Ayodhya’s Floating Kund अयोध्या विकास प्राधिकरण का ₹3.5 करोड़ फ्लोटिंग कुंड: 25×15 मीटर, 300 भक्त क्षमता। पोंटून+फाइबर डिज़ाइन, जलस्तर के अनुसार तैरता। चेंजिंग रूम, सोलर लाइट्स, इमरजेंसी बोट। फरवरी 2026 तक तैयार। राम मंदिर पर्यटन बूस्ट।
अयोध्या को सरयू पर मिलेगा आधुनिक फ्लोटिंग स्नान कुंड: ₹3.5 करोड़ की परियोजना फरवरी 2026 तक तैयार
राम जन्मभूमि मंदिर के उद्घाटन के बाद भक्तों की संख्या में भारी उछाल के बीच अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) सरयू नदी पर विश्व स्तरीय फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड बना रहा है। 25×15 मीटर आकार, 300 भक्तों की एक साथ क्षमता। पोंटून और हाई-स्ट्रेंथ फाइबर से निर्मित Litmus Marine Innovation द्वारा। नदी के जलस्तर के अनुसार स्वतः समायोजित। पुरुष-महिला अलग चेंजिंग रूम, सेफ्टी रेलिंग, बेंच, सोलर लाइटिंग, इमरजेंसी सपोर्ट बोट, शॉपिंग सुविधा। ₹3.5 करोड़ लागत, फरवरी 2026 तक चालू। राम मंदिर पर्यटन को नई ऊँचाई।
होली 2026 तक पूर्ण संचालन। पारंपरिक घाटों पर भीड़ कम होगी।
फ्लोटिंग कुंड की तकनीकी विशेषताएँ
आकार: 25 मीटर लंबा × 15 मीटर चौड़ा
क्षमता: 300 भक्त एक साथ (150×2 अलग कुंड)
सामग्री: पोंटून बेस + हाई-स्ट्रेंथ फाइबर
विशेषता: जलस्तर के अनुसार तैरता, हर मौसम स्थिर
निर्माता: Litmus Marine Innovation Pvt Ltd
सुविधाएँ जो इसे खास बनाती
- दो अलग स्नान कुंड: पुरुष (15×4m), महिला (15×4m)
- चेंजिंग रूम: दोनों कुंड के पास
- सेफ्टी रेलिंग: सभी ओर
- सोलर लाइटिंग: रात स्नान सुविधा
- इमरजेंसी बोट: तुरंत बचाव
- बेंच+शॉपिंग: सुविधा केंद्र
लागत ब्रेकडाउन टेबल
| मद | लागत (₹ करोड़) | % हिस्सा |
|---|---|---|
| निर्माण+पोंटून | 2.10 | 60% |
| सुरक्षा+रेलिंग | 0.88 | 25% |
| सुविधाएँ+लाइटिंग | 0.53 | 15% |
| कुल | 3.50 | 100% |
निर्माण प्रगति + टाइमलाइन
डिज़ाइन: पूर्ण (ADA+Litmus Marine)
टेंडर: सम्पन्न
निर्माण शुरू: जनवरी 2026
समापन: फरवरी 2026 अंत
संचालन: होली 2026 से
क्यों ज़रूरी था ये कुंड?
समस्या:
- राम मंदिर के बाद 5x भक्त उमड़ाव
- पारंपरिक घाटों पर असुरक्षा
- मॉनसून में खतरनाक धारा
- भीड़ प्रेशर
समाधान:
तुलना: फ्लोटिंग कुंड vs पारंपरिक घाट
| फीचर | फ्लोटिंग कुंड | पारंपरिक घाट |
|---|---|---|
| क्षमता | 300 | 1000+ |
| सुरक्षा | हाई | लो |
| मौसमी स्थिरता | हां | नहीं |
| चेंजिंग रूम | हां | नहीं |
| रात सुविधा | सोलर | नहीं |
पर्यटन प्रभाव
राम मंदिर के बाद:
- दैनिक 2-3 लाख भक्त
- हवाई जहाज़ + ट्रेन कनेक्टिविटी
- अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक
फ्लोटिंग कुंड बूस्ट:
निर्माण तकनीक: कैसे तैरता है?
पोंटून सिस्टम:
- हवा/फोम भरे ड्रम
- फाइबर प्लेटफॉर्म
- एंकर सिस्टम
- स्वतः जल समायोजन
सुरक्षा फीचर्स:
- लाइफ जैकेट स्टेशन
- CCTV मॉनिटरिंग
- बचाव दल 24/7
- जल गुणवत्ता टेस्ट
अन्य विकास परियोजनाएँ
- सरयू घाट विस्तार
- राम मंदिर कॉरिडोर
- अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट
- हाई-स्पीड रेल
भक्तों के लिए टिप्स
- सुबह 5-8AM बेस्ट टाइम
- लाइफ जैकेट अनिवार्य
- चेंजिंग रूम बुकिंग
- मोबाइल लॉकर
भविष्य विस्तार
- दूसरा कुंड (500 क्षमता)
- VIP स्नान क्षेत्र
- लाइव आरती स्टेशन
FAQs
1. फ्लोटिंग कुंड कब तैयार?
फरवरी 2026।
2. क्षमता कितनी?
300 भक्त एक साथ।
3. लागत?
₹3.5 करोड़।
4. कौन बना रहा?
Litmus Marine Innovation।
5. मौसमी प्रभाव?
जलस्तर के अनुसार तैरता।
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