ईरान के आसपास के क्षेत्र में तनाव बढ़ने से इंडिगो ने त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू, ताशकंद के फ्लाइट्स 28 फरवरी से बढ़ाकर 28 मार्च तक कैंसल कर दिए। एयर इंडिया भी ईरान एयरस्पेस से परहेज कर रही।
इंडिगो ने क्यों बढ़ाई कैंसिलेशन? ईरान एयरस्पेस बंदी से सेंट्रल एशिया फ्लाइट्स पर क्या असर
ईरान एयरस्पेस संकट बढ़ा: इंडिगो ने 4 रूट्स पर फ्लाइट्स मार्च तक रद्द कीं
16 फरवरी 2026 को इंडिगो ने घोषणा की कि ईरान और उसके आसपास के क्षेत्र में जारी तनाव की वजह से त्बिलिसी (जॉर्जिया), अल्माटी (कजाकिस्तान), बाकू (अजरबैजान) और ताशकंद (उज्बेकिस्तान) के लिए फ्लाइट्स अब 28 मार्च तक रद्द रहेंगी। पहले यह कैंसिलेशन 28 फरवरी तक थी, लेकिन स्थिति बिगड़ने से एक्सटेंड कर दिया गया। एयरलाइन ने X पर कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सबसे ऊपर है, इसलिए ईरान एयरस्पेस से बचते हुए अल्टरनेटिव रूट्स अपनाए जा रहे हैं। लॉन्ग–हॉल फ्लाइट्स पर भी असर पड़ रहा है क्योंकि ड्रीमलाइनर शेड्यूल स्ट्रेन में है।
ईरान–US तनाव: क्यों बंद हो रहा एयरस्पेस और भारतीय एयरलाइंस प्रभावित
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है, जिससे ईरान ने अपना एयरस्पेस कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए प्रतिबंधित कर दिया। जनवरी से ही यह समस्या बढ़ रही थी, जब ईरान ने अचानक एयरस्पेस बंद किया और फिर आंशिक रूप से खोला। अब फरवरी में स्थिति फिर बिगड़ गई, क्योंकि मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट की आशंका बढ़ गई है। इंडिगो और एयर इंडिया ने ईरान एयरस्पेस पूरी तरह अवॉइड कर लिया है। इससे सेंट्रल एशिया और कॉकेशस रीजन के रूट्स पर सीधा असर पड़ा।
इंडिगो की कैंसिलेशन: पहले कब शुरू हुई और अब क्यों बढ़ाई?
4 फरवरी को इंडिगो ने इन चारों शहरों के फ्लाइट्स को 28 फरवरी तक कैंसल किया था। अब 16 फरवरी को एक्सटेंशन की घोषणा कर दी। एयरलाइन ने कहा कि ईरान के आसपास डेवलपमेंट्स जारी हैं, इसलिए सेफ्टी प्रायोरिटी है। यात्रियों को अल्टरनेटिव ट्रैवल ऑप्शन्स या फुल रिफंड का विकल्प दिया जा रहा। इंडिगो के 787-9 ड्रीमलाइनर पर स्ट्रेन बढ़ गया क्योंकि रीरूटिंग से फ्लाइट टाइम और फ्यूल खर्च बढ़ा।
एयर इंडिया पर भी असर: लॉन्ग–हॉल रूट्स रीरूट हो रही
एयर इंडिया ने भी ईरान एयरस्पेस बंदी के बाद लॉन्ग–हॉल फ्लाइट्स को अल्टरनेटिव रूट्स पर शिफ्ट कर दिया। यूरोप और US जाने वाली फ्लाइट्स पर डिले हो रही हैं। इंडिगो ने कोपनहेगन सर्विसेज सस्पेंड कर दीं और दिल्ली–लंदन–मैनचेस्टर पर फ्रीक्वेंसी घटाई। दोनों एयरलाइंस सेफ्टी के लिए पाकिस्तान एयरस्पेस भी अवॉइड कर रही हैं। इससे ब्लॉक टाइम बढ़ा, जो शेड्यूल पर दबाव डाल रहा।
प्रभावित शहर: त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू, ताशकंद क्यों महत्वपूर्ण?
ये चारों शहर सेंट्रल एशिया और कॉकेशस में हैं, जहां इंडिगो ने हाल ही में एक्सपैंड किया था। दिल्ली से डायरेक्ट फ्लाइट्स स्टूडेंट्स, बिजनेस और टूरिस्ट्स के लिए पॉपुलर हैं। ईरान एयरस्पेस के बिना रूट्स इतने लंबे हो जाते हैं कि A320neo फ्लीट की रेंज से बाहर। इससे कार्गो सप्लाई चेन भी प्रभावित। यात्रियों को अब मल्टी–स्टॉप या दूसरे एयरलाइंस चुननी पड़ रही।
यात्रियों को क्या करें: रिफंड या रीबुकिंग?
इंडिगो ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को वेबसाइट पर जाकर रीबुकिंग या फुल रिफंड क्लेम कर सकते हैं। शेड्यूल रिव्यू कर असुविधा कम करने की कोशिश हो रही। लेकिन मार्च तक कैंसिलेशन से स्टूडेंट्स और बिजनेसमैन सबसे ज्यादा परेशान। एयरपोर्ट्स पर कन्जेशन भी बढ़ा। DGCA गाइडलाइंस के तहत सेफ्टी फर्स्ट।
ईरान संकट का वैश्विक असर: अन्य एयरलाइंस भी प्रभावित
ईरान एयरस्पेस बंदी से ग्लोबल एयरलाइंस प्रभावित। लुफ्थांसा, KLM ने ईरान–इराक एयरस्पेस अवॉइड किया। यूरोपीय एजेंसी ने एडवाइजरी जारी की। अमेरिकी एयरलाइंस पहले से ईरान पर बैन। इंडियन कैरियर्स को CIS रीजन के लिए रिफ्यूलिंग स्टॉप लेने पड़ रहे। मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट की आशंका से एयरस्पेस रिस्क हाई।
अगले कदम: कब सामान्य होंगी फ्लाइट्स?
इंडिगो स्थिति पर नजर रख रही और शेड्यूल रिव्यू करेगी। अगर ईरान एयरस्पेस मार्च अंत तक खुला तो अप्रैल से रीस्टोर। लेकिन तनाव बना रहा तो और एक्सटेंशन संभव। यात्रियों को अल्टरनेटिव रूट्स या एयरलाइंस चुनने की सलाह। DGCA और ICAO गाइडलाइंस फॉलो हो रही।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: इंडिगो ने किन रूट्स पर फ्लाइट्स कैंसल कीं?
उत्तर: त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू, ताशकंद के लिए दिल्ली और अन्य शहरों से फ्लाइट्स 28 मार्च तक रद्द। - प्रश्न: कैंसिलेशन क्यों बढ़ाई गई?
उत्तर: ईरान और आसपास के क्षेत्र में जारी डेवलपमेंट्स और एयरस्पेस रिस्क की वजह से सेफ्टी प्रायोरिटी। - प्रश्न: एयर इंडिया पर क्या असर?
उत्तर: एयर इंडिया ने भी ईरान एयरस्पेस अवॉइड कर लिया, लॉन्ग–हॉल फ्लाइट्स रीरूट हो रही, कुछ कैंसल। - प्रश्न: यात्रियों को क्या विकल्प?
उत्तर: इंडिगो वेबसाइट पर रीबुकिंग या फुल रिफंड क्लेम कर सकते हैं। - प्रश्न: ईरान संकट कब से बढ़ा?
उत्तर: जनवरी 2026 से तीव्र, US–ईरान टेंशन से एयरस्पेस बंदी और मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट की आशंका।
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