बेंगलुरु कोरमंगला RTO के निसार अहमद ने गुजरात के 41 हैवी वाहनों को बिना जांच फिटनेस सर्टिफिकेट दिए। गुजरात टोल डेटा ने पकड़ा- वही दिन गुजरात हाईवे पर थे। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने 20 जनवरी को सस्पेंड। रैकेट उजागर।
फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट रैकेट: कर्नाटक अधिकारी ने गुजरात वाहनों को बिना देखे पास किया
कर्नाटक RTO घोटाला: गुजरात के 41 वाहन बिना आए बेंगलुरु से फिटनेस सर्टिफिकेट ले आए, अधिकारी सस्पेंड
कर्नाटक ट्रांसपोर्ट विभाग ने बेंगलुरु के कोरमंगला RTO के सीनियर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर निसार अहमद को सस्पेंड कर दिया। अप्रैल-सितंबर 2025 में गुजरात रजिस्टर्ड 41 हैवी मोटर व्हीकल्स को उन्होंने बिना फिजिकल जांच फॉर्म 38(A) के तहत फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए। गुजरात ट्रांसपोर्ट का ई-डिटेक्शन पोर्टल पकड़ लाया जब टोल प्लाजा डेटा दिखाया- वही वाहन उसी दिन गुजरात के भरथना, रोहिसा, समखियाली, मोखा, नागेश्री, बागोदरा, वसाद, वडोदरा, मांडवा टोल पर रिकॉर्ड हुए। बेंगलुरु से 1800-2000 किमी दूर!
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर योगीश AM ने 20 जनवरी 2026 को सस्पेंड ऑर्डर जारी किया। गुजरात का 29 दिसंबर 2025 लेटर आया तो जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बेंगलुरु अर्बन ने VAHAN 4.0 से वेरीफाई किया। रिपोर्ट कन्फर्म- कोई फिजिकल इंस्पेक्शन नहीं। मोटर व्हीकल एक्ट-रूल्स का उल्लंघन। निसार का लियन नेलमंगला RTO ट्रांसफर, सब्सिस्टेंस अलाउंस 50%। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर रामलिंगा रेड्डी ने हरी झंडी दी।
गुजरात ने कैसे पकड़ा? व्हीकल ई-डिटेक्शन पोर्टल ने फिटनेस अपडेट देखा। टोल डेटा से साबित- इंस्पेक्शन डेट पर वाहन गुजरात हाईवे पर। कर्नाटक RTO को लेटर। कमिश्नर ने इंक्वायरी ऑर्डर दी। सोर्सेज बोले- प्रति वाहन 20,000 रिश्वत। बेंगलुरु सेंट्रल RTO में रैकेट। सेफ्टी रिस्क- खराब ट्रक हाईवे पर दौड़ते। पैसेंजर्स खतरे में।
फिटनेस सर्टिफिकेट क्या? हर 2 साल में रिन्यूअल जरूरी। ब्रेक्स, टायर्स, लाइट्स, एमिशन चेक। MVI रिजेक्ट/रेक्टिफाई/कैंसल कर सकता। केंद्रीय नियम- कहीं भी FC मिल सकता लेकिन फिजिकल चेक मैंडेटरी। ये केस ‘रिमोट क्लीयरेंस’। गुजरात कमिश्नर को ‘एम्बैरसमेंट’ लगा।
कर्नाटक के नए नियम (21 जनवरी 2026)
- इंस्पेक्शन सिर्फ डेजिग्नेटेड लोकेशन पर।
- नंबर प्लेट वाली फोटो लें (डेट, टाइम, GPS के साथ)।
- M-फिटनेस ऐप 2 फरवरी से- जियो-फेंस्ड।
- अन्य RTO चेकिंग चल रही।
FC फ्रॉड के आंकड़े
| राज्य | केस | निलंबित अधिकारी | रिश्वत रेंज |
|---|---|---|---|
| कर्नाटक | 41 वाहन | 1 (निसार अहमद) | 20,000/वाहन |
| महाराष्ट्र | 25+ ट्रक | जांच जारी | 15-25K |
| तमिलनाडु | 18 | 2 सस्पेंड | अनजान |
सेफ्टी रिस्क क्यों?
- ब्रेक फेल ट्रक हाईवे पर।
- ओवरलोडेड कंटेनर।
- एमिशन हाई, प्रदूषण।
- एक्सीडेंट रिस्क 3 गुना।
NHAI डेटा- 30% कमर्शियल व्हीकल्स अनफिट।
अधिकारी पर चार्ज
- मोटर व्हीकल एक्ट सेक्शन 52-54 वायलेशन।
- ड्यूटी में लापरवाही।
- इनक्वायरी में इंटरफेयर संभव।
विभागीय जांच, कोर्ट केस हो सकता।
रैकेट कैसे चलता?
कमिश्नर योगीश का बयान
‘कहीं भी FC मिल सकता लेकिन चेक जरूरी। ये नहीं हुआ। अन्य RTO देख रहे।’
मिनिस्टर रेड्डी का एक्शन
ट्रांसपोर्टरों का रिएक्शन
भविष्य के कदम
ये मामला पूरे देश के लिए चेतावनी। टेक्नोलॉजी ने भ्रष्टाचार पकड़ा। सेफ्टी पहले। रोड पर जान बचानी है।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- कितने गुजरात वाहनों को फर्जी FC मिला?
41 हैवी मोटर व्हीकल्स, अप्रैल-सितंबर 2025 में। - कैसे पकड़ा गया?
गुजरात ई-डिटेक्शन+टोल डेटा। इंस्पेक्शन दिन गुजरात टोल पर रिकॉर्ड। - कौन सस्पेंड हुआ?
निसार अहमद, कोरमंगला RTO सीनियर MVI। - नए नियम क्या?
GPS फोटो, डेजिग्नेटेड साइट, M-फिटनेस ऐप। - रिश्वत कितनी?
20,000 रुपये प्रति वाहन (सोर्सेज)।
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