धनबाद/रांची । रविवार को रांची के डीबडीह में स्थित कार्निवाल बैंक्वेट हॉल में जय झारखंड अभियान (फोरम फॉर गुड गवर्नेंस) के द्वारा सुशासन संवाद एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम- 2026 कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अजीत कुमार (वरीय अधिवक्ता एवं पूर्व महाधिवक्ता), पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख (लोक कलाकार), डीसी दास ( पूर्व आई.ए.एस अधिकारी), सुनील सूर्यान्त (सौर ऊर्जा उद्यमी) तथा मोनिका गुंजन आर्य (बाल अधिकार संरक्षण) की गरिमामय उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से कार्यक्रम का उदघाटन किया गया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले आरटीआई कार्यकर्ता अरबिन्द सिन्हा को मिला सम्मान
कतरास के जानेमाने आरटीआई कार्यकर्ता अरबिन्द सिन्हा को भ्रष्टाचार उजाकर कर व्यवस्था को आईना दिखाने के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उनके एक लिखित शिकायत पर सरकारी स्कूलों में ड्रेस और स्कूल किट आपूर्ति से जुड़े जीएसटी चोरी और अनियमितता के मामले में एक आपूर्तिकर्ता को 32 लाख का जुर्माना लगाने एवं एक स्कूल में 2 लाख 61 हजार का घोटाला उजागर करने के लिए मिला। जिसमें प्रधानाध्यापक सहित पूरे स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई हुई थी। मंच ने बताया कि अरबिन्द सिन्हा ने आरटीआई को जवाबदेही का हथियार बनाते हुए और भी कई घोटाले उजागर किए हैं। उनका संघर्ष यह साबित करता है कि अगर नागरिक सजग हो तो व्यवस्था को जवाब देना ही पड़ता है।
नीति को धरातल पर उतारने के लिए विरोध नही सरकार को सुझाव देने का काम करेंगे – सुनील महतो
जय झारखंड अभियान (फोरम फॉर गुड गवर्नेंस) के आयोजनकर्ता सुनील कुमार महतो ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि सरकार द्वारा जनहित में जो भी नीति है,बनाई जाती है।लेकिन, उसका क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर नहीं हो पाता है, हम लोग वैसे नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार को सुझाव देने का काम करेंगे। इसके तहत तीन विभाग बनाये गए हैं। विशेषज्ञ ऑडिट, जमीनी जुड़ाव एवं जवाबदेही की आवश्यकता।
आयोजनकर्ता सदस्य आरटीआई एक्टिविस्ट छेदी कुमार ने कहा कि वर्तमान में रैयतों को बिना मुआवजा व नियोजन दिए बीसीसीएल के द्वारा खनन करना भी अवैध खनन की श्रेणी में आता है। सरकार को इस पर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
कार्यक्रम में पूरे झारखंड से वैसे आरटीआई कार्यकर्ताओं, कंटेंट क्रिएटरों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने आरटीआई को केवल कागजी अधिकार नही बल्कि जवाबदेही का हथियार बनाकर भ्रष्टाचार उजागर करने, सरकारी संपत्ति को लूटने से बचाने, आम नागरिकों की दर्द की आवाज को आवाम तक पहुंचाने और वंचितों को न्याय दिलाने का काम किया। कार्यक्रम में आए अतिथियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं आरटीआई कार्यकर्ताओं के बीच घंटों तक संवाद हुआ की कैसे सरकार को आवश्यक सुझाव दिया जाए एवं आम लोगों के लिए सरकार की जवाबदेही तय की जाए। कार्यक्रम समापन की घोषणा एवं धन्यवाद ज्ञापन सुधीर शर्मा ने किया।
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