यूपी सरकार ने अयोध्या धाम व पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर नॉन-वेज बिक्री व डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया। जोमैटो-स्विगी जैसे ऐप्स भी अब होटल, गेस्टहाउस में नॉन-वेज नहीं भेज सकेंगे। धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी।
स्विगी-जोमैटो अलर्ट! अयोध्या परिक्रमा रास्ते पर नॉन-वेज ऑर्डर बंद, धार्मिक मर्यादा का सम्मान
अयोध्या धाम में नॉन-वेज बैन का नया अध्याय
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या धाम और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर नॉन-वेज खाने की बिक्री व डिलीवरी पर पूरी तरह रोक लगा दी। यह फैसला स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद लिया गया, जहां पर्यटक होटल व गेस्टहाउस में रहकर जोमैटो-स्विगी से चिकन-मटन मंगवा रहे थे।
असिस्टेंट फूड कमिश्नर मणिक चंद्रा ने इंडिया टुडे को बताया कि भौतिक दुकानों-होटलों में पहले से नॉन-वेज बैन था, लेकिन ऑनलाइन डिलीवरी पर स्पष्ट निर्देश नहीं था। अब सभी होटल, रेस्टोरेंट, गेस्टहाउस, होमस्टे और फूड ऐप्स को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
प्रतिबंध के दायरे में क्या आता है?
यह बैन अयोध्या धाम के आसपास और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर पूरी तरह लागू होगा। इसमें शामिल हैं:
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों में नॉन-वेज की बिक्री।
- गेस्टहाउस, होमस्टे में नॉन-वेज परोसना या स्टोर करना।
- जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट जैसी ऐप्स से इन इलाकों में नॉन-वेज डिलीवरी।
सरकार ने कहा कि साल भर भक्तों की लगातार आवक रहती है, इसलिए धार्मिक व सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखना जरूरी। निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन व फूड डिपार्टमेंट टीमें तैनात होंगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: अयोध्या में नॉन-वेज बैन पुराना है
अयोध्या में नॉन-वेज पर रोक नई नहीं। ब्रिटिश काल से ही फैजाबाद सिटी बोर्ड ने इसे लागू किया था, जो कभी कानूनी चुनौती का शिकार नहीं हुआ। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के समय भी यूपी सहित कई राज्यों में नॉन-वेज बिक्री बंद रही।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मई 2025 में राम पथ, धर्म पथ, भक्ति पथ, 14 कोसी व पंचकोसी मार्ग पर नॉन-वेज बैन का निर्देश दिया था। अब इसे ऐप्स तक बढ़ाया गया। जोमैटो-स्विगी ने पहले भी सरकारी आदेशों का पालन किया, जैसे राम मंदिर उद्घाटन पर नॉन-वेज ऑर्डर बंद किए।
पंचकोसी परिक्रमा मार्ग क्या है?
पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या का प्रमुख तीर्थ मार्ग है, जो लगभग 15 किलोमीटर लंबा है। यह पांच प्रमुख कोसी (लगभग 3 किमी प्रत्येक) में बंटा है और इसमें कई महत्वपूर्ण मंदिर व तीर्थस्थल आते हैं:
- चंद्रहरि क्षेत्र
- लक्ष्मण घाट
- कोट रामचंद्र मंदिर
- सीता की रसोई
- हनुमान गढ़ी आदि।
यह मार्ग भक्तों के लिए पवित्र है, इसलिए यहां शुद्ध शाकाहारी भोजन पर जोर दिया जाता है।
फूड ऐप्स का क्या रोल रहेगा?
जोमैटो व स्विगी जैसी कंपनियों को निर्देश है कि इन इलाकों के पते पर नॉन-वेज ऑर्डर स्वीकार न करें। पहले राम मंदिर उद्घाटन पर इन्होंने यूपी, असम, एमपी आदि में नॉन-वेज डिलीवरी बंद की थी। अब स्थायी रूप से लागू होगा।
उल्लंघन पर ऐप्स, रेस्टोरेंट मालिक और डिलीवरी पार्टनर पर जुर्माना व कानूनी कार्रवाई। प्रशासन ऐप डेटा चेक करेगा।
प्रतिक्रियाएं: समर्थन व विरोध
यह फैसला अयोध्या में बहस छेड़ रहा।
समर्थक कहते हैं:
- धार्मिक स्थल पर शाकाहारी वातावरण बनाए रखना जरूरी।
- भक्तों की भावनाओं का सम्मान।
- स्वच्छता व पवित्रता बढ़ेगी।
विरोधी तर्क:
फूड कमिश्नर मणिक चंद्रा ने कहा, ‘निगरानी सतत रहेगी। सभी को सूचित कर दिया गया।’
अयोध्या में शाकाहारी भोजन के विकल्प
बैन के बावजूद भक्तों को भरपूर शाकाहारी विकल्प मिलेंगे:
| श्रेणी | लोकप्रिय आइटम |
|---|---|
| नाश्ता | पूरी-सब्जी, पराठा, लड्डू |
| मुख्य भोजन | थाली (दाल, सब्जी, रोटी, चावल), खीर |
| प्रसाद | हनुमानगढ़ी लड्डू, राम मंदिर प्रसाद |
| स्ट्रीट फूड | पकोड़े, समोसा, जलेबी |
हनुमानगढ़ी लड्डू विवाद के बाद फूड डिपार्टमेंट ने शुद्धता जांच सख्त कर दी।
पर्यटन व आर्थिक असर
अयोध्या अब सालाना करोड़ों पर्यटकों का केंद्र है। बैन से शाकाहारी रेस्टोरेंट्स को फायदा, लेकिन नॉन-वेज लवर्स को असुविधा। स्थानीय व्यापारियों ने कहा, ‘पवित्रता पहले, लेकिन पर्यटक विकल्प चाहते हैं।’
5 (FAQs)
- सवाल: अयोध्या में नॉन-वेज बैन किन इलाकों पर लागू है?
जवाब: अयोध्या धाम और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर, जिसमें राम मंदिर क्षेत्र, होटल, गेस्टहाउस, होमस्टे शामिल। - सवाल: स्विगी-जोमैटो नॉन-वेज डिलीवरी कर सकेंगे?
जवाब: नहीं, इन इलाकों के पते पर नॉन-वेज ऑर्डर बंद। उल्लंघन पर कार्रवाई। - सवाल: यह बैन कब से लागू है?
जवाब: भौतिक बिक्री पहले से, ऑनलाइन डिलीवरी पर नया आदेश 8-9 जनवरी 2026 से। - सवाल: उल्लंघन पर क्या सजा?
जवाब: कानूनी कार्रवाई, जुर्माना। फूड डिपार्टमेंट व प्रशासन निगरानी करेगा। - सवाल: अयोध्या में शाकाहारी भोजन के विकल्प क्या हैं?
जवाब: थाली, लड्डू, सब्जी-रोटी, प्रसाद। हनुमानगढ़ी व राम मंदिर क्षेत्र में भरपूर उपलब्ध।
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