Arudra Darshan 2026: मार्गजी मास पूर्णिमा थिरुवाथिरा नक्षत्र पर तमिल महोत्सव। नटराज शिव पूजा, चिदंबरम दर्शन, विधि व महत्व। शिव जन्म, तांडव नृत्य से समृद्धि-मोक्ष।
Arudra Darshan 2026: तमिल महोत्सव तिथि, थिरुवाथिरा नक्षत्र, पूजा विधि व भगवान शिव आराधना की पूरी गाइड
भाइयों-बहनों, तमिल कैलेंडर का आर्द्रा दर्शन मार्गजी मास (दक्षिण भारत का मार्गशीर्ष) का सबसे भव्य शिव उत्सव है। ये थिरुवाथिरा (आर्द्रा) नक्षत्र वाली पूर्णिमा को मनाया जाता। 2026 में मार्गजी पूर्णिमा पर (दिसंबर 2025 अंत/जनवरी 2026 शुरू, सटीक पंचांग देखें) चिदंबरम नटराज मंदिर में लाखों भक्त जुटेंगे। भगवान शिव का नटराज रूप – सृष्टि, पालन, संहार का तांडव नृत्य – मनाया जाता। तमिल परंपरा में इसे शिव जन्मोत्सव मानते, बाकी भारत में महाशिवरात्रि।
तेवाराम भजन, अभिषेक व उtsव वस्त्र अलंकरण। आयुर्वेद में नृत्य ध्यान को स्ट्रेस रिलीफ बताया।
आर्द्रा दर्शन 2026 तिथि व समय
मार्गजी पूर्णिमा + थिरुवाथिरा नक्षत्र संयोग। 2026 में:
- मार्गजी पूर्णिमा: दिसंबर 2025/जनवरी (पंचांग अनुसार)।
- नक्षत्र: रात्रि प्रमुख।
- मुख्य पूजा: ब्रह्म मुहूर्त से रात्रि। चिदंबरम में 5 अलंकार।
आर्द्रा दर्शन का महत्व: तमिल परंपरा
आर्द्रा का अर्थ “गीला/आर्द्र” – शिव का अनंत तांडव जलधारा जैसा। नटराज मूर्ति अग्नि व डमरू लिए। प्रतीक: सृष्टि चक्र। शिव पुराण में – नृत्य से ब्रह्मांड संतुलन। आध्यात्मिक: भक्ति, समृद्धि, मोक्ष।
पार्वती के साथ शिव का आनंद नृत्य। थिरुवाथिरा पर ब्रह्मा विष्णु नमन।
पूजा विधि व उत्सव: स्टेप बाय स्टेप
- सुबह स्नान, रुद्राक्ष माला।
- शिवलिंग पर बिल्व पत्र, दूध अभिषेक।
- थिरुवाथिरा कल्पम भजन।
- चिदंबरम: 5 अलंकार – सुबह सोने, शाम रजत वस्त्र।
- प्रोसेसन: नटराज मंदिर परिक्रमा।
- दान: भांग, भस्म।
- होम: रुद्र सूक्त।
तमिलनाडु मुख्य मंदिर
व्रत नियम
आध्यात्मिक लाभ
यात्रा गाइड चिदंबरम
ट्रेन: चिदंबरम स्टेशन। रहना: धर्मशाला।
आयुर्वेद टिप्स
भांग पान: नींद अच्छी। रुद्राक्ष: हृदय स्वास्थ्य।
टेबल: चिदंबरम 5 अलंकार
| अलंकार | समय | विशेषता |
|---|---|---|
| 1 | सुबह | सोना |
| … | … | … |
FAQs
1. आर्द्रा दर्शन कब?
मार्गजी थिरुवाथिरा पूर्णिमा।
2. मुख्य मंदिर?
चिदंबरम नटराज।
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