गृह मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी ड्राइवरों से मुलाकात कर कहा – “तुम ही मालिक हो, कोई अमीर नहीं”। ₹500 मेंबरशिप से शुरू, 3 साल में प्रॉफिट शेयरिंग, 20% कैपिटल बिल्डअप। अमूल मॉडल पर बनी यह ऐप प्राइवेट कंपनियों का विकल्प।
अमित शाह का भारत टैक्सी ड्राइवरों को संदेश: ₹500 मेंबरशिप से शुरू, 3 साल में प्रॉफिट शेयरिंग, कोई कमीशन नहीं
अमित शाह का भारत टैक्सी ड्राइवरों को संदेश: “तुम ही मालिक हो, कोई अमीर नहीं” – 3 साल का ग्रोथ प्लान
गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को भारत टैक्सी के ड्राइवरों से मुलाकात की। उन्होंने ड्राइवरों को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरा समर्थन देगी और अगले 3 साल धैर्य रखें। यह मुलाकात दिल्ली में 5 फरवरी को लॉन्च हुए भारत टैक्सी ऐप के कुछ हफ्ते बाद हुई।
शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का कॉन्सेप्ट ही अलग है – “कड़ी मेहनत करने वाला, पसीना बहाने वाला ही मुनाफा कमाए, कोई अमीर नहीं।” उन्होंने बताया कि प्राइवेट कंपनियों में 30% कमीशन कट जाता था और अनिश्चितता रहती थी। भारत टैक्सी का मकसद ड्राइवरों को ही अमीर बनाना है।
भारत टैक्सी का मॉडल: अमूल स्टाइल कोऑपरेटिव
भारत टैक्सी भारत की पहली सरकारी समर्थित कोऑपरेटिव राइड‑हेलिंग ऐप है। अमूल, IFFCO और NABARD जैसे सहकारिता संस्थानों के समर्थन से बनी। इसमें ड्राइवर ही मालिक हैं।
– मेंबरशिप फीस: सिर्फ ₹500।
– कमीशन: जीरो।
– किराया: पारदर्शी, कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं।
– मॉडल: सरथी ही मालिक।
3 साल का ग्रोथ प्लान
शाह ने ड्राइवरों को समझाया कि शुरुआती दौर में फिक्स्ड रेंट मिलेगा। 3 साल बाद जब कंपनी ₹25 करोड़ कमाएगी, तो 20% (₹5 करोड़) कैपिटल के रूप में रहेगा और 80% किलोमीटर के आधार पर ड्राइवरों के अकाउंट में जाएगा।
“अभी ग्रोथ स्टेज है। 3 साल धैर्य रखो, तुम ही मालिक हो,” शाह ने कहा।
प्राइवेट ऐप्स पर निशाना
शाह ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों का मकसद ऐप मालिक को अमीर बनाना है। भारत टैक्सी का लक्ष्य सरथियों को घर चलाने में मदद और अधिकतम मुनाफा देना।
| पैरामीटर | भारत टैक्सी | प्राइवेट ऐप्स |
|---|---|---|
| कमीशन | 0% | 25-30% |
| मालिक | ड्राइवर | कंपनी |
| प्राइसिंग | पारदर्शी | सर्ज प्राइसिंग |
| लक्ष्य | सरथी मुनाफा | कंपनी प्रॉफिट |
भविष्य: राष्ट्रीय विस्तार
शाह ने कहा कि अगले 3 साल में ऐप पूरे देश में फैलेगी। ड्राइवरों को धैर्य रखना होगा।
5 FAQs
- अमित शाह ने भारत टैक्सी ड्राइवरों से क्या कहा?
“तुम ही मालिक हो, कोई अमीर नहीं। 3 साल धैर्य रखो, प्रॉफिट शेयर मिलेगा।” - भारत टैक्सी का मॉडल क्या है?
कोऑपरेटिव, जीरो कमीशन, ₹500 मेंबरशिप, पारदर्शी किराया, अमूल स्टाइल। - 3 साल बाद क्या होगा?
कंपनी प्रॉफिट का 80% ड्राइवरों को, 20% कैपिटल बिल्डअप। - प्राइवेट ऐप्स से अंतर?
कोई कमीशन नहीं, ड्राइवर मालिक, कोई सर्ज प्राइसिंग। - भारत टैक्सी कब लॉन्च हुई?
5 फरवरी को दिल्ली में।
- Amit Shah Bharat Taxi drivers meeting
- Amit Shah Rs 500 membership fee
- Bharat Taxi 3-year growth plan profit share
- Bharat Taxi cooperative ride-hailing app
- driver-owned cooperative model Amul
- India first government-backed cab app
- Saarthi drivers owner Shah
- transparent fares no surge pricing
- zero commission taxi service
Leave a comment