पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने लोकसभा से हटाए जाने को साजिश बताया। जिंदा रहे तो वापसी का ऐलान। राम मंदिर में असली कारसेवकों को न बुलाने पर दुख। कैसरगंज से फिर चुनाव लड़ने को तैयार।
बृजभूषण का वादा: बीजेपी टिकट हो या न हो, लोकसभा में लौटूंगा – साजिश का खुलासा!
बृजभूषण शरण सिंह का धमाकेदार बयान: लोकसभा से साजिश से निकाला, जिंदा रहा तो लौटूंगा
1 जनवरी 2026 को पूर्व कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उन्हें लोकसभा से जनता ने नहीं, बल्कि साजिश के तहत हटाया गया। उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले बेइज्जती करके निकाला गया। उन्होंने कहा, “अगर जिंदा रहा तो लोकसभा में एक बार जरूर जाऊंगा। अपमान का घाव भरूंगा।” ये बयान उनकी राजनीतिक वापसी का संकेत देता है।
गोंडा में चैनल से बातचीत में बृजभूषण ने कहा कि कहां से लड़ेंगे ये जनता तय करेगी। कोशिश रहेगी बीजेपी टिकट से ही। अगर पार्टी बेटे करण भूषण को दे तो वो भी ठीक, लेकिन खुद लड़ने का मन है। 2024 में बीजेपी ने उन्हें टिकट न देकर बेटे को कैसरगंज से उतारा था, जो जीत गया।
राम मंदिर विवाद: असली कारसेवकों को क्यों भुलाया?
बृजभूषण ने राम जन्मभूमि आंदोलन में अपने योगदान पर दुख जताया। कहा कि सीनियर नेता होने के बावजूद राम मंदिर उद्घाटन का न्योता नहीं मिला। दूसरी बार आया तो स्वाभिमान से मना कर दिया। “जिनका कोई योगदान नहीं, उन्हें बुलाया और असली कारसेवकों को नजरअंदाज किया। ये धोखा था। राम लला दर्शन आम आदमी की तरह लाइन में करूंगा।”
वे राम आंदोलन के पुराने कारसेवक रहे। लेकिन वर्तमान ट्रस्ट प्रबंधन पर सवाल। रामानंदी अखाड़ों और ट्रस्ट के बीच नियंत्रण विवाद भी रहा।
पृष्ठभूमि: कुश्ती विवाद से राजनीतिक संकट
2023 में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक जैसे पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। WFI चीफ रहते जनतार-मंतर पर धरना। दिल्ली पुलिस ने POCSO केस दर्ज किया, लेकिन माइनर वाली शिकायत में फादर ने फर्जी बताया। कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की। अन्य केस में चालान, लेकिन दोषी साबित नहीं।
इस विवाद से BJP पर दबाव। 2024 लोकसभा में कैसरगंज से बेटे करण को टिकट दिया। बृजभूषण ने कहा, “विपक्ष ने साजिश रची।” अखिलेश यादव ने उनका साथ दिया, जिसका एहसानमंद।
कैसरगंज का राजनीतिक इतिहास
कैसरगंज गोंडा जिले का हिस्सा, ठाकुर बहुल। बृजभूषण 6 बार सांसद: 1991 SP, फिर BJP से 1996-2019। 2024 में बेटा जीता। क्षेत्र में उनकी मसल पावर, विकास कार्यों से पकड़। ठाकुर वोट बैंक (7% UP) में प्रभाव।
| चुनाव वर्ष | उम्मीदवार | पार्टी | वोट शेयर (%) | परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| 2019 | बृजभूषण | BJP | 57 | जीत |
| 2024 | करण भूषण | BJP | 52 | जीत |
| 2029? | बृजभूषण/परिवार | BJP? | ? | लक्ष्य |
बीजेपी पर दबाव: ठाकुर वोट
2024 में BJP ने टिकट न देकर ठाकुरों में नाराजगी रोकी। लेकिन पृज्वल रेवन्ना केस जैसी घटनाओं से विपक्ष ने हमला बोला। बृजभूषण ठाकुर लीडर, उनकी अनदेखी से वेस्ट UP ठाकुर वोट प्रभावित।
अब क्या?
बृजभूषण ने राहुल गांधी पर सेना-सनातन बयानों का तंज कसा। कहा, लखनऊ में विधायक आज भी अफसरों के पैर पकड़ते। गोंडा में शक्ति प्रदर्शन। अगर 2029 में BJP टिकट दी तो ठाकुर एकजुट। वरना इंडिपेंडेंट या अन्य। बेटा करण ने कहा, पिता संग संसद जाऊंगा।
राजनीतिक विश्लेषण
ये बयान BJP हाईकमान को संदेश। राम मंदिर मुद्दा हिंदुत्व वोटरों को लामबंद। कुश्ती केस खत्म होने से कानूनी बाधा कम। लेकिन पार्टी इमेज का सवाल। विपक्ष इसे अवसर।
5 FAQs
- बृजभूषण सिंह लोकसभा से क्यों हटे?
उन्होंने साजिश बताया। 2024 चुनाव में BJP ने टिकट न देकर बेटे को दिया। - राम मंदिर पर उनका क्या कहना?
असली कारसेवकों को न बुलाने पर दुख। स्वाभिमान से न्योता ठुकराया। - क्या वे फिर चुनाव लड़ेंगे?
हां, जिंदा रहे तो लोकसभा लौटेंगे। BJP टिकट प्राथमिकता। - कुश्ती विवाद का क्या हुआ?
POCSO केस क्लोजर, अन्य में ट्रायल लेकिन निर्दोष। - कैसरगंज में उनका प्रभाव?
6 बार सांसद, ठाकुर लीडर। बेटा 2024 जीता।
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