भारत ने अमेरिका को 800-1600cc हॉर्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर जीरो टैरिफ, लग्जरी कारों पर चरणबद्ध कटौती का ऑफर दिया। EV मोटरसाइकिल बाहर। US ट्रेड डील का पूरा डिटेल, हॉर्ले को फायदा, ऑटो इंडस्ट्री पर असर, EV पॉलिसी और आगे की बातचीत।
800-1600cc बाइक्स फ्री, लेकिन EV मोटरसाइकिल्स पर टैक्स: US ट्रेड डील का पूरा गणित क्या है
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: हॉर्ले डेविडसन पर जीरो टैरिफ, लग्जरी कारें सस्ती लेकिन EV बाहर
भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। भारत ने अमेरिकी कंपनियों को 800 से 1600 सीसी वाली हॉर्ले डेविडसन मोटरसाइकिलों पर जीरो टैरिफ यानी शून्य आयात शुल्क का ऑफर दिया है। इसके साथ ही 3000 सीसी से ऊपर की लग्जरी कारों पर चरणबद्ध रूप से ड्यूटी कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। यह डील अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय और भारत के वाणिज्य मंत्रालय के बीच कई दौर की बातचीत का नतीजा है। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों यानी EV मोटरसाइकिलों को इस छूट से बाहर रखा गया है। हॉर्ले डेविडसन जैसी अमेरिकी बाइक कंपनियों के लिए यह एक बड़ा बाजार खुलने जैसा है क्योंकि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दोपहिया बाजार है। लग्जरी कार आयातकों को भी चरणबद्ध राहत मिलेगी लेकिन EV सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए टैरिफ वैसे ही रहेंगे।
हॉर्ले डेविडसन को जीरो टैरिफ: 800-1600cc बाइक्स का बाजार खुल जाएगा
हॉर्ले डेविडसन अमेरिका की आइकॉनिक बाइक ब्रांड है और भारत में इसके 500cc से ऊपर के मॉडल्स पर अभी 50 से 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है। नई डील के तहत 800cc से 1600cc वाली मोटरसाइकिलों पर तुरंत शून्य टैरिफ लागू हो जाएगा। इसका मतलब ये मॉडल्स भारत में काफी सस्ते हो जाएंगे और मिडिल-अपर क्लास बाइक प्रेमियों के लिए आकर्षक बनेंगे। हॉर्ले के पॉपुलर मॉडल्स जैसे स्ट्रीट ग्लाइड, रोड ग्लाइड और सॉफ्टेल जैसे 800-1600cc रेंज में आते हैं। भारत में प्रीमियम बाइक सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और हॉर्ले की फैक्ट्री गुड़गांव में है लेकिन बड़े इंजन वाले मॉडल अभी भी आयात होते हैं। जीरो टैरिफ से इनकी कीमत में 30-40 प्रतिशत तक कटौती संभव है जिससे सेल्स बूस्ट होगा। अमेरिकी कंपनियों को भारत का विशाल बाजार मिलेगा और ट्रेड बैलेंस बेहतर होगा।
लग्जरी कारों पर चरणबद्ध ड्यूटी कटौती: BMW मर्सिडीज़ को फायदा लेकिन धीरे-धीरे
लग्जरी कारों के मामले में भारत ने 3000cc से ऊपर के इंजन वाली कारों पर फिलहाल 100 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगाने के बजाय चरणबद्ध कटौती का ऑफर दिया है। पहले साल 60 प्रतिशत, दूसरे साल 40 प्रतिशत और तीसरे साल 20 प्रतिशत तक ड्यूटी कम हो सकती है। ये कारें BMW मर्सिडीज़ ऑडी जगुआर जैसी ब्रांड्स की हैं जो अमेरिका से आयात होती हैं। भारत में लग्जरी कार मार्केट सालाना 20 प्रतिशत बढ़ रहा है लेकिन ऊँचे टैरिफ से कीमतें आसमान छूती हैं। चरणबद्ध कटौती से आयातक खुश होंगे लेकिन ये तुरंत नहीं बल्कि 3-5 सालों में होगा। इसका मकसद घरेलू ऑटोमेकर्स को समय देना है ताकि वे भी लग्जरी सेगमेंट में निवेश करें। अमेरिका को निर्यात बढ़ाने का मौका मिलेगा लेकिन भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग को प्रोटेक्ट करेगा।
EV मोटरसाइकिल्स को क्यों छोड़ा गया: भारत की EV पॉलिसी का हिस्सा
सबसे बड़ा सवाल ये है कि EV मोटरसाइकिल्स पर कोई छूट क्यों नहीं दी गई। भारत सरकार ने साफ किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ऊँचे टैरिफ ही रखे जाएंगे ताकि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन मिले। FAME योजना PLI स्कीम और 30 प्रतिशत EV टारगेट 2030 के तहत घरेलू उत्पादन को बूस्ट करना प्राथमिकता है। हार्ले जैसी कंपनियों के EV मॉडल्स लाइववायर पर अभी 100 प्रतिशत ड्यूटी रहेगी। इससे Hero Ola Electric TVS जैसे भारतीय ब्रांड्स को फायदा होगा। अमेरिका को भी भारत के EV मार्केट में निवेश करने का मौक़ा मिलेगा। EV बाहर रखने से डील बैलेंस्ड बनी क्योंकि भारत का EV फोकस घरेलू है।
भारत-US ट्रेड डील का बैकग्राउंड और आगे की बातचीत
ये ऑफर ट्रंप प्रशासन के साथ चल रही द्विपक्षीय ट्रेड नेगोशिएशंस का हिस्सा है। भारत-अमेरिका ट्रेड 200 बिलियन डॉलर का है लेकिन टैरिफ बैरियर्स से असंतुलन है। अमेरिका डेयरी फ्रूट्स और बाइक्स पर शिकायत करता रहा। भारत फार्मा IT सर्विसेज पर। ये कदम मिनी ट्रेड डील का हिस्सा लगता है। आगे कृषि प्रोडक्ट्स टेक्सटाइल्स और डिजिटल ट्रेड पर बात होगी। हॉर्ले डेविडसन ने भारत में 2024 में 15 हजार बाइक्स बेचीं जीरो टैरिफ से डबल हो सकती हैं। ऑटो सेक्टर को बूस्ट मिलेगा लेकिन लोकल जॉब्स प्रोटेक्टेड रहेंगे।
ऑटो इंडस्ट्री पर असर: हॉर्ले खुश, लोकल मेकर्स सतर्क
हॉर्ले डेविडसन के भारत हेड ने इसे गेम चेंजर बताया। प्रीमियम बाइक सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड ट्रायम्फ के साथ कॉम्पिटिशन बढ़ेगा। लग्जरी कार डीलर्स BMW मर्सिडीज़ खुश लेकिन चरणबद्ध होने से धैर्य रखना पड़ेगा। EV कंपनियों को राहत नहीं लेकिन PLI से सपोर्ट। SIAM ने वेलकम किया लेकिन मैन्युफैक्चरिंग कंडीशंस पर ज़ोर दिया। कुल मिलाकर ऑटो एक्सपोर्टर्स को फायदा लेकिन इंपोर्टर्स सतर्क। ट्रेड डील से दोनों देशों का फायदा होगा।
5 FAQs
प्रश्न 1: भारत ने अमेरिका को कौन सी छूट दी है?
उत्तर: भारत ने 800-1600cc हॉर्ले डेविडसन मोटरसाइकिलों पर जीरो टैरिफ का ऑफर दिया है। 3000cc से ऊपर लग्जरी कारों पर चरणबद्ध ड्यूटी कटौती। EV मोटरसाइकिल बाहर। ये द्विपक्षीय ट्रेड डील का हिस्सा।
प्रश्न 2: लग्जरी कारों पर ड्यूटी कटौती कैसी होगी?
उत्तर: फिलहाल 100 प्रतिशत ड्यूटी पर पहले साल 60 दूसरे 40 तीसरे 20 प्रतिशत तक कम। BMW मर्सिडीज़ जैसी कारें सस्ती होंगी लेकिन 3-5 साल लगेंगे।
प्रश्न 3: EV मोटरसाइकिल्स को छूट क्यों नहीं?
उत्तर: भारत EV मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहता। FAME PLI से लोकल प्रोडक्शन। हार्ले लाइववायर पर 100 प्रतिशत ड्यूटी रहेगी।
प्रश्न 4: हॉर्ले डेविडसन को कितना फायदा होगा?
उत्तर: 50-100 प्रतिशत टैरिफ हटने से कीमत 30-40 प्रतिशत कम। भारत में प्रीमियम बाइक मार्केट बूस्ट। 2024 में 15k यूनिट्स बिकीं।
प्रश्न 5: ये डील कब लागू होगी?
उत्तर: नेगोशिएशंस जारी। मिनी ट्रेड डील का हिस्सा। ट्रंप एडमिन के साथ। आगे कृषि डिजिटल ट्रेड पर बात।
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