लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ऐलान किया- बजट सत्र से सांसदों की हाजिरी सिर्फ सदन की अपनी सीट से लगेगी। लॉबी सिस्टम खत्म। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। 28 जनवरी से शुरू सत्र।
लोकसभा स्पीकर का नया फॉर्मूला: लॉबी में हाजिरी बंद, अब असली बहस सुनें सांसद!
लोकसभा में हाजिरी का नया नियम: बजट सत्र से सांसद सिर्फ अपनी सीट पर बैठकर देंगे हाजिरा
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद की कार्यवाही को और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब से सांसदों की उपस्थिति सिर्फ तभी दर्ज होगी जब वो सदन के अंदर अपनी निर्धारित सीट पर बैठे होंगे। पहले लॉबी में टैबलेट पर डिजिटल पेन से हाजिरी लगा ली जाती थी, वो सुविधा बंद। ये नियम आगामी बजट सत्र से लागू होगा, जो 28 जनवरी 2026 को शुरू होकर 1 फरवरी को आम बजट के साथ चलेगा। बिरला ने 86वीं अखिल भारतीय सदन अध्यक्ष सम्मेलन के साइडलाइन पर मीडिया को ये जानकारी दी।
ये बदलाव क्यों जरूरी था? संसद में अक्सर देखा जाता था कि सांसद हाजिरी तो लगा लेते, लेकिन बहस सुनते बिना चले जाते। लॉबी में भीड़ लग जाती, झगड़ा होता। स्पीकर का कहना है कि हाजिरी असल में सदन की कार्यवाही में भागीदारी दिखाए। अब हर सीट पर मल्टीमीडिया कंसोल लगे हैं। सांसद स्मार्ट कार्ड, अंगूठे का निशान या पिन डालकर हाजिरी दर्ज कर सकेंगे। सदन स्थगित होने के बाद भी नहीं लगेगी, चाहे हंगामे की वजह से ही क्यों न हो। मंत्रियों और विपक्ष के नेता को छूट है।
बिरला ने कहा कि ये कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगा। सांसदों को रोज सुबह से सदन में रहना पड़ेगा। दैनिक भत्ता भी इसी पर निर्भर होगा। पहले पेपरलेस संसद की दिशा में डिजिटल पेन शुरू हुआ था, अब सीट बेस्ड सिस्टम। एआई टूल्स का भी ट्रायल चल रहा। रीयल टाइम ट्रांसलेशन टेस्ट हो रहा, जल्द सभी मीटिंग्स में। 24×7 रिसर्च सपोर्ट भी मिलेगा- पेपर, डेटा तुरंत। ये सब संसदीय उत्पादकता बढ़ाने को।
संसद सत्रों की संख्या घट रही, ये चिंता का विषय। राज्य विधानसभाओं में भी कम बैठकें। बिरला ने कहा संस्थाओं को मजबूत करना जरूरी। न्यूनतम सत्र दिवसों पर चर्चा हुई। सदन चलाने की जिम्मेदारी स्पीकर की, लेकिन सरकार और सांसदों का सहयोग चाहिए। सदन में हंगामा कम हो, बहस बढ़े। ये नियम उसी दिशा में। कई सांसदों ने स्वागत किया, बोले संसद की गरिमा बढ़ेगी।
पुराना सिस्टम कैसा था? 2017 से लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक हाजिरी शुरू हुई। लॉबी में टैबलेट, डिजिटल पेन। सुविधाजनक लेकिन दुरुपयोग। सांसद आते, साइन करते, चाय पीते चले जाते। औसत उपस्थिति 70-80% रहती। विपक्ष वाले कम आते दिखते। अब सीट से सिस्टम बदलेगा। थंब इम्प्रेशन से फ्रॉड रुकेगा। मैनुअल वेरिफिकेशन भी रहेगा। बजट सत्र में टेस्ट होगा।
लोकसभा के आंकड़े देखिए। 543 सदस्य। पिछले सत्रों में औसत 75% उपस्थिति। स्पीकर चाहते हैं 90% तक ले जाएं। ये नियम प्रोत्साहन देगा। सांसदों को बहस में बोलना पड़ेगा। प्रश्नकाल, जीडी पर फोकस। आम आदमी का पैसा सदन में खर्च होता है, वो देखना चाहता है काम। हंगामा कम, काम ज्यादा।
ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देशों में भी सख्त नियम। वहां बायोमेट्रिक या कार्ड सिस्टम। भारत अब पकड़ रहा। नया संसद भवन डिजिटल है। कंसोल हर सीट पर। एआई से स्पीच एनालिसिस, ट्रांसलेशन। रिसर्च यूनिट 24×7। सांसदों को डेटा मिलेगा, बेहतर बहस होगी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- लोकसभा में नई हाजिरी कब से शुरू?
बजट सत्र से, 28 जनवरी 2026। सिर्फ सीट से। - हाजिरी कैसे लगेगी?
थंब इम्प्रेशन, स्मार्ट कार्ड या पिन से कंसोल पर। - लॉबी सिस्टम क्यों बंद?
दुरुपयोग रुकाने, असल भागीदारी सुनिश्चित करने को। - स्थगित सदन में हाजिरी लगेगी?
नहीं, चाहे हंगामा हो। - स्पीकर को छूट?
मंत्रियों, विपक्ष नेता को। बाकी सबको अनिवार्य।
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