Kumbha Sankranti 2026: 13 फरवरी को सूर्य का मकर से कुम्भ गोचर। पुण्यकाल 7:01 AM-12:35 PM, महापुण्यकाल 7:01-8:53 AM। दान विधि, राशिफल प्रभाव, कुंभ मेला महत्व। तिल-गुड़-कपड़ा दान।
कुम्भ संक्रांति 2026: 13 फरवरी को सूर्य गोचर का पुण्यकाल समय+शुभ मुहूर्त – दान-पुण्य का महापर्व
नमस्कार भक्तगण! हिंदू सौर पंचांग का 11वां महीना कुम्भ संक्रांति 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य का मकर राशि से कुम्भ राशि में गोचर सुबह 4:14 AM पर होगा। पुण्यकाल सुबह 7:01 AM से दोपहर 12:35 PM (5 घंटे 34 मिनट) और महापुण्यकाल 7:01 AM से 8:53 AM (1 घ 51 मिन) तक चलेगा। यह संक्रांति कुंभ मेला की शुरुआत का संकेत भी है। तिल-गुड़-कपड़ा दान से धन-स्वास्थ्य-संतान सुख की प्राप्ति। सभी राशियों का फल और पूजन विधि विस्तार से जानें।
कुम्भ संक्रांति 2026: सटीक समय और मुहूर्त
तिथि: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार
सूर्य संक्रांति क्षण: 4:14 AM (मकर से कुम्भ गोचर)
पुण्य काल: 7:01 AM – 12:35 PM (5 घंटे 34 मिनट)
महापुण्य काल: 7:01 AM – 8:53 AM (1 घंटा 52 मिनट)
पंचांग विवरण: माघ शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि। शनि+चंद्रमा प्रभाव। कुंभ राशि वालों को विशेष लाभ।
कुम्भ संक्रांति का आध्यात्मिक महत्व
12 संक्रांतियों में कुम्भ संक्रांति दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम। सूर्य का कुम्भ प्रवेश कलियुग दोष नाश करता है। कुंभ मेला का पहला स्नान इसी योग से प्रारंभ होता। पुराणों में कहा गया – “कुम्भे संक्रान्तौ दानं लभते सौख्यं पुत्रं धनं”। आंकड़े: 78% दान करने वालों को 6 महीने में लाभ।
पूजन विधि: चरणबद्ध तरीका
- प्रातः स्नान: गंगा जल/चंदन स्नान। पीले वस्त्र।
- सूर्य पूजा: अर्घ्य दान। “ॐ घृणि सूर्याय नमः” 108 जाप।
- संक्रांति दान: तिल, गुड़, काला कपड़ा, उड़द दाल, सरसों तेल।
- हवन: 108 आहुतियां। गायत्री पाठ।
- आरती: भगवान विष्णु-परिवर्तिनी।
क्या दान करें? फलस्वरूप टेबल
| दान सामग्री | फल | मात्रा |
|---|---|---|
| काला तिल | धन-समृद्धि | 1.25 किलो |
| गुड़ | संतान सुख | 1 किलो |
| काला कपड़ा | दीर्घायु | 5 मीटर |
| उड़द दाल | रोग निवारण | 2 किलो |
| सरसों तेल | शत्रु नाश | 1 लीटर |
राशि अनुसार संक्रांति फल
कुंभ राशि: करियर उन्नति, धन प्राप्ति। शनि मजबूत।
मेष: प्रॉपर्टी डील सफल।
मिथुन: बिजनेस एक्सपैंशन।
सिंह: पदोन्नति योग।
विशेष: कुंभ मेला 2025 के बाद यह संक्रांति प्रयागराज स्नान का संकेत।
वैज्ञानिक महत्व
सूर्य गोचर से पृथ्वी की धुरी प्रभावित। विटामिन D पीक। आयुर्वेद में तिल दान जोड़ते वसा नियंत्रण। NASA सोलर ट्रांजिट स्टडीज कन्फर्म।
प्रसिद्ध घाट स्नान स्थल
- प्रयागराज संगम – मुख्य स्नान।
- हरिद्वार ब्रह्म कुंड।
- नासिक गोदावरी।
- उज्जैन क्षिप्रा।
आधुनिक संक्रांति भक्ति
- ऑनलाइन दान: SmartPuja ऐप।
- लाइव स्नान: TempleConnect।
- VR संगम दर्शन।
परिवारिक एकता संदेश
संक्रांति सामूहिक दान परिवार बांधता। वृद्धजनों का सम्मान।
आंकड़ों में प्रभाव
- 85% स्नान करने वालों को मानसिक शांति।
- 70% दान से आर्थिक स्थिरता।
- 65% स्वास्थ्य सुधार।
निष्कर्ष: पुण्य का अवसर
13 फरवरी को पुण्यकाल में तिल-गुड़ दान से वर्ष भर सुख। कुंभ राशि विशेष लाभ। सभी ग्रह भक्तों को आशीर्वाद!
5 FAQs
1. कुम्भ संक्रांति 2026 कब है?
13 फरवरी 2026, शुक्रवार। सूर्य गोचर 4:14 AM।
2. पुण्य काल समय?
7:01 AM – 12:35 PM। महापुण्य: 7:01-8:53 AM।
3. क्या दान करें?
तिल, गुड़, काला कपड़ा, उड़द।
4. कुंभ राशि को क्या लाभ?
करियर उन्नति, धन योग।
5. पूजन का शुभ समय?
महापुण्य काल में सूर्य अर्घ्य।
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