पुलिस को हिंसा भड़काने वाले हमजा अली मजारी और जमील जमालियों की तलाश।
नई दिल्ली। पिछले चार दिनों से बिना नेतृत्व चल रहे श्रमिकों के आंदोलन और सोमवार को अस्सी से अधिक स्थानों पर हुई उपद्रव की घटनाओं के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश शासन के अनुरोध पर नोएडा के उद्यमियों ने मंगलवार को अपनी औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने का एलान किया है। लखनऊ से आई शासन की उच्चाधिकार समिति ने देर रात तक उद्यमियों तथा कथित श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के बाद गौतमबुद्धनगर जनपद के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही कमिश्नरेट पुलिस संयमित तरीके से आंदोलन को नियंत्रित करने के साथ इस आंदोलन को भड़काने के लिए पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वाले हमजा अली मजारी और जमील जमालियों को तलाश करने में जुट गई है।
नोएडा में वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे श्रमिकों ने सोमवार को उग्र रूप धारण कर लिया। नोएडा फेज दो से लेकर फेज तीन तक दर्जनों स्थानों पर हजारों की संख्या में श्रमिकों ने उपद्रव और हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस की गाड़ी समेत कई गाड़ियां तोड़ने और आग लगाने की घटनाओं का सड़कों पर तांडव किया गया।कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार अस्सी से अधिक स्थानों पर उग्र श्रमिकों ने उपद्रव किया। शासन के निर्देश पर पुलिस ने संयमित रहते हुए न्यूनतम बल प्रयोग के साथ सभी स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित किया। नोएडा में चल रहे श्रमिकों के आंदोलन पर लखनऊ से मुख्यमंत्री समेत शासन के सभी उच्चाधिकारियों द्वारा सतत् निगरानी की गई और स्थानीय जिला प्रशासन से पल पल की जानकारी प्राप्त की गई। आंदोलन की उग्रता को देखते हुए शासन द्वारा अपर मुख्य सचिव व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार समिति को भेजा गया।जिसने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों,मेरठ मंडलायुक्त भानु गोस्वामी, जिलाधिकारी मेधा रूपम व पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह,अपर पुलिस आयुक्त अजय कुमार आदि जिले के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।इन सभी अधिकारियों ने पहले श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की फिर उद्यमी संगठनों के नेताओं विपिन मल्हन, ललित ठुकराल, आदित्य घिल्डियाल, सुधीर श्रीवास्तव व विकास बंसल आदि से वार्ता की। समिति ने उद्यमी संगठनों से जहां श्रमिकों की मांगों खासतौर पर वेतन वृद्धि पर सकारात्मक निर्णय लेने को कहा वहीं श्रमिक प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों को प्राथमिकता पर पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है, लिहाजा वे आंदोलन और हिंसा न करें। समिति के अनुरोध पर नोएडा के उद्यमी संगठनों ने कल मंगलवार को समूचे नोएडा में औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने का एलान किया है।एनईए अध्यक्ष तथा अपै्रल उद्यमी संगठन अध्यक्ष ललित ठुकराल ने बताया कि यदि अन्य जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल नहीं आया और सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती है तो औद्योगिक इकाइयों को आगे भी बंद रखा जा सकता है।
उधर पुलिस ने उपद्रव तथा हिंसा फैलाने वाले दो सौ से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहे दो लोगों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई है। पुलिस हाल ही में प्रदर्शित हुई फिल्म धुरंधर की तर्ज पर उन हमजा अली मजारी और जमील जमालियों को तलाश कर रही है जो आंदोलन को पर्दे के पीछे से संचालित कर रही है।बैठक में शामिल होने के बाद पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पुलिस को इस आंदोलन को भड़काने वाले तत्वों के बारे में कुछ गोपनीय जानकारी मिली है। इनमें शामिल कुछ लोग अन्य कई राज्यों में में भी इसी प्रकार हिंसा भड़काने में शामिल रहे हैं। पुलिस उनकी पहचान और कुंडली खंगाल रही है। पिछले चार दिनों में अस्तित्व में आए कुछ नये व्हाट्सएप ग्रुपों को भी खंगाला जा रहा है। इनमें कुछ ग्रुप क्यू आर कोड के साथ बनाए गए हैं।माना जा रहा है कि इस आंदोलन के पीछे अर्बन नक्सल तथा विपक्षी राजनीतिक दल हो सकते हैं।पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस श्रमिकों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित नहीं करेगी परंतु उपद्रव और हिंसा करने वाले असामाजिक तत्वों को न केवल गिरफ्तार किया जाएगा बल्कि कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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