिक्र कर युवाओं को उकसाया। जनरल Z मूवमेंट की बात की। लेकिन कोर्ट ने कहा आप ज्यादा पढ़ रहे हो, वांगचुक ने गांधीवादी तरीकों पर चिंता जताई।
केंद्र का बचाव: मेडिकल ग्राउंड पर रिहा न करें, NSA प्रिवेंटिव
सॉलिसिटर जनरल ने कहा मेडिकल ग्राउंड पर रिहाई नहीं क्योंकि हेल्थ स्टेबल। NSA प्रिवेंटिव है, वास्तविक हिंसा की जरूरत नहीं। पोटेंशियल से पब्लिक ऑर्डर प्रभावित। सेक्शन 8(2) से कुछ फैक्ट्स पब्लिक इंटरेस्ट में छिपा सकते हैं। वांगचुक ने ‘हम vs वे’ डिवाइड बनाया। लेकिन बेंच ने कहा सामग्री का नेक्सस साबित करो। अगर एविडेंस छूटा तो बाकी तर्क नहीं सुनेंगे। कोर्ट ने पहले ही मेडिकल रिपोर्ट पर रिहाई पर विचार करने को कहा था।
गितांजली अंगमो की याचिका: हिरासत अवैध, NSA मिसयूज
वांगचुक की पत्नी गितांजली ने हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की। कहा हिरासत आर्टिकल 22 का उल्लंघन। पुरानी FIR, गैर-प्रासंगिक सामग्री पर आधारित। वांगचुक ने कभी हिंसा नहीं भड़काई। 24 सितंबर हिंसा पर भूख हड़ताल तोड़ी, शांति अपील की। पाकिस्तानी एजेंट से कनेक्ट का आरोप खारिज। लद्दाख पुलिस का एजेंडा। NSA में ग्राउंड 28 दिन लेट दिए गए। कोर्ट ने नोटिस जारी किया।
लद्दाख आंदोलन का संदर्भ: छठी अनुसूची क्यों मांग?
वांगचुक लद्दाख स्टेटहुड, छठी अनुसूची लागू करने के आंदोलन के नेता हैं। केंद्र ने UT बनाया लेकिन लोकल डिमांड पूरी नहीं। पर्यावरण, जलवायु पर काम करने वाले वांगचुक ने अहिंसक प्रदर्शन किए। लेकिन केंद्र ने कहा सीमा क्षेत्र में संवेदनशील, दंगा खतरा। स्पीच में विदेशी आंदोलनों का जिक्र। कोर्ट ने नेक्सस पर सवाल।
SC का स्टैंड: नेक्सस साबित करो, एविडेंस चेक होगा
कोर्ट ने कहा स्पीच का पब्लिक ऑर्डर से नेक्सस दिखाओ। अगर गलत ट्रांसलेशन तो हिरासत कमजोर। पेन ड्राइव चेक से सच्चाई खुलेगी। गुरुवार को आगे सुनवाई। अगर वीडियो गायब तो केंद्र मुश्किल में। सिब्बल ने कहा सबसे करीबी घटना स्पीच थी लेकिन गलत ट्रांसलेशन। कोर्ट ने केंद्र को फटकारा।
कुल मिलाकर NSA केस में ट्विस्ट: क्या रिहाई मिलेगी?
NSA हिरासत में प्रोसीजर सख्त है लेकिन कोर्ट ने ट्रांसपेरेंसी पर जोर दिया। पेन ड्राइव और ट्रांसक्रिप्ट चेक से फैसला। वांगचुक की हेल्थ डिटीरियोरेशन पर पहले चिंता जताई। केंद्र ने कहा प्रिवेंटिव। लेकिन कोर्ट ने कहा रीडिंग टू मच। लद्दाख आंदोलन पर असर।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट ने पेन ड्राइव क्यों मंगाया?
उत्तर: वांगचुक को 29 सितंबर को दिए पेन ड्राइव में हिरासत आधार के चार वीडियो गायब होने का दावा; कोर्ट ने ओरिजिनल सील कवर में मांगा। - प्रश्न: ट्रांसक्रिप्ट पर कोर्ट ने क्या कहा?
उत्तर: सही अनुवाद दो, 3 मिनट स्पीच का 7-10 मिनट अनुवाद गलत; हिंसा निंदा को तोड़-मरोड़। - प्रश्न: वांगचुक कब हिरासत में लिया गया?
उत्तर: 26 सितंबर 2025 को लद्दाख प्रदर्शनों के बाद NSA में, जोधपुर जेल में। - प्रश्न: याचिका किसने दायर की?
उत्तर: पत्नी गितांजली अंगमो ने हेबियस कॉर्पस, कपिल सिब्बल वकील। - प्रश्न: केंद्र का बचाव क्या है?
उत्तर: NSA प्रिवेंटिव, स्पीच से दंगा खतरा, नेपाल-बांग्लादेश जैसे आंदोलन उकसाए; AI ट्रांसलेशन एक्यूरेट।
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