आदित्य ठाकरे ने राज्यसभा और महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में MVA के हिस्से की संभावित सीटों पर Sena (UBT) का दावा जताया। उनके मुताबिक असेंबली गणित के हिसाब से MVA 1 राज्यसभा और 1 परिषद सीट जीत सकता है, और “रोटेशन व नंबर” के आधार पर इस बार UBT की बारी है, हालांकि अभी औपचारिक चर्चा नहीं हुई।
महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव: शिंदे-बीजेपी के नंबर भारी, फिर भी MVA में ‘1-1 सीट’ की लड़ाई—Sena (UBT) ने ठोका दावा
महाराष्ट्र में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव से पहले MVA में सीटों की खींचतान, Sena (UBT) ने ठोका दावा
महाराष्ट्र में आने वाले राज्यसभा और महाराष्ट्र विधान परिषद (विधान परिषद/विद्यान परिषद) चुनावों से पहले महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि MVA जिन सीटों को अपने नंबरों के आधार पर जीत सकता है, उनमें राज्यसभा की सीट “Sena (UBT) की बनती है” और बातचीत उसी दिशा में होगी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी तक MVA के तीनों दलों—कांग्रेस, Sena (UBT) और NCP (SP)—के बीच राज्यसभा और परिषद चुनावों को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
आदित्य ठाकरे का बयान ऐसे वक्त आया है जब विधानसभा के गणित में सत्तारूढ़ महायुति (Mahayuti) का पलड़ा भारी बताया जा रहा है। इसके बावजूद, उपलब्ध अंकगणित के हिसाब से MVA एक राज्यसभा सीट और एक विधान परिषद सीट निकाल सकता है, और इसी “एक-एक सीट” के भीतर कौन-सा दल उम्मीदवार देगा, यह अब गठबंधन की अंदरूनी राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।
MVA का अंकगणित: किसके कितने विधायक?
रिपोर्ट के मुताबिक 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में Sena (UBT) के पास 20 विधायक हैं, कांग्रेस के 16 और NCP (SP) के 10 विधायक हैं। इसी आधार पर “लेटेस्ट अरिथमेटिक” में कहा गया है कि MVA एक-एक सीट राज्यसभा और विधान परिषद में जीतने की स्थिति में हो सकता है। आदित्य ठाकरे ने इसी अंकगणित का हवाला देकर कहा कि रोटेशन और नंबर के हिसाब से इस बार बारी Sena (UBT) की है—चाहे राज्यसभा हो या विधान परिषद।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि राज्यसभा चुनावों की संख्या कई राज्यों में है और महाराष्ट्र में 7 सीटों पर चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इन चुनावों का दायरा महाराष्ट्र (7), ओडिशा (4), तेलंगाना (2), तमिलनाडु (6), छत्तीसगढ़ (2), पश्चिम बंगाल (5), असम (3), हरियाणा (2), हिमाचल प्रदेश (1) और बिहार (5) तक फैला है।
शरद पवार की सीट और MVA की चर्चा
NCP (SP) प्रमुख शरद पवार का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। Sena (UBT) के नेता संजय राउत के मुताबिक शरद पवार फिर से राज्यसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। इसी के साथ Sena (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी, NCP (SP) की फौज़िया खान, RPI (Athawale) के रामदास आठवले, BJP के भगवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और NCP के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है।
जब आदित्य ठाकरे से शरद पवार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। लेकिन उन्होंने दोहराया कि “नंबर और रोटेशन” के हिसाब से इस बार UBT की बारी है—राज्यसभा हो या विधान परिषद। यानी संकेत साफ है कि अगर MVA के हिस्से में एक राज्यसभा सीट बनती है, तो UBT उसे अपने हिस्से में मान रहा है।
विधान परिषद में 9 रिटायरमेंट, उद्धव ठाकरे का कार्यकाल भी खत्म
विधान परिषद की तस्वीर भी दिलचस्प है। रिपोर्ट के अनुसार, मई में विधान परिषद के 9 सदस्य रिटायर हो रहे हैं, जिनमें Sena (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल हैं। ऐसे में परिषद की सीट पर भी UBT की “पहली प्राथमिकता” होना स्वाभाविक है, क्योंकि पार्टी अपने प्रमुख नेता के लिए सुरक्षित राजनीतिक रास्ता चाह सकती है।
राउत का तंज: “चंद्रपुर जैसा नहीं खिंचेगा”
अलग से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि MVA पार्टनर्स के बीच चर्चा सिर्फ राज्यसभा चुनावों पर नहीं, बल्कि विधान परिषद चुनावों पर भी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि “यह चंद्रपुर जैसा नहीं खिंचेगा, चर्चा चल रही है,” जो कांग्रेस पर एक तंज माना गया।
राउत का यह तंज चंद्रपुर नगर निगम के मेयर चुनाव की पृष्ठभूमि में आया, जहां कांग्रेस को BJP से हार मिली थी, जबकि Sena (UBT) ने कांग्रेस का समर्थन किया था। राउत ने पहले उस हार के लिए कांग्रेस की “अंदरूनी कलह” को जिम्मेदार ठहराया था।
आगे क्या? MVA में सीट शेयरिंग का असली टेस्ट
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि MVA के भीतर “नंबरों का गणित” तो एक हिस्सा है, लेकिन राजनीति दूसरा बड़ा हिस्सा है। अगर गठबंधन सिर्फ एक राज्यसभा और एक विधान परिषद सीट निकाल सकता है, तो तीन दलों में संतुलन बनाना कठिन होगा, खासकर तब जब शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता फिर से राज्यसभा जाना चाहें और उद्धव ठाकरे का परिषद कार्यकाल भी समाप्त हो रहा हो।
अगले कुछ दिनों में MVA के अंदर औपचारिक बातचीत और सीट बंटवारे का फॉर्मूला सामने आने की संभावना है। लेकिन आदित्य ठाकरे का बयान यह संकेत दे चुका है कि Sena (UBT) इस बार “पहला दावा” छोड़ने के मूड में नहीं है।
FAQs (5)
- आदित्य ठाकरे ने किस सीट पर Sena (UBT) का दावा जताया?
उन्होंने कहा कि MVA जिन सीटों को अपने अंकगणित के आधार पर जीत सकता है, उनमें राज्यसभा की सीट “Sena (UBT) की बनती है” और बातचीत उसी दिशा में होगी। - क्या MVA में राज्यसभा/परिषद चुनाव को लेकर औपचारिक चर्चा हो चुकी है?
नहीं, आदित्य ठाकरे के मुताबिक कांग्रेस, Sena (UBT) और NCP (SP) के बीच अभी तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। - महाराष्ट्र विधानसभा में MVA के दलों के पास कितने विधायक हैं?
रिपोर्ट के अनुसार Sena (UBT) के 20 विधायक, कांग्रेस के 16 और NCP (SP) के 10 विधायक हैं। - शरद पवार की राज्यसभा सीट पर क्या अपडेट है?
संजय राउत के मुताबिक शरद पवार, जिनका कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, फिर से राज्यसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। - विधान परिषद में रिटायरमेंट का क्या असर पड़ेगा?
मई में परिषद के 9 सदस्य रिटायर हो रहे हैं, जिनमें उद्धव ठाकरे भी शामिल हैं, इसलिए परिषद सीट पर भी MVA के भीतर बातचीत अहम हो गई है।
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