सुधा मूर्ति ने दी चेतावनी- उनके डीपफेक वीडियो से निवेश स्कैम चल रहा। कई लोग फंसकर पैसे गंवा चुके। फेसबुक पर वायरल फर्जी वीडियो न देखें, सावधान रहें।
सुधा मूर्ति का अलर्ट: फेसबुक पर मेरी आवाज सुनकर निवेश न करें, भारी नुकसान होगा
सुधा मूर्ति का डीपफेक अलर्ट: फर्जी निवेश वीडियो से लोग पैसे गंवा रहे, बचने के उपाय
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा जाल फैल रहा है, जो लोगों के लाखों रुपये निगल रहा। बात हो रही है राज्यसभा सांसद और इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति के नाम से चल रहे फर्जी वीडियो की। ये वीडियो एआई की मदद से बनाए गए हैं, जिनमें सुधा जी को दिखाया जाता है कि वो किसी निवेश स्कीम की तारीफ कर रही हैं। वीडियो में वो कहती नजर आती हैं- 20 हजार लगाओ, 10 लाख महीने कमाओ। लेकिन हकीकत ये है कि ये सब झूठा है। सुधा मूर्ति ने खुद एक्स पर वीडियो डालकर अलर्ट किया है।
सुधा जी ने कहा, ‘मैं आपको फर्जी वीडियो के बारे में चेतावनी देना चाहती हूं, जो मेरी तस्वीर और आवाज का गलत इस्तेमाल करके निवेश स्कीम बता रहे। ये डीपफेक हैं, मेरी जानकारी के बिना बनाए गए। कृपया इन पर भरोसा न करें।’ उन्होंने बताया कि उनके जानने वाले कई लोग इन वीडियो को सच मानकर निवेश कर चुके और उनका पैसा डूब गया। फेसबुक पर ये सबसे ज्यादा वायरल हो रहे। वीडियो में लिंक होता है, जो फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है। वहां पर्सनल डिटेल्स मांगते हैं और डेटा चुरा लेते हैं।
ये पहली बार नहीं। पिछले महीने भी सुधा मूर्ति का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें ‘क्वांटम एआई इंडिया’ नाम की स्कीम दिखाई गई। वीडियो में सुधा जी भिड़ में खड़ी होकर कह रही थीं- रजिस्ट्रेशन बंद होने वाला है, जल्दी लिंक पर क्लिक करो। लोग फंस गए। पुणे का एक 59 साल का शख्स इंस्टाग्राम पर ऐसा ऐड देखकर 21 हजार लगाया, 43 लाख गंवा दिया। फरवरी में भी ऐसा ही एक वीडियो आया था। सुधा जी ने साफ कहा- मैं कभी निवेश की बात नहीं करती। मैं काम, संस्कृति, महिलाओं और शिक्षा पर बोलती हूं।
डीपफेक क्या होता है? ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वो तकनीक है, जो किसी की फोटो, वीडियो या आवाज को कॉपी करके नया कंटेंट बना देती। चेहरा बदलना, आवाज क्लोन करना आसान हो गया। स्कैमर इसका फायदा उठाते हैं। मशहूर लोगों का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि लोग उन पर भरोसा करते। सुधा मूर्ति जैसी नेकदिल शख्सियत पर भरोसा तो सब करता ही। लेकिन ये ठगों का हथियार बन गया। साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स कहते हैं कि भारत में 2025 में डीपफेक स्कैम से 500 करोड़ का नुकसान हुआ।
ऐसे फर्जी वीडियो की पहचान कैसे करें?
- आवाज में हल्की बेचैनी या रोबोट जैसा लहजा।
- होंठ और शब्द सही से मैच न करें।
- बैकग्राउंड या लाइटिंग अस्वाभाविक।
- बहुत ज्यादा रिटर्न का वादा- 10 गुना, 30 गुना प्रॉफिट।
- जल्दी रजिस्टर करो का दबाव।
- अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड।
अगर शक हो तो फैक्ट चेक साइट्स जैसे गूगल रिवर्स इमेज सर्च या ट्रू कॉलर यूज करें। सुधा जी ने भी कहा- आधिकारिक चैनल से ही वेरिफाई करें।
सुधा मूर्ति कौन हैं, ये बताने की जरूरत नहीं। नारायण मूर्ति की पत्नी, इंफोसिस की सफलता की पार्टनर। लेखिका, समाजसेवी। उनकी किताबें लाखों को प्रेरित करती हैं। लेकिन ठग उनके नाम का दुरुपयोग कर रहे। ये सिर्फ सुधा जी की नहीं, हर उस शख्स की समस्या है जो पब्लिक फिगर है। अमिताभ बच्चन से लेकर रतन टाटा तक, सबके डीपफेक बने। सरकार ने डीपफेक पर सख्ती शुरू की है। आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो रही। लेकिन जागरूकता सबसे बड़ा हथियार।
निवेश कैसे करें सेफ?
सुधा जी ने सलाह दी- बैंक या रजिस्टर्ड एडवाइजर से ही बात करें।
- म्यूचुअल फंड: एसआईपी से शुरू करें, 12-15% औसत रिटर्न।
- पीपीएफ, एफडी: सेफ, गारंटीड।
- स्टॉक: खुद रिसर्च करें या सेबी रजिस्टर्ड ब्रोकर।
कभी सोशल मीडिया टिप्स पर न जाएं। आरबीआई वार्निंग जारी करता रहता। 2026 में साइबर फ्रॉड 30% बढ़े।
डीपफेक का इतिहास
- 2017: पहला वायरल डीपफेक पॉर्न वीडियो।
- 2020: अमेरिका चुनाव में इस्तेमाल।
- 2023: भारत में सेलिब्रिटी ऐड्स।
- 2025: निवेश स्कैम बूम।
एआई टूल्स जैसे मिडजर्नी, स्टेबल डिफ्यूजन ने इसे आसान बना दिया। फ्री ऐप्स में 5 मिनट में वीडियो तैयार।
भारत में साइबर क्राइम आंकड़े
| साल | डीपफेक शिकायतें | नुकसान (करोड़) | प्लेटफॉर्म |
|---|---|---|---|
| 2024 | 1500 | 200 | फेसबुक, यूट्यूब |
| 2025 | 5000 | 500 | फेसबुक, व्हाट्सएप |
| 2026 | 10,000+ | 1000+ | सभी सोशल मीडिया |
प्रसिद्ध डीपफेक केस
- पुणे का शख्स: 43 लाख गंवाया।
- रणवीर सिंह: ऐड में दिखा।
- कंगना रनौत: पॉलिटिकल वीडियो।
- विद्या बालन: निवेश ऐड।
हर बार लोग फंसते।
कानूनी कदम
- आईटी रूल्स 2021: डिजिटल प्लेटफॉर्म जवाबदेह।
- आईपीसी 420: धोखाधड़ी।
- नई डीपफेक पॉलिसी 2026: एआई वॉटरमार्क जरूरी।
पुलिस हेल्पलाइन 1930 डायल करें।
बचाव के टिप्स
- अनजान लिंक न खोलें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यूज करें।
- फैमिली ग्रुप में शेयर न करें।
- एंटीवायरस अपडेट रखें।
- बच्चों को सिखाएं।
सुधा मूर्ति का मैसेज साफ है- सावधान रहें, जय हिंद। ये स्कैम सिर्फ पैसा नहीं, भरोसा भी चुराते। समाज को एकजुट होना होगा। एआई का फायदा लें, लेकिन नुकसान से बचें। निवेश सोच-समझकर करें।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- सुधा मूर्ति सच में निवेश की सलाह देती हैं?
नहीं, वो कभी निवेश या पैसे की बात नहीं करतीं। वो संस्कृति, शिक्षा पर बोलती हैं। फर्जी वीडियो डीपफेक हैं। - डीपफेक वीडियो की पहचान कैसे करें?
आवाज अस्वाभाविक, होंठ मैच न करें, ज्यादा प्रॉफिट वादा। रिवर्स सर्च करें। - फर्जी वीडियो देखकर क्या करें?
रिपोर्ट करें प्लेटफॉर्म पर। 1930 पर कॉल। पैसे न लगाएं। - भारत में डीपफेक स्कैम कितना बढ़ा?
2025 में 500 करोड़ नुकसान। 2026 में दोगुना। फेसबुक सबसे ज्यादा। - सेफ निवेश क्या है?
बैंक एफडी, म्यूचुअल फंड एसआईपी, सेबी रजिस्टर्ड। सोशल मीडिया से दूर।
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