IAF चीफ एपी सिंह बोले- ऑपरेशन सिंदूर में हवाई शक्ति ने पाकिस्तान के कई ठिकानों को घंटों में नेस्तनाबूद किया। पहलगाम हमले का बदला लिया। आर्थिक ताकत अकेले काफी नहीं, सैन्य तैयारी जरूरी। पूरी डिटेल्स।
ऑपरेशन सिंदूर का राज: IAF ने बताया कैसे हवा से बदला लिया पहलगाम हमले का
ऑपरेशन सिंदूर: हवाई शक्ति ने घंटों में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया – IAF चीफ
भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने साफ कहा है कि आज के दौर में हवाई शक्ति ही युद्ध का सबसे बड़ा हथियार है। सबरोतो मुखर्जी सेमिनार में बोलते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, जिसमें IAF ने पाकिस्तान के कई ठिकानों पर घंटों में हमला बोलकर आतंकी ढांचे को ध्वस्त कर दिया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ये बदला था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
सिंदूर ऑपरेशन 7 मई 2025 को शुरू हुआ। पहलगाम टूरिस्ट स्पॉट पर जैश-ए-मोहम्मद के हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी कैंपों पर सटीक प्रहार किए। राफेल जेट्स, स्कैल्प मिसाइलें और हथौड़ा बमों से 23 मिनट में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन 10 मई तक संघर्ष रुक गया। ये ट्राई-सर्विसेज का शानदार समन्वय था।
IAF चीफ ने कहा, “सुडान से लोगों को निकालना हो या पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर प्रहार- हवाई शक्ति ने हर बार कमाल किया। ऑपरेशन सिंदूर में कई बेस कुछ घंटों में नेस्तनाबूद। पाकिस्तान को संदेश दिया कि बस बहुत हुआ।” उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक ताकत अकेले सुरक्षा नहीं देती। भारत-चीन मिलकर कभी दुनिया के 60% जीडीपी कंट्रोल करते थे, फिर भी गुलाम बने। वेनेजुएला, इराक जैसे उदाहरण आज भी मौजूद।
गणतंत्र दिवस 2026 में सिंदूर फॉर्मेशन दिखेगा। राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर जेट्स मिलकर उड़ान भरेंगे। ये उन विमानों का सम्मान जो सिंदूर में तैनात थे। राजपथ पर 29 एयरक्राफ्ट्स का फ्लाइपास्ट होगा, जिसमें आर्मी, नेवी, एयरफोर्स का कोऑर्डिनेशन दिखेगा। पहली बार ऑपरेशन सिंदूर को लाइव फॉर्मेशन के रूप में पेश किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर क्यों खास था?
- सटीकता: सिविलियन लॉस कम, आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।
- तेजी: 23 मिनट में 100+ आतंकी खत्म।
- टेक्नोलॉजी: ड्रोन, लेयरड एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में आत्मनिर्भरता।
- समन्वय: थ्री सर्विसेज का बेस्ट कोऑर्डिनेशन।
रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की मिलिट्री क्रांति बताया।
IAF चीफ ने मेक इन इंडिया पर जोर दिया। नेक्स्ट जेनरेशन इंजन और वेपन सिस्टम के लिए स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप जरूरी। पड़ोसी देशों की हरकतों से रिएक्टिव डिसीजन लेने पड़ते हैं, लेकिन तैयारी पहले करनी होगी। मिलिट्री पावर ही नेशनल सॉवरेन्टी की गारंटी है। विल टू यूज मिलिट्री पावर सबसे जरूरी।
पहलगाम हमला याद करें। 7 मई 2025 को पर्यटक स्पॉट पर 26 निर्दोष मारे गए। जैश, लश्कर, हिज्बुल के हैंडलर्स शामिल। भारत ने इंतजार नहीं किया। रातोंरात सिंदूर शुरू। राफेल से लॉन्ग रेंज स्ट्राइक्स। पाकिस्तान के एयरबेस तबाह। चार दिन चला संघर्ष, फिर शांति समझौता।
हवाई शक्ति का इतिहास
भारत ने हमेशा एयर पावर से फायदा उठाया। कारगिल में मिराज-2000 ने कमाल किया। बालाकोट में भी सटीक बमबारी। सिंदूर ने इसे नेक्स्ट लेवल पर ले जाया। आज दुनिया में रूस-यूक्रेन, इजरायल-हमास सबमें एयर पावर डिसाइसिव है।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को पाक और PoK के 9 कैंपों पर IAF का सटीक हमला। 100+ आतंकी मारे गए। - सिंदूर फॉर्मेशन में कौन से जेट्स?
2 राफेल, 2 सुखोई-30, 2 मिग-29, 1 जगुआर। गणतंत्र दिवस 2026 फ्लाइपास्ट में। - IAF चीफ ने क्या कहा आर्थिक ताकत पर?
आर्थिक ताकत अकेले सुरक्षा नहीं देती। मिलिट्री पावर जरूरी, विल टू यूज भी। - पहलगाम हमले में कितने मरे?
26 लोग। जैश, लश्कर, हिज्बुल शामिल। - सिंदूर ऑपरेशन कितने समय चला?
7 से 10 मई तक। 23 मिनट में मुख्य स्ट्राइक्स।
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