बारमेर कलेक्टर IAS तीना डाबी का गणतंत्र दिवस तिरंगा फहराने के दौरान गलत दिशा में सलामी का वीडियो वायरल। सिक्योरिटी ने सुधार किया, तीना ने कहा अनजाने में हुई गलती। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी।
बारमेर कलेक्टर तीना डाबी पर सोशल मीडिया हमला: सलामी गलती या प्रोटोकॉल ब्रेक?
तीना डाबी सलामी कंट्रोवर्सी: गणतंत्र दिवस पर वायरल वीडियो से सोशल मीडिया पर बवाल
राजस्थान के बारमेर में 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर जिला कलेक्टर आईएएस तीना डाबी का एक छोटा सा पल सुर्खियों में आ गया। तिरंगा फहराने के बाद सलामी देते हुए वो थोड़ी देर के लिए गलत दिशा में मुंह करके खड़ी हो गईं। पास खड़े सिक्योरिटी पर्सन ने इशारा किया, तीना ने तुरंत सुधार किया और सलामी पूरी की। लेकिन ये 30 सेकंड का क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और ट्रोलिंग का शिकार बना। कुछ ने “प्रोटोकॉल वायलेशन” कहा तो कुछ ने “मानवीय भूल” बताकर डिफेंड किया।
बारमेर कलेक्ट्रेट पर क्या हुआ?
26 जनवरी 2026 को बारमेर जिला मुख्यालय पर गणतंत्र दिवस समारोह हो रहा था। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर तीना डाबी ने तिरंगा फहराया। वीडियो में देखा गया कि फ्लैग होइस्टिंग के बाद सलामी की मुद्रा में वो झंडे से थोड़ा अलग दिशा में मुंह करके खड़ी हो गईं। सिक्योरिटी स्टाफ ने फटाक से इशारा किया – “इधर देखो”। तीना ने सेकंड भर में पोजीशन ठीक की और सलामी पूरी की। पूरा इवेंट बिना किसी रुकावट के चला।
सोशल मीडिया पर रिएक्शंस: ट्रोल vs डिफेंस
क्लिप वायरल होते ही X (ट्विटर) पर #TinaDabi ट्रेंड करने लगा। क्रिटिसिज्म:
- “UPSC टॉपर IAS तीना डाबी जी बारमेर कलेक्ट्रेट पर। कैजुअल सलामी, झंडे की दिशा भूल गईं।”
- “लूज़ सलामी, नेशनल इवेंट पर शेमलेस।”
- “18 घंटे पढ़ाई के बाद बेसिक्स भूल गईं।”
डिफेंस:
- “प्रेशर में ह्यूमन एरर, सिक्योरिटी ने ठीक किया।”
- “ओवररिएक्शन, छोटी सी गलती।”
कई यूजर्स ने नेपोटिज्म का एंगल लिया – “SC कैटेगरी में AIR 1, पापा IAS, मम्मी IES।” लेकिन ज्यादातर ने इसे माइनर स्लिप कहा।
तीना डाबी का जवाब: “अनजाने में हुई भूल”
ABP न्यूज को दिए बयान में तीना ने कहा, “ये पूरी तरह अनइंटेंशनल था। टाइट शेड्यूल में मोमेंटरी कन्फ्यूजन हुआ। तुरंत नोटिस हो गया और सुधार लिया।” उन्होंने जोर दिया कि कोई डिसरिस्पेक्ट नहीं था। एडमिन सर्कल्स ने इसे इग्नोर किया – “माइनर स्लिप, इवेंट स्मूथ चला।”
तीना डाबी कौन हैं? UPSC टॉपर से बारमेर कलेक्टर
तीना डाबी 2015 UPSC CSE में AIR 1 रहीं (SC कैटेगरी)। पहली अटेम्प्ट में टॉप। दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज ग्रेजुएट। माता‑पिता दोनों सीनियर ऑफिसर्स – पिता जस्वंत सिंह डाबी IES (सर्विंग), मां हिमानी डाबी पूर्व IES।
करियर:
- ज्वाइनिंग के बाद जयपुर कलेक्टर।
- अजमेर, जालौर, डूंगरपुर DM।
- 2025 में बारमेर कलेक्टर।
अथर आमिर खान (AIR 2, 2015) से शादी की, लेकिन डिवोर्स हो चुका।
सलामी प्रोटोकॉल: क्या कहते हैं नियम?
रिपब्लिक डे पर फ्लैग होइस्टिंग के समय सलामी झंडे की दिशा में होनी चाहिए। DM/कलेक्टर प्रिसाइडिंग ऑफिसर होते हैं। गलती होने पर तुरंत सुधारना ठीक। IAS ट्रेनिंग में प्रोटोकॉल सिखाया जाता है, लेकिन लाइव इवेंट में प्रेशर रहता है।
पिछले कंट्रोवर्सीज़
तीना पहले भी लाइमलाइट में रहीं:
- फीस हाइक प्रोटेस्ट में “रील स्टार” कमेंट।
- सोशल मीडिया पोस्ट्स पर डिबेट।
- नेपोटिज्म एंगल।
लेकिन हर बार प्रोफेशनल तरीके से हैंडल किया।
सोशल मीडिया सेंटिमेंट
| रिएक्शन टाइप | % (अनुमानित) | उदाहरण |
|---|---|---|
| क्रिटिसिज्म | 50% | “प्रोटोकॉल ब्रेक” |
| डिफेंस | 30% | “ह्यूमन एरर” |
| न्यूट्रल/मेम्स | 20% | जोक्स |
बारमेर एडमिन का रोल
बारमेर में तीना ने वाटर क्राइसिस, बॉर्डर सिक्योरिटी पर काम किया। R-Day इवेंट सफल रहा।
क्या ये ओवररिएक्शन?
एक्सपर्ट्स कहते हैं – छोटी गलती को बढ़ा‑चढ़ाकर पेश करना IAS अफसरों पर अनावश्यक प्रेशर। सिक्योरिटी ने सही किया। तीना जैसी टॉपर को ऐसे ट्रोलिंग से बचना चाहिए।
UPSC टॉपर्स की चुनौतियाँ
5 FAQs
- प्रश्न: तीना डाबी का वीडियो क्यों वायरल हुआ?
उत्तर: गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के बाद गलत दिशा में सलामी। सिक्योरिटी ने इशारा कर सुधारा। - प्रश्न: तीना ने क्या जवाब दिया?
उत्तर: “अनइंटेंशनल, टाइट शेड्यूल में कन्फ्यूजन। तुरंत सुधार लिया।” - प्रश्न: सोशल मीडिया पर क्या रिएक्शन?
उत्तर: आधे ने प्रोटोकॉल वायलेशन कहा, बाकी ने ह्यूमन एरर बताया। - प्रश्न: तीना डाबी कौन हैं?
उत्तर: 2015 UPSC AIR 1 (SC), बारमेर DM। पिता IAS, मां IES। - प्रश्न: सलामी प्रोटोकॉल क्या?
उत्तर: झंडे की दिशा में सलामी। गलती सुधारना ठीक।
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