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अमेरिका-दक्षिण कोरिया व्यापार समझौता: 15% टैरिफ के साथ नई आर्थिक रणनीति

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Donald Trumph US President
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अमेरिका और दक्षिण कोरिया का नया व्यापार समझौता: दक्षिण कोरिया पर 15% टैरिफ, अमेरिका को कोई टैरिफ नहीं, 350 अरब डॉलर निवेश शामिल।

दक्षिण कोरिया पर 15% टैरिफ, अमेरिका को फायदा: व्यापार समझौते से क्या बदलाव आएंगे?

अमेरिका-दक्षिण कोरिया व्यापार समझौते का विस्तृत विश्लेषण

समझौते का परिचय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच एक “पूर्ण और पूर्ण व्यापार समझौता” हुआ है। इस समझौते के तहत दक्षिण कोरिया से होने वाले आयातों पर 15% टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि अमेरिका से आने वाले उत्पादों पर कोई टैरिफ लागू नहीं होगा। यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय समझा जा रहा है।

15% टैरिफ से क्या होगा?

दक्षिण कोरियाई उत्पादों पर 15% टैरिफ लगाने से अमेरिका का घरेलू उद्योग संरक्षित होगा, जिससे अमेरिकी उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इस कदम से अमेरिकी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी। ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि इससे अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और विदेशी प्रतिस्पर्धा कम होगी।

$350 अरब डॉलर का निवेश

दक्षिण कोरिया इस समझौते के तहत अमेरिका में $350 अरब डॉलर का निवेश करेगा, जिसे अमेरिका के स्वामित्व और नियंत्रण में रखा जाएगा और निवेश का चुनाव ट्रम्प द्वारा किया जाएगा। यह निवेश अमेरिका की आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

LNG और ऊर्जा उत्पादों की खरीद

दक्षिण कोरिया $100 अरब डॉलर के एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) और अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमत हुआ है। यह अमेरिका की ऊर्जा निर्यात क्षमता को बढ़ावा देगा और दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को मजबूत करेगा।

राजनीतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि

यह समझौता दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति ली जे मायुंग के कार्यकाल का पहला बड़ा व्यापारिक फैसला है। इससे पहले दक्षिण कोरियाई पूर्व राष्ट्रपति युन सुक येओल का महाभियोग हुआ था और राष्ट्रपति पद पर ली जे मायुंग ने जून में पद संभाला था। यह समझौता उनके लिए एक बड़ी जीत और उनके प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने इस समझौते को अपनी प्रशासन के लिए “पहली बड़ी व्यापार चुनौती” के रूप में स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से निर्यात की अनिश्चितता समाप्त होगी और अमेरिकी बाजार में कोरियाई कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई हितों का संगम है।

अमेरिका के अन्य व्यापारिक निर्णय

ट्रम्प प्रशासन ने भारत और ब्राजील से आयातों पर भी क्रमशः 25% और 50% टैरिफ बढ़ाने की योजना बनाई है। यह कदम व्यापार संतुलन सुधारने और अमेरिकी उत्पादों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। ब्राजील पर बढ़े टैरिफ, ट्रम्प के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ ‘विच हंट’ के जवाब में है।

वैश्विक आर्थिक प्रभाव

यह समझौता अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंधों को और मजबूत करेगा। साथ ही, यह दक्षिण कोरिया की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक नई चुनौती लेकर आया है क्योंकि उसे अब अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बने रहना होगा। दूसरी ओर, अमेरिकी उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।


FAQs

1. अमेरिका-दक्षिण कोरिया व्यापार समझौते की क्या खास बातें हैं?
इसमें दक्षिण कोरिया पर 15% टैरिफ लगाया गया है जबकि अमेरिका पर कोई टैरिफ नहीं है, साथ ही $350 अरब डॉलर का निवेश भी शामिल है।

2. $350 अरब डॉलर का निवेश किस प्रकार का होगा?
यह निवेश अमेरिकी स्वामित्व और नियंत्रण में होगा और इसके चयन में अमेरिकी राष्ट्रपति की भूमिका होगी।

3. क्या यह व्यापार समझौता दक्षिण कोरियाई अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?
हां, यह कोरियाई निर्यातकों के लिए नई चुनौतियां लेकर आएगा पर प्रशासन इसे एक अवसर भी मानता है।

4. अमेरिका ने किन अन्य देशों पर टैरिफ बढ़ाए हैं?
भारत पर 25% और ब्राजील पर 50% टैरिफ बढ़ाने की योजना है।

5. इस समझौते से अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र को क्या लाभ होगा?
दक्षिण कोरिया द्वारा $100 अरब डॉलर के LNG और ऊर्जा उत्पाद खरीदने से अमेरिकी ऊर्जा निर्यात में वृद्धि होगी।

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