बारामती विमान हादसे में अजित पवार समेत 5 की मौत, ब्लैक बॉक्स मिला। MoCA-AAIB जांच तेज, खराब मौसम या पायलट गलती? महाराष्ट्र राजनीति पर असर, पूरी डिटेल्स और अपडेट्स यहां पढ़ें।
महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री का दर्दनाक अंत: बारामती क्रैश की पूरी सच्चाई, ब्लैक बॉक्स रिकवर!
बारामती विमान हादसा: अजित पवार की दर्दनाक मौत और ब्लैक बॉक्स की जांच
महाराष्ट्र की राजनीति में भूकंप आ गया है। 28 जनवरी 2026 की सुबह, बारामती एयरस्ट्रिप के पास एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ये खबर सुनते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। अजित पवार, जो एनसीपी के दिग्गज नेता और बारामती के शेर कहलाते थे, अपनी ही कर्मभूमि लौटते हुए इस हादसे का शिकार हो गए। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने तुरंत जांच के सभी इंतजाम कर लिए हैं, और ब्लैक बॉक्स रिकवर हो चुका है। लेकिन सवाल वही है – आखिर क्या हुआ उस सुबह?
हादसे की पूरी टाइमलाइन
सबसे पहले आइए जानते हैं कि क्या-क्या हुआ उस दिन। विमान बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 था, रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK, जो VSR Ventures द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। ये पांच लोगों को लेकर बारामती की ओर आ रहा था – अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और को-पायलट शंभवी पाठक।
सुबह करीब 8:48 बजे पहला लैंडिंग अटेम्प्ट हुआ। मौसम खराब था, विजिबिलिटी बहुत कम। ग्राउंड कंट्रोल से बातचीत में पायलट्स ने टेंशन दिखाई। CCTV फुटेज के मुताबिक, दूसरी कोशिश में विमान रनवे से महज 200 मीटर पहले बाएं तरफ झुक गया और क्रैश हो गया। आग लग गई, और सभी की मौके पर मौत हो गई। कोकपिट वॉयस रिकॉर्डर से आखिरी शब्द आए – “ओह शिट!” ये सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
बारामती एयरस्ट्रिप टेबलटॉप टाइप की है, जो लैंडिंग को और मुश्किल बनाती है। प्रीलिमिनरी रिपोर्ट्स कहती हैं कि पायलट ने पुणे डायवर्ट करने की बजाय दूसरी कोशिश की, शायद शेड्यूल प्रेशर की वजह से। VIP फ्लाइट्स में ऐसा कॉमन है, लेकिन ये घातक साबित हुआ।
तुरंत रेस्क्यू और जांच का ऐक्शन
हादसे के तुरंत बाद MoCA ने सभी मैकेनिज्म एक्टिवेट कर दिए। AAIB की थ्री-मेंबर टीम दिल्ली से और DGCA की थ्री-मेंबर टीम मुंबई से 28 जनवरी को ही साइट पर पहुंच गई। AAIB डायरेक्टर जनरल जीवीजी युगंधर भी आए। ब्लैक बॉक्स – फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कोकपिट वॉयस रिकॉर्डर – रिकवर हो गया है। जांच AAIB रूल्स 2025 के तहत चल रही है, टाइम-बाउंड और ट्रांसपेरेंट।
यूनियन सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि प्रोब पूरी तरह अकाउंटेबल होगी। पुलिस ने एक्सिडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) रजिस्टर कर ली है। अभी तक टेक्निकल स्नैग या पायलट मिसजजमेंट पर फोकस है।
अजित पवार कौन थे? उनका राजनीतिक सफर
अजित पवार का जाना महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। 1960 में पुणे के पास जन्मे, वो बारामती से 8 बार विधायक रहे। शरद पवार के भतीजे, एनसीपी के फाउंडर मेंबर। 2019-2022 और फिर 2023 से डिप्टी सीएम। इरिगेशन, ग्रiculture, कोऑपरेटिव सेक्टर में उनका जलवा था। बारामती को उन्होंने मॉडल कंस्टीट्यूएंसी बनाया – इंडस्ट्री, एजुकेशन हब। लेकिन सुगरकोट घोटाले जैसे विवाद भी झेले। फिर भी, जनता के बीच पॉपुलर।
उनकी मौत से एनसीपी में खालीपन आ गया। शरद पवार बारामती पहुंचे, इमोशनल सीन हुए।
महाराष्ट्र में शोक और राजनीतिक असर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया। 28 जनवरी को सरकारी दफ्तर बंद रहे। अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में पूरे स्टेट ऑनर्स के साथ हुआ। मुंबई यूनिवर्सिटी ने एग्जाम्स पोस्टपोन किए। एनसीपी वर्कर्स ने ‘दादा’ के नारे लगाए, आंसू बहाए।
राजनीति पर असर? महायुति गठबंधन कमजोर हुआ। अजित पवार की सीट कौन लेगा? बारामती में उपचुनाव होगा। शरद पवार फैक्शन vs अजित ग्रुप का बैलेंस बिगड़ेगा। फडणवीस को नया डिप्टी चुनना पड़ेगा। राज्य की पॉलिटिक्स अब नई दिशा लेगी।
विमान हादसों के तकनीकी पहलू: ब्लैक बॉक्स क्या बताएगा?
ब्लैक बॉक्स एविएशन का सबसे बड़ा हथियार है। ये दो पार्ट्स – FDR (फ्लाइट डेटा: स्पीड, अल्टीट्यूड, इंजन स्टेटस) और CVR (वॉयस: पायलट टॉक्स)। ये क्रैश-प्रूफ हैं, पानी-फायर रेसिस्टेंट। भारत में DGCA-AAIB इसे एनालाइज करते हैं।
बारामती केस में ये दिखाएगा – विजिबिलिटी कितनी थी? गो-नो गो डिसीजन सही था? अल्टरनेट एयरपोर्ट क्यों नहीं चुना? लियरजेट 45 छोटा जेट है, टेबलटॉप रनवे पर लैंडिंग रिस्की।
भारत में एविएशन सेफ्टी स्टैट्स
DGCA डेटा से पिछले 5 साल में 20+ क्रैश हुए। कारण:
| कारण | प्रतिशत | उदाहरण |
|---|---|---|
| मौसम/विजिबिलिटी | 35% | कोझीकोड क्रैश 2020 |
| पायलट एरर | 40% | मंगलौर 2010 |
| टेक्निकल फॉल्ट | 15% | हाल के छोटे प्लेन |
| अन्य (बर्ड हिट आदि) | 10% | – |
बारामती टेबलटॉप रनवे (लंबाई 1800m) चुनौतीपूर्ण है। प्राइवेट एविएशन एकेडमीज यहां हैं – रेडबर्ड, कार्वर। ग्राउंड कंट्रोल कैडेट्स हैंडल करते हैं।
महाराष्ट्र में एविएशन हिस्ट्री और सेफ्टी टिप्स
महाराष्ट्र में बारामती, पुणे जैसे एयरस्ट्रिप्स बढ़ रहे। लेकिन सेफ्टी पर फोकस जरूरी।
- हमेशा विजिबिलिटी चेक करें, डायवर्ट ऑप्शन रखें।
- VIP फ्लाइट्स में शेड्यूल प्रेशर अवॉइड।
- रेगुलर मेंटेनेंस और ट्रेनिंग।
- टेबलटॉप पर स्पेशल स्किल्स।
राज्य सरकार अब सेफ्टी ऑडिट बढ़ाएगी।
अजित पवार की विरासत: बारामती मॉडल
बारामती अजित का किला था। उन्होंने विटा केमिकल्स, सर्कल एक्टिव स्पोर्ट्स हब लगाए। एजुकेशन में होलकर मेडिकल कॉलेज। ग्रामीण डेवलपमेंट में मिसाल। उनकी मौत से फैमिली – सुप्रिया सुळे, रोहित पवार – पर बोझ।
लोगों के बीच चर्चा: क्या साजिश? लेकिन अभी एविडेंस नहीं। जांच इंतजार।
भविष्य में क्या?
जांच रिपोर्ट AAIB से आएगी। अगर पायलट एरर, ट्रेनिंग रूल्स टाइट। राजनीति में एनसीपी रीयूनियन? शरद पवार का रोल बढ़ेगा। महाराष्ट्र 2026 चुनावों पर फोकस शिफ्ट।
5 FAQs
- बारामती विमान हादसे का मुख्य कारण क्या था?
खराब विजिबिलिटी और संभव पायलट मिसजजमेंट। ब्लैक बॉक्स एनालिसिस से क्लियर होगा। दूसरी लैंडिंग अटेम्प्ट में क्रैश। - ब्लैक बॉक्स क्या रिकॉर्ड करता है?
फ्लाइट डेटा (स्पीड, हाइट) और कोकपिट बातचीत। ये क्रैश रीक्रिएट करने में मदद करता है। AAIB इसे डीकोड करेगा। - अजित पावर की मौत से महाराष्ट्र राजनीति पर क्या असर?
एनसीपी कमजोर, महायुति बैलेंस शिफ्ट। बारामती उपचुनाव, नया डिप्टी सीएम। - जांच कब पूरी होगी?
टाइम-बाउंड, AAIB रूल्स 2025 के तहत। MoCA ने SOP फॉलो करने को कहा। - विमान हादसों से बचाव के टिप्स क्या?
विजिबिलिटी चेक, डायवर्ट प्लान, रेगुलर मेंटेनेंस। छोटे प्लेन्स पर एक्स्ट्रा केयर।
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