डॉ. विनोद गोस्वामी के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम ने रेलवे और PHED को दिया 48 घंटे का ‘अल्टीमेटम’
”रेलवे और PHED मिलकर 48 घंटे में समाधान निकालें,अन्यथा किसी भी क्षण शुरू होगा उग्र जन-आंदोलन” – डॉ. विनोद गोस्वामी
धनबाद/कतरास । कतरास क्षेत्र में पिछले 18 महीनों से जारी भीषण पेयजल संकट के समाधान हेतु पूर्व पार्षद सह “रेल दो या जेल दो” (डीसी रेल लाइन) आंदोलनकारी मुख्य नेतृत्वकर्ता डॉ. विनोद कुमार गोस्वामी के नेतृत्व में एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे और PHED के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया।इस टीम में मुख्य रूप से प्रमोद लाला, किशन पंडित, मनोज तुरी और बैलून रवानी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) के कार्यपालक अभियंता को मुख्य मांग पत्र सौंपते हुए 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही एक प्रति विशेष रूप से रेल मंत्रालय (भारत सरकार), नई दिल्ली को भी प्रेषित की गई है।

48 घंटे के भीतर संयुक्त कार्रवाई की मांग
डॉ. गोस्वामी ने कड़े शब्दों में कहा कि रेलवे और PHED विभाग अगले 48 घंटों के भीतर आपसी तालमेल बैठाकर (Joint Coordination) इस समस्या को जड़ से खत्म करने की प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग अब और समय बर्बाद न करें, बल्कि मिलकर तकनीकी बाधाओं को दूर करें। यदि इन 48 घंटों में ठोस प्रगति नहीं दिखी, तो जनता का आक्रोश किसी भी समय उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है।
PHED कार्यालय की स्थिति और नगर आयुक्त से मुलाकात
PHED कार्यालय पहुँचने पर एस.डी.ओ. की अनुपस्थिति में टीम ने विभाग के रोकड़पाल अशोक कुमार को मांग पत्र सौंपकर आधिकारिक रिसीविंग ली। इसके उपरांत, डॉ. गोस्वामी ने धनबाद नगर आयुक्त आशीष गंगवार से मुलाकात की। नगर आयुक्त ने कतरास की इस गंभीर समस्या को सुना और मामले में सकारात्मक पहल करने का ठोस आश्वासन दिया।
अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी
डॉ. गोस्वामी ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि निर्धारित समय सीमा में धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ, तो कतरास में ऐतिहासिक रेल चक्का जाम किया जाएगा। यह चेतावनी मेरी नहीं, कतरास की उस आक्रोशित जनता की है जिसका सब्र अब टूट चुका है।”
“पानी नहीं तो कोयला नहीं”
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शुरू होते ही कतरासगढ़ से एक भी मालगाड़ी (कोयला रैक) को गुजरने नहीं दिया जाएगा। डॉ. गोस्वामी ने याद दिलाया कि जिस तरह 3 वर्षों के संघर्ष से “रेल दो या जेल दो” आंदोलन सफल हुआ था, उसी तरह अब पानी के हक के लिए भी आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
धनबाद में मांग पत्र सौंपने के दौरान डॉ. विनोद गोस्वामी के साथ प्रमोद लाला, किशन पंडित, मनोज तुरी और बैलून रवानी सहित दर्जनों आंदोलनकारी उपस्थित रहें।
Leave a comment